'कुछ लोग जानबूझकर जनगणना 2027 को लेकर फैला रहे भ्रम....',जानें गृह मंत्रालय ने क्यों दिया ये बयान?
22 जनवरी को केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 का नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेशन में 33 सावलों की लिस्ट को शामिल किया गया है. इनमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं.

जनगणना 2027 को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर भारत सरकार का बयान सामने आया है. सरकार की तरफ से सोशल मीडिया पर एक औपचारिक पोस्ट साझा किया गया है. इस पोस्ट को पीआईबी गृह मंत्रालय के एक्स हैंडल से शेयर किया गया है.
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा है?
इसमें कहा गया है कि जनगणना-2027 की पूरी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से 12 दिसंबर 2025 को जारी की जा चुकी है. फिर भी कुछ लोग जानबूझकर जनगणना-2027 और विशेषकर जाति गणना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि जनगणना-2027 दो चरणों में होगी, जिसमें जाति की गणना दूसरे चरण में की जाएगी. जनगणना-2027 भारत की पिछली जनगणनाओं की तरह दो चरणों में की जा रही है. पहला चरण जिसे हाउसलिस्टिंग और मकानों की गणना के नाम से जाना जाता है. दूसरा चरण जिसे जनसंख्या गणना के नाम से जाना जाता है.
22 जनवरी को सरकार ने जारी किया है नोटिफिकेशन
इससे पहले 22 जनवरी को केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 का नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेशन में 33 सावलों की लिस्ट को शामिल किया गया है. इनमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं. जनगणना के दौरान परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य को इसकी जानकारी देनी होंगी. जनगणना दो चरण में पूरी की जाएगी. इसमें पहला फेज अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच शुरू होगाा. दूसरा फेज फरवरी 2027 में शुरू होगा. पहले फेज में घरों की सूची और उससे जुड़ा डेटा जुड़ाया जाएगा. दूसरे फेज में जनसंख्या की गिनती की जाएगी.
पेपरलेस होगी जनगणना, डिजिटल रखे जाएंगे रिकॉर्ड
सरकार ने जानकारी दी है कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल होंगी. 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप की जानकारी जुटाएंगे. मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना पेपरलेस होगी. एप दोनों Android और IOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर उपलब्ध रहेगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























