जम्मू: शिवसेना का महबूबा मुफ्ती के खिलाफ प्रदर्शन, बीजेपी को भी लिया आड़े हाथ
जम्मू में शिवसेना ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के तिरंगे वाले बयानों के खिलाफ प्रदर्शन किया. साथ ही शिवसेना बीजेपी को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बिहार में चुनावों के चलते अब सरकरा चुप बैठी है.

जम्मू: प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे को लेकर दिए बयानों पर शिवसेना जम्मू-कश्मीर इकाई ने पीडीपी अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया. शिवसेना नेताओं ने बीजेपी को भी आड़े हाथों लेते हुए इन बयानों पर किसी कार्यवाही को अंजाम नहीं देने और बिहार चुनावों में इन्हें अपने हक में भुनाने का आरोप लगाया.
पीडीपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री रही महबूबा मुफ्ती के तिरंगा उठाने को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जम्मू में शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने पीडीपी के खिलाफ प्रदर्शन किया. साथ ही महबूबा मुफ्ती का पुतला भी जलाया. शिवसेना नेताओं ने बीजेपी को भी आड़े हाथों लेते हुए इन बयानों पर किसी कार्यवाही को अंजाम नहीं देने और बिहार चुनावों में इन्हें अपने हक में भुनाने का आरोप लगाया.
महबूबा मुफ्ती के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग गई
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी के नेतृत्व में शनिवार को दर्जनों पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने महबूबा मुफ्ती के बयानों को देश विरोधी बताते हुए देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की. साहनी ने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत ठीक बिहार चुनावों से पहले इन नेताओं को रिहा किया गया. देश के खिलाफ बोलने की खुली छूट दी गई ताकि बीजेपी के नेता बिहार चुनावों में इसे अपने हक में भुना सके.
साहनी ने कहा कि इन यह वही केन्द्र सरकार है जिसने 5 अगस्त 2019 को धारा 370 व 35ए के हटाते वक्त विरोध जताने वाले तमाम नेताओं को समय रहते ही नजरबंद कर दिया था. यहां तक कि पीएसए लगाते हुए करीब 14 महीने इन्हें समाज से दूर रखा. लेकिन, शिव सेना ने आरोप लगाया कि अचानक इन नेताओं पर केन्द्र सरकार को इतनी दया आ गई कि इन्हें रिहा करने के साथ देश के खिलाफ बोलने व जनता को गुमराह करने की आजादी दे दी गई.
बीजेपी की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है- साहनी
साहनी ने कहा यह सब बीजेपी की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है और बिहार चुनावों में इन नेताओं के बयानों का प्रयोग हो रहा है. शिवसेना ने मांग करती है कि देश व तिरंगे के खिलाफ बोलने वालों को कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए इन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी के रवैए से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बिहार चुनाव के बाद ही इन नेताओं पर किसी तरह की कानूनी कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा.
यह भी पढ़ें.
Source: IOCL



























