15 अगस्त को GenZ से फिर बात करेंगे भागवत, कहा- हम अपनेपन की भावना भूल गए
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा कि अगर अपनेपन को सोच-समझकर मजबूत किया जाए और व्यक्ति अपने व्यवहार को उसी के अनुसार ढाले, तो हमारी दुनिया में कोई बाधा नहीं रहेगी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार (11 अगस्त 2026) को कहा कि अगर अपनेपन की भावना मजबूत हो जाए तो दुनिया से जंग खत्म हो जाएंगी. एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सबमें सार्वभौमिक चेतना व्याप्त है, जो मानवता को जोड़कर रखती है. उन्होंने कहा कि अगर लोग इस जुड़ाव को समझ लें और उसी के अनुसार अपना व्यवहार ढाल लें, तो दुनिया में बाधाएं और संकट नहीं रहेंगे.
RSS चीफ भागवत ने कहा, ‘भगवान गणेश ऊर्जा के स्रोत हैं और संगठन के सच्चे अर्थ का प्रतिनिधित्व करते हैं. हर कोई इस अपनेपन की भावना से अनजाने ही परिचित है और स्वयं को दूसरे से जुड़ा महसूस करता है. सच्ची एकता क्या है? हम सभी एक ही ऊर्जा की अभिव्यक्ति हैं.’ उन्होंने कहा कि अगर इस सार्वभौमिक चेतना को समझ लिया जाए, तो व्यक्ति का अपने प्रति, दूसरों के प्रति और दुनिया के प्रति व्यवहार बदल जाता है.
हम अपनेपन की भावना भूल गए: भागवत
आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘आम भाषा में हम इस भावना को अपनापन या जुड़ाव की भावना कहते हैं. अगर इस भावना को सोच-समझकर मजबूत किया जाए और व्यक्ति अपने व्यवहार को उसी के अनुसार ढाले, तो हमारी दुनिया में कोई बाधा नहीं रहेगी. आज दुनिया में जो भी बाधाएं और संकट दिख रहे हैं, वे इसलिए हैं, क्योंकि हम अपनेपन की भावना भूल गए हैं और इसका एकमात्र वास्तविक समाधान यही है. हमारा व्यक्तिगत, सामूहिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आचरण उसी अपनेपन की भावना पर आधारित होना चाहिए. तब बाधाएं दूर हो जायेंगी.’
15 अगस्त को GenZ से फिर बात करेंगे भागवत
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत 15 अगस्त को एक कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से बातचीत करेंगे. यह कार्यक्रम आरएसएस सरसंघचालक के मुंबई में एक कार्यक्रम में ‘जेन-जी’ से संवाद करने के कुछ दिन बाद होने वाला है. इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, नगर आयुक्त डॉ. विपिन इतांकर और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी.














