एक्सप्लोरर

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी

दुनिया में हर आज़ाद देश का अपना एक झंडा होता है. झंडा एक स्वतंत्र देश का प्रतीक होता है. 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी से कुछ दिन पहले 22 जुलाई 1947 को आयोजित संविधान सभा की बैठक के दौरान भारत के राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरूप को अपनाया गया था.

Republic Day 2020: आज पूरा देश 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस खास दिन को मानाने में हमारा राष्ट्रीय ध्वज बेहद खास स्थान रखता है, क्योंकि राजपथ पर देश के राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज यानी 'तिरंगा' फहरा कर गणतंत्र दिवस के भव्य समारोह की शुरुआत करते हैं.

दुनिया में हर आज़ाद देश का अपना एक झंडा होता है. झंडा एक स्वतंत्र देश का प्रतीक होता है. 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी से कुछ दिन पहले 22 जुलाई 1947 को आयोजित संविधान सभा की बैठक के दौरान, भारत के राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरूप को अपनाया गया था. इसके बाद यह 26 जनवरी, 1950 को संप्रभु गणतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपना लिया गया. ध्वज में तीन रंग के होने की वजह से इसे 'तिरंगा' भी कहते हैं.

भारत के राष्ट्रीय ध्वज शीर्ष पर केसरिया रंग की क्षैतिज पट्टी होती है, जो बीच में सफेद और नीचे गहरे हरे रंग के बराबर अनुपात में बांटी गई है. ध्वज की चौड़ाई और लंबाई का अनुपात 2:3 है. सफेद पट्टी के केंद्र में एक नीले रंग का च्रक है जिसमें 24 तिल्लियां हैं. इस प्रतीक को सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ से लिया गया है.

आज हम भारत के राष्ट्रीय झंडे को जिस तरह से देख रहे हैं, शुरुआत में यह ऐसा नहीं था. यह जानना बहुत ही दिलचस्प होगा कि कैसे हमारा राष्ट्रीय ध्वज अपने पहले प्रारूप से कई बदलावों का रास्ता इख्तियार करते हुए अपने वर्तमान स्वरूप में आया है. इसकी शुरुआत हमारे राष्ट्रीय संघर्ष के दौरान हुई थी. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का जो स्वरूप आज है वह झंडे के विकास की एक लंबी कड़ी के कई पहलुओं से गुजर कर संभव हो पाया. हमारे राष्ट्रीय ध्वज के विकास में कुछ ऐतिहासिक मील के पत्थर हैं जिन्होंने अलग-अलग झंडे को अलग-अलग रंग और पहचान दी.

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी 1. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का पहला स्वरूप स्वदेसी आंदोलन के दौरान अपनाया गया था. पहला राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्त 1906 में पारसी बगान चौक (ग्रीन पार्क) कलकत्ता (कोलकाता) में फहराया गया था. यह ध्वज तीन रंगे का था, जिसमें हरे, पीले और लाल रंग की पंट्टियां थीं. इन पट्टियों में कुछ प्रतीक दर्शाएं गए थे. हरे रंग की पट्टी में आठ कलम के फूल, लाल रंग की पट्टी में चांद और सूरज और बीच में पीले रंग की पट्टी में देवनागरी लिपि में 'वंदे मातरम्' लिखा हुआ है.

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी 2. मैडम भीखाजी कामा द्वारा साल 1907 में पेरिस में भारत के कुछ क्रांतिकारियों की मौजूदगी में फहराए गए ध्वज को दूसरा राष्ट्रीय ध्वज मानते हैं. यह भी पहले ध्‍वज की ही तरह था सिवाय इसके कि इसमें सबसे ऊपरी की पट्टी का रंग केसरिया था और कमल के बजाए सात तारे सप्‍तऋषि प्रतीक थे. नीचे की पट्टी का रंग गहरा हरा था जिसमें सूरज और चांद अंकित किए गए थे.

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी 3. साल 1917 के होम रूल आंदोलन की आड़ में तीसरे राष्ट्रीय ध्वज को रूप दिया गया. इस ध्‍वज में पांच लाल और चार हरी क्षैतिज पट्टियां थीं. जिसके अंदर सप्‍तऋषि के सात सितारे थे. बांयी और ऊपरी किनारे पर यूनियन जैक भी मौजूद था. एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था.

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी 4. साल 1921 में विजयवाड़ा में हुए भारतीय कांग्रेस कमीटी के सत्र में एक झंडे का इस्तेमाल किया गया जिसे चौधा राष्ट्रीय ध्वज कहा गया. तीन रंगों की पट्टियों में गांधीजी के चरखें के प्रतीक को दर्शाया गया था. इस झंडे में तीन रंग- सफेग रंग के अलावा लाल और हरा रंग जो दो प्रमुख समुदायों अर्थात हिन्‍दू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्‍व करता है.

