'झारखंड पर चुप, चर्चा से क्यों भागे', BJP का राहुल गांधी पर तंज
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया?

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लिया? अगर नहीं तो क्या यह राहुल गांधी की चयनात्मक राजनीति नहीं है? स्मृति ईरानी ने पंजाब और केरल में भी इसी तरह इस्तीफे की मांग किए जाने पर सवाल उठाया. उन्होंने राहुल गांधी के अमेठी से सांसद रहने के दौरान स्कूलों की स्थिति का भी जिक्र किया.
पूछा- चर्चा के लिए कहा आगे क्यों नहीं आए राहुल गांधी
स्मृति ईरानी ने कहा कि जब देश के गृह मंत्री ने सार्वजनिक रूप से चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही तो क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी चर्चा के लिए आगे आए? उन्होंने सवाल किया कि तो कौन भागा? पंजाब और केरल में इसी तरह इस्तीफे की मांग क्यों नहीं हुई?
#WATCH | Delhi | BJP National General Secretary Smriti Irani says, "...When the country's Home Minister publicly stated that he was ready for a discussion, did Congress leader Rahul Gandhi come forward to discuss it? So, who ran away?"
— ANI (@ANI) August 22, 2026
She adds, "... Did those who were… pic.twitter.com/WmBDrB5RNg
स्मृति ईरानी ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए पूछा कि वहां प्रदर्शन करने वाले लोग पंजाब, केरल या झारखंड गए थे? क्या जंतर-मंतर के प्रदर्शन के बाद पंजाब, झारखंड और केरल में भी इसी तरह इस्तीफे की मांग की गई?
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर विपक्ष बंटा हुआ दिखाई दिया. अगर वहां केवल छात्रों का जमावड़ा होता तो राहुल गांधी निश्चित तौर पर वहां जाते. लेकिन वह वहां क्यों नहीं गए? स्मृति ईरानी ने दावा किया कि वहां अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया मौजूद थे और राहुल गांधी आम आदमी पार्टी से दूरी बनाना चाहते थे, इसलिए वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए.
अमेठी के स्कूलों का भी किया जिक्र
स्मृति ईरानी ने कहा कि नीतियों की बात छोड़ दें. जब राहुल गांधी अमेठी से सांसद थे, तब स्कूलों में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते थे. उन्होंने दावा किया कि मोदी-योगी सरकार ने स्कूलों में बच्चों के लिए मेज और कुर्सियां उपलब्ध कराने का काम किया.
स्मृति ईरानी ने कहा कि जंतर-मंतर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदर्शन को केवल छात्रों का प्रदर्शन नहीं कहा जा सकता.
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