महिला के कपड़े उतारे, मिर्च और तारकोल लगाया, पंचायत ने दी तालिबानी सजा
तेलंगाना के जगतियाल जिले के अय्यालापुर में विवाहेतर संबंध के आरोप को लेकर महिला को कथित तौर पर अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया है.

तेलंगाना के जगतियाल जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आने का दावा किया गया है. कोरुटला मंडल के अय्यालापुर गांव में एक शादीशुदा महिला के साथ कथित तौर पर बेहद अमानवीय व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है. आरोप है कि महिला के विवाहेतर संबंध के शक को लेकर गांव के कुछ बुजुर्गों ने पारंपरिक पंचायत बुलाई और कानून को अपने हाथ में लेते हुए उसे सजा दी.
बताया जा रहा है कि कथित पंचायत के दौरान महिला के कपड़े उतार दिए गए. इसके बाद उसके शरीर पर तारकोल और मिर्च पाउडर लगाने का आरोप है. दावा किया गया है कि महिला ने इस दौरान मदद और रहम की गुहार लगाई, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसकी बात नहीं मानी. हालांकि, घटना से जुड़े कई गंभीर दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी.
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विवाहेतर संबंध के आरोप को बनाया गया सजा का आधार
रिपोर्ट के अनुसार, महिला पर एक व्यक्ति के साथ विवाहेतर संबंध होने का आरोप लगाया गया था. आरोप है कि इसी मामले को लेकर गांव के कुछ जातीय बुजुर्गों ने कानून के बजाय अपनी पंचायत में फैसला करने की कोशिश की. सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंचायत ने कथित तौर पर संबंधित महिला को ही निशाना बनाया, जबकि मामले में शामिल बताए जा रहे दोनों लोगों के खिलाफ समान तरीके से कार्रवाई नहीं की गई. कुछ स्थानीय दावों में दूसरी महिलाओं को भी इस घटना में शामिल किए जाने की बात कही गई है. इन सभी आरोपों की जांच पुलिस कर रही है.
महिला को शारीरिक और मानसिक नुकसान का दावा
कथित घटना के बाद महिला को गंभीर शारीरिक और मानसिक परेशानी होने की बात कही जा रही है. शरीर पर तारकोल और मिर्च पाउडर लगाए जाने का आरोप अपने आप में बेहद गंभीर है. यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल सामाजिक दबाव का नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य का हो सकता है. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कुछ संगठनों ने पुलिस से बिना किसी दबाव के मामले की जांच करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है.
गांव की पंचायत को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं
किसी व्यक्ति पर विवाहेतर संबंध या किसी दूसरे सामाजिक मामले का आरोप लगने पर गांव की पंचायत को शारीरिक सजा देने का अधिकार नहीं है. ऐसे विवादों में फैसला करने की जिम्मेदारी कानून और न्यायिक व्यवस्था की होती है. तेलंगाना में इससे पहले भी महिलाओं को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और मिर्च पाउडर से प्रताड़ित करने जैसे मामले सामने आ चुके हैं. जून 2024 में नागरकुरनूल जिले में एक आदिवासी महिला को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस ने कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था और आरोपियों को हिरासत में लिया गया था.
पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
अय्यालापुर मामले में पुलिस की जांच अहम होगी. जांच में यह पता लगाना होगा कि घटना में कौन-कौन लोग मौजूद थे, महिला के साथ वास्तव में क्या किया गया और कथित पंचायत में किसकी क्या भूमिका थी. अगर आरोपों की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी होगी. साथ ही पीड़िता की सुरक्षा और इलाज सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
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