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी 5. साल 1931 में अपनाया गया राष्ट्रीय ध्वज हमारे आज के राष्ट्रीय ध्वज के स्वरूप के बहुत करीब था. इस झंडे में तीन रंग- केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियां थीं. सफेद पट्टी के बीचों-बीच गांधी जी के चरखा का प्रकीक बनाया गया था.

गणतंत्र दिवस विशेष: किस तरह राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' ने ली अपनी शक्ल, जानें पूरी कहानी 6. राष्ट्रीय ध्वज का वर्तमान स्वरूप 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा की झंडा समिति की तरफ से लिया गया. इस समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Indian Rupee vs Paraguay currency: दक्षिण अमेरिका के इस देश में भारतीय हो जाएंगे मालामाल, 1 लाख बन जाएंगे 75 लाख
दक्षिण अमेरिका के इस देश में भारतीय हो जाएंगे मालामाल, 1 लाख बन जाएंगे 75 लाख
UP Weather: यूपी में कोहरे और बर्फीली हवाओं का अटैक जारी, कड़ाके की सर्दी से कांपे लोग, IMD ने दी चेतावनी
यूपी में कोहरे और बर्फीली हवाओं का अटैक जारी, कड़ाके की सर्दी से कांपे लोग, IMD ने दी चेतावनी
इस देश में कांपी धरती, आया 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी को लेकर भी जारी हुआ बड़ा अपडेट
इस देश में कांपी धरती, आया 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी को लेकर भी जारी हुआ बड़ा अपडेट
न्यूजीलैंड के साथ होने वाली वनडे सीरीज से पहले आई बड़ी खबर, विराट कोहली इस टूर्नामेंट में अब एक भी मैच नहीं खेलेंगे
विराट कोहली इस टूर्नामेंट में अब एक भी मैच नहीं खेलेंगे, जानिए वजह

वीडियोज

Breaking News: लेबनान के कई इलाकों में इजरायल का हमला | Israel Attack on Lebnon | Hindi News
BMC Election 2026: मुंबई में ओवैसी के बयान पर भड़के नीतीश राणे | Eknath Shinde | Ajit Pawar
Yogi Cabinet Vistar: केंद्रीय नेतृत्व से मिलने के बाद आज मंत्रियों संग योगी की बैठक | UP News
Ankita Bandari Case में CM Dhami करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, CBI जांच का भी हो सकता हैं एलान !
Bangladesh Violence: Bangladesh में एक और हिंदु की हत्या, राणा बैरागी को मारी गोली

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Indian Rupee vs Paraguay currency: दक्षिण अमेरिका के इस देश में भारतीय हो जाएंगे मालामाल, 1 लाख बन जाएंगे 75 लाख
दक्षिण अमेरिका के इस देश में भारतीय हो जाएंगे मालामाल, 1 लाख बन जाएंगे 75 लाख
UP Weather: यूपी में कोहरे और बर्फीली हवाओं का अटैक जारी, कड़ाके की सर्दी से कांपे लोग, IMD ने दी चेतावनी
यूपी में कोहरे और बर्फीली हवाओं का अटैक जारी, कड़ाके की सर्दी से कांपे लोग, IMD ने दी चेतावनी
इस देश में कांपी धरती, आया 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी को लेकर भी जारी हुआ बड़ा अपडेट
इस देश में कांपी धरती, आया 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी को लेकर भी जारी हुआ बड़ा अपडेट
न्यूजीलैंड के साथ होने वाली वनडे सीरीज से पहले आई बड़ी खबर, विराट कोहली इस टूर्नामेंट में अब एक भी मैच नहीं खेलेंगे
विराट कोहली इस टूर्नामेंट में अब एक भी मैच नहीं खेलेंगे, जानिए वजह
Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi Maha Twist: मिताली की वजह से ऋतिक करेगा ट्विस्ट, मिहिर और तुलसी होंगे एक-दूसरे के खिलाफ
मिताली की वजह से ऋतिक करेगा ट्विस्ट, मिहिर और तुलसी होंगे एक-दूसरे के खिलाफ
तीन दिन बिल्कुल फ्री होगा ताजमहल का दीदार, डेट नोट कर बना लीजिए प्लान
तीन दिन बिल्कुल फ्री होगा ताजमहल का दीदार, डेट नोट कर बना लीजिए प्लान
"अभी रील की जगह रेल बन जाती" हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक के सामने डांस कर रहे थे छपरी, ड्राइवर ने यूं सिखाया सबक
Fish Sleep: समुद्र में तैरते हुए कैसे सोती है मछली? जानें उनके सोने का अनोखा तरीका
समुद्र में तैरते हुए कैसे सोती है मछली? जानें उनके सोने का अनोखा तरीका
Embed widget