कर्नाटक में हिंदुओं को बांटने के लिए सोनिया गांधी के प्लान का वायरल सच
सोशल मीडिया पर पहुंची एक चिट्ठी दावा कर रही है कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में कर्नाटक चुनाव के लिए हिंदुओं को बांटने का एक प्लान तैयार किया गया था.

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर हर रोज कई फोटो, वीडियो और मैसेज वायरल होते हैं. वायरल हो रहे इन फोटो, वीडियो और मैसेज के जरिए कई चौंकाने वाले दावे भी किए जाते हैं. ऐसा ही एक दावा सोशल मीडिया पर सनसनी बढ़ा रहा है. कर्नाटक चुनाव में तमाम राजनीतिक दांव पेंच के बाद अब ये साफ हो गया है कि राज्य में जेडीएस कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी. इस बीच सोशल मीडिया पर पहुंची एक चिट्ठी दावा कर रही है कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में कर्नाटक चुनाव के लिए हिंदुओं को बांटने का एक प्लान तैयार किया गया था.
वायरल चिट्ठी में क्या लिखा है? चिट्ठी की शुरुआत होते ही बाईं तरफ सोनिया गांधी के नाम पते का साथ 10 जुलाई 2017 तारीख लिखी है. चिट्ठी में लिखा है, ''मैडम, आपकी सलाह के मुताबिक मैंने कुछ मंत्रियों के साथ मिलकर ग्लोबल क्रिश्चियन काउंसिल और वर्ल्ड इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन से 2018 में होने वाले कर्नाटक विधानसभा को लेकर बातचीत की. हम सभी का यही मानना है कि अगर 2019 को लोकसभा चुनाव जीतना है तो कर्नाटक में आरएसएस के विस्तार पर लगाम लगानी होनी और 2018 में कर्नाटक में बीजेपी को हराना होगा. ये तभी संभव है जब मुस्लिम औऱ ईसाइयों को आस्था के आधार पर एक जुट किया जाएगा और हिंदुओं को जाति और संप्रदाय के आधार पर बांटा जाएगा.''
इस चिट्ठी में आगे बताया गया है कि हिंदुओं को बांटने के लिए प्लान कैसे तैयार हुआ. चिट्ठी में लिखा है, ''राज्यभर में लिंगायत धर्मगुरुओं के साथ बड़ी-बड़ी बैठकें होंगी जिसके बाद लिंगायत खुद को हिंदुओं से अलग धर्म और अल्पसंख्यक के तौर पर मान्यता देने की मांग करेंगे. ये आरएसएस के लिए मुसीबत खड़ी कर देगा, क्योंकि आरएसएस हिंदू राष्ट्र में यकीन करता है. अगर बीजेपी संघ के साथ जाएगी तो बीजेपी को लिंगायत वोट से हाथ धोना पड़ेगा. अगर लिंगायत संप्रदाय का 10 फीसदी वोट भी कांग्रेस को मिल जाए तो मुस्लिम, दलित, आदिवासी और ओबीसी के वोट को मिलाकर कांग्रेस आसानी से जीत जाएगी.'' वायरल दावे का सच क्या है? एबीपी न्यूज़ ने वायरल चिट्ठी की पड़ताल की. चिट्ठी में ऊपर बड़े-बड़े अक्षरों में बीएलडीई एसोसिएशन यानी बीजापुर लिंगायत डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन लिखा हुआ है. चिट्ठी में बाईं तरफ बीएलडीई एसोसिएशन का लोगो भी मौजूद था. लोगो के ठीक नीचे बीएलडीई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एमबी पाटिल का नाम लिखा हुआ है. चिट्ठी में ही पता भी मौजूद था. चिट्ठी में नीचे पता (5 अली असकर रोड, कनिंगघम क्रॉस रोड) भी लिखा था.
एबीपी न्यूज़ चिट्ठी में दिए पते पर पहुंचा, यहां बीजापुर लिंगायत डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष एमबी पाटिल नहीं बल्कि उनके बेटे बीएम पाटिल मिले. बीएम पाटिल ने बताया, ''ये झूठा लेटर हेड है, यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है.''
पड़ताल में सामने आया कि बीएलडीई एसोसिएशन का लेटर हेड और बीएलडीई एसोसिएशन के नाम से फैलाई जा रही चिट्ठी का लेटर हेड अलग-अलग है. यानि बीएलडीई एसोसिएशन की तरफ से सोनिया गांधी को इस प्रकार की कोई चिट्ठी नहीं लिखी गई है.
हमारी पड़ताल में कर्नाटक चुनाव में हिंदुओं को बांटने के लिए सोनिया गांधी के प्लान का दावा झूठा साबित हुआ है.
Source: IOCL





















