बाहर लबालब पानी और छत पर शव..., 18 घंटे तक मदद की गुहार के बाद अंतिम संस्कार
ओडिशा के जाजपुर जिले के पारी पंचायत के चिंतासाही इलाके में एक डेडबॉडी 18 घंटे से घर में ही रखी रही. इसकी वजह यहां ब्राह्मणी और खारास्त्रोता नदियों में उफान है. कई घर 6 दिनों से बाढ़ से घिरे हैं.

ओडिशा के जाजपुर जिले में बारिश का हाल बुरा है, ऐसे में एक खबर ने सभी का ध्यान खींचा. जहां 61 साल के एक व्यक्ति की डेडबॉडी 18 घंटे तक बाढ़ से घिरे घर की छत पर रखी रही. इसकी वजह पानी का जलस्तर बढ़ गया, जिस वजह से उनका अंतिम संस्कार मुमकिन नहीं हो सका. इस घटना को जिसने भी सुना थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ गया.
घटना बारी पंचायत के चिंतासाही इलाके की है. यहां ब्राह्माणी और खारास्त्रोता नदियों में उफान के कारण कई परिवार 6 दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं. मृतक ह्रषिकेश मल्लिक की मौत बुधवार शाम साढ़े चार बजे हुई. घर के निचले हिस्से में करीब चार फीट पानी भरा होने के कारण परिवार ने डेडबॉडी को छत पर रखा. गुरुवार को पानी कम होने का इंतजार करते रहे.
प्रशासन ने किसी तरह की नहीं की मदद: पीड़ित परिवार
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि रिश्तेदारों ने अंतिम संस्कार के लिए जिला प्रशासन से कई बार मदद मांगी, लेकिन किसी तरह की सहायता नहीं मिली. ऐसे में डेडबॉडी को बाहर नहीं निकाला जा सका है.
ବନ୍ୟା ପାଣିରେ ଘେର ରେ ରହି ଖାଦ୍ୟ ବିନା ଆକ୍ରାନ୍ତ ହୋଇ ବରୀ ର ହୃଷୀକେଶ ମଲିକଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିବା କେବଳ ଏକ ଦୁର୍ଭାଗ୍ୟଜନକ ଘଟଣା ନୁହେଁ, ବରଂ ଏହା ଆମର ବିପର୍ଯ୍ୟୟ ପରିଚାଳନା ଓ ସରକାରୀ ବ୍ୟବସ୍ଥାର ଚରମ ବିଫଳତାକୁ ପଦାରେ ପକାଇଦେଇଛି।
— Sujit Sarangi (@SujitSarangi3) August 21, 2026
ଜଣେ ନାଗରିକ ପ୍ରାୟ ୧୮ ଘଣ୍ଟା ଧରି ଛାତ ଉପରେ ଶବ ହୋଇ ପଡ଼ିରହିବା ଏବଂ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ସମୟରେ… pic.twitter.com/Br0neEmYW7
मृतक के भतीजे ने कहा, 'हमने अपने चाचा के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासनिक मदद पाने के लिए बारी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर यानी बीडीओ को कई बार फोन किया. लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. उन्होंने बताया कि इसके बाद परिवार ने बचाव कार्य में लगे एक पावरबोट ऑपरेटर से संपर्क किया. लेकिन ऑपरेटर ने कहा, वह सीनियर अधिकारियों के निर्देश के बिना गांव तक नहीं पहुंचा सकता.'
इस पूरी घटना पर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा
उन्होंने कहा, 'आखिरकार एक स्थानीय समाजसेवी ने शव वाहन का इंतजाम किया. चूंकि घर से जाने वाली सड़क पानी में डूबी हुई थी. इसलिए ग्रामीणों को शव को कमर तक गहरे पानी से होकर लगभग एक किमी तक ले जाना पड़ा. इस घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा है. उनका आरोप है कि चिंतासाही में सैकड़ों परिवार पिछले छ दिनों से छत पर रहने को मजबूर हैं. उन्हें खाने-पीने की चीजें भी मुश्किल से मिल रही हैं.'























