'भारत में है राजनीतिक स्थिरता', PM मोदी बोले- रिफॉर्म हमारे लिए नहीं कम्पल्शन
PM नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ET ग्लोबल लीडर्स फोरम् को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा को लेकर बात की. साथ ही कहा कि आज भारत को विकास का उज्जवल केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ET ग्लोबल लीडर्स फोरम में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता है. दुनिया को विकास को लेकर कई चिंताएं हैं. संसाधनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा रहा है. लेकिन भारत को विकास के एक उज्ज्वल केंद्र के रूप में देखा जा रहा है.
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत निरंतर वो कदम उठा रहा है जो उसके विकास को गति दे रहे हैं. मैंने 15 अगस्त को 7 सेक्टर्स पर बात की, भारत पॉलिसी लेवल पर रिफॉर्म कर रहा है ताकि हमारा फ्यूचर सुरक्षित हो, गवर्नेंस में रिफॉर्म कर रहा है, रिफॉर्म हमारे लिए कंपलशन नहीं है ये हमारा कमिटमेंट है ये हमारा कन्विक्शन है.'
India has political stability and continuity in its policies. pic.twitter.com/b2e04sCv1H
— PMO India (@PMOIndia) August 21, 2026
उन्होंने कहा, 'अभी पिछले हफ्ते ही, 15 अगस्त को मैंने लाल किले से सप्त धाराओं की सप्त शक्तियों की बात की है. मैन्युफैक्चरिंग पावर, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी समेत मैंने ऐसे सात सेक्टर्स की बात की है, जिन पर भारत का बहुत ज्यादा फोकस है. इसलिए भारत आज पॉलिसी लेवल पर नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स कर रहा है ताकि हमारा फ्यूचर सुरक्षित हो. गवर्नेंस, ईज ऑफ लिविंग पर रिफॉर्म कर रहा है.
रिफॉर्म हमारे लिए कम्पल्शन नहीं, हमारा कन्विक्शन है: नरेंद्र मोदी
पीएम ने कहा, 'रिफॉर्म हमारे लिए कम्पल्शन नहीं है, ये हमारा कमिटमेंट है, ये हमारा कन्विक्शन है. 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद कैसे रिफॉर्म ने हमारी दशा और दिशा बदली है. PLP के बारे में किसी को शायद ही पता होगा, और आप सुनकर हैरान हो जाएंगे. PLP यानी प्रोडक्शन लिंक पनिशमेंट, PLI यानी प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव, ये दोनों टर्म भारत के अलग अलग कालखंड को डिफाइन करते हैं.'
उन्होंने कहा, 'मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं. हमारे देश में एक समय ऐसा भी था कि अगर कोई कंपनी तय लिमिट से ज्यादा प्रोडक्शन कर दे तो उसे पनिशमेंट दिया जाता था, ये उनका प्रोडक्शन लिंक पनिशमेंट मॉडल था, उसे नोटिस भेज दिया जाता था, इसलिए वो कंपनी अपना प्रोडक्ट खुद ही नष्ट कर देती थी. आज जो मेक इन इंडिया का मजाक उड़ाते हैं उनके पुरखों की सोच यही थी, ऐसा करने के पीछे एक विकृत मानसिकता काम करती थी कि जरूरी चीजों की किल्लत बनी रहे, वे चाहते थे जनता उनके सामने हाथ जोड़े और हाथ फैलाए. ऐसा कर के उन लोगों ने नौकरी का गला घोंट दिया था. इन लोगों के दरबारियों ने कभी इसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई. पहले जहां प्रोडक्शन बढ़ने पर पनिशमेंट मिलता था, आज हमारी सरकार इंसेंटिव दे रही है.'
रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था है: नरेंद्र मोदी
पीएम ने कहा, 'अभी संसद के मॉनसून सत्र में हमने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पास किया है वो भी तब जब विपक्ष लगातार गतिरोध बनाया हुआ था, हमने देश का काम रुकने नहीं दिया. आज 6500 रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था है, इससे ह्यूमन एरर से होने वाली मौतें रोकी हैं अनमैन्ड क्रॉसिंग के कारण हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी, हमने मिशन मोड पर काम कर के अनमैन्ड क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया. इससे ट्रेन दुर्घटना के मामले में 90 प्रतिशत की कमी आई है.'
उन्होंने कहा, '12 साल पहले जहां एक साल में करीब 150 रेल दुर्घटनाएं होती थी, अब यह सिमट पर 12-15 पर आ गई है. पहले देश में सुधार की बात करने वाले घोषणा तो कर देते थे, लेकिन बाद में भूल जाते थे. हमने सुधार को लेकर एक क्लियर रोडमैप बनाया. इस रोडमैंप की प्रमुख दिशा रही है, गवर्नेंस के सुधार. इसके लिए आज 21वीं सदी के भारत में हम सिर्फ रेगुलेशन नहीं बदल रहे हैं, हम रेगुलेशन की पूरी फिलॉसफी बदल रहे हैं. पहले रेगुलेशन की अप्रोच थी. "Prohibited unless permitted." हम इस approach को बदलकर "Permitted unless prohibited" की तरफ ले जा रहे हैं.'























