Heatwave 2026: 47 डिग्री की आग में झुलस रहा देश, भीषण गर्मी से राहत कब? आ गया मौसम विभाग का ताजा अपडेट
Monsoon Update: उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य भारत तक, हर तरफ लू के थपेड़े चल रहे हैं. जिस मानसून से उम्मीद थी वो भी अब तय समय से पीछे चल रहा है. लोगों के मन में एक ही सवाल है आखिर राहत कब मिलेगी?

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत, उत्तर प्रदेश और पूर्वी व उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्से में तापमान 43 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो रहा है. बाकी ज्यादातर इलाकों में पारा 40 से 43 डिग्री के बीच है. दिल्ली में इस गर्मी ने पिछले करीब 14 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 25 मई की सबसे गर्म रात दर्ज की गई.
19 मई को दिल्ली के सफदरजंग बेस स्टेशन पर इस सीजन का सबसे ज्यादा तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से करीब 4.7 डिग्री ज्यादा था. यह मई 2026 का पहला आधिकारिक हीट वेव दिन बन गया.
यह भी पढ़ें : बंगाल में शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, ममता बनर्जी के करीबी विधायक दिलीप मंडल गिरफ्तार
कहां-कहां है लू का असर
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 25 से 28 मई तक लू चलने का अनुमान जताया है. राजस्थान में यह स्थिति 30 मई तक बने रहने की संभावना है. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी 29 मई तक लू का असर रहेगा. इसके अलावा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी 25 से 28 मई के बीच लू की चेतावनी है. कुछ इलाकों में गर्म रातें भी परेशान कर रही हैं. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ हिस्सों में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसकी वजह से लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही.
2026 की गर्मी इतनी तेज क्यों है?
मौसम विशेषज्ञ इस बार की असामान्य गर्मी के पीछे कई वजहें बता रहे हैं. पहली वजह अल नीनो की है प्रशांत महासागर में तापमान सामान्य से ज्यादा होने की वजह से मौसम का पूरा तंत्र प्रभावित हो रहा है. दूसरी वजह पूर्व-मानसूनी बारिश का न होना है जिससे जमीन की सतह तेजी से गर्म हो रही है. तीसरी बड़ी वजह बढ़ता शहरीकरण है, जहां घनी इमारतें, कम पेड़ और पक्की सड़कें गर्मी को ज्यादा देर तक थामे रखती हैं.
मानसून में देरी डरा रही है
इस बार मानसून को लेकर पहले बड़ी उम्मीद थी. मौसम विभाग ने पहले अनुमान लगाया था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरल में दस्तक दे देगा यानी सामान्य तारीख 1 जून से पांच दिन पहले, लेकिन वो तारीख आई और चली गई, मानसून नहीं आया. अब नई विंडो 2 से 4 जून बताई जा रही है, जो सामान्य तारीख से एक से तीन दिन देर है और पहले जताई गई उम्मीद से पूरे एक हफ्ते पीछे है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं, लेकिन उत्तर भारत तक पहुंचने में अभी काफी वक्त है. मानसून आमतौर पर केरल से उत्तर भारत तक पहुंचने में चार से छह हफ्ते का समय लेता है. दिल्ली में मानसून के जून के आखिरी हफ्ते तक पहुंचने का अनुमान है. अल नीनो की वजह से मानसून के सामान्य से कमजोर रहने की भी आशंका जताई जा रही है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो के दौरान मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और बारिश कम होती है.
गर्मी से कब मिलेगी राहत ?
अच्छी खबर यह है कि दिल्ली में 28 से 31 मई के बीच गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ - जिससे आंधी-तूफान और तेज बारिश हो सकती है. एक नया और ज्यादा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 28 मई को आने की संभावना है. उससे एक दिन पहले 27 मई को दक्षिण पंजाब, उत्तर राजस्थान और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बनेगा. यह ट्रफ 27 से 31 मई के बीच दिल्ली के करीब बना रहेगा. इस दौरान 28 से 31 मई के बीच धूल भरी आंधी और तेज बारिश होने की संभावना है और दिल्ली-NCR में 28 मई से लू की स्थिति में ढील आने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में 28 से 29 मई के बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है. 31 मई और 1 जून से ज्यादातर हिस्सों में लू की चेतावनी खत्म होने का अनुमान है.
क्या करें, क्या न करें
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए जरूरी सलाह जारी की है. दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें. हल्के और सूती कपड़े पहनें. बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले मजदूर खास तौर पर सावधान रहें. उत्तर-पूर्व भारत, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों में बारिश और आंधी की संभावना है. इसलिए वहां भी सतर्क रहने की जरूरत है. फिलहाल अगले दो से तीन दिन मुश्किल हैं, लेकिन 28 से 29 मई के बाद मौसम बदलेगा, तापमान गिरेगा और थोड़ी राहत की उम्मीद है. मानसून जब तक उत्तर भारत तक पहुंचे तब तक पश्चिमी विक्षोभ ही इस जलती गर्मी से बचाने वाला है.
यह भी पढ़ें : UP News : बहराइच में तीन साल बाद परिवार से मिला दिव्यांग बालक, भावुक मिलन ने भर दीं आंखें
Source: IOCL


























