कमलनाथ बोले- अगर कोई राम मंदिर का श्रेय लेने की कोशिश करता है तो ये गलत है
भोपाल में आज अपने आवास पर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने ‘राम दरबार’ का आयोजन किया था. इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

भोपाल: आज से राम मंदिर निर्माण की विधिवत शुरुआत हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भूमि पूजन किया और मंदिर की आधारशिला रखी. लगभग सभी दलों ने एक स्वर में इस पल का अभिनंदन किया. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज के दिन को देश के लिए ऐतिहासिक बताया. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर कोई इसका श्रेय लेने की कोशिश करता है तो यह गलत है.
कमलनाथ ने कहा, ‘’आज हमारे देश में एक ऐतिहासिक दिन है, हर भारतीय चाहता था कि राम मंदिर का निर्माण शुरू हो. राजीव गांधी जी ने 1985 में ताला खोला था, उन्होंने 1989 में कहा था कि राम राज्य होगा और मंदिर बनना चाहिए. अगर कोई श्रेय लेने की कोशिश करता है, तो यह गलत है.’’
अयोध्या में भूमि पूजन के मौके पर भोपाल में कमलनाथ ने अपने आवास पर ‘राम दरबार’ का आयोजन किया. इस दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. कमलनाथ ने भगवान राम की तस्वीर की पूजा की और मोमबत्ती जलाई.
राम न्याय हैं- राहुल गांधी
इसके अलावा राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं. वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं. राम प्रेम हैं वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते राम करुणा हैं वे कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते राम न्याय हैं वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते.”
भगवान राम को सभी से प्यार है- आनंद शर्मा उधर कांग्रेस के सीनियर नेता आनंद शर्मा ने कहा, “राम मंदिर पिछले कई सालों से लोगों की मांग है. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुले दिल से स्वागत किया. भगवान राम को सभी से प्यार है और वह किसी भी राजनीतिक विचार से ऊपर हैं. राजनीति और विश्वास को अलग रखना चाहिए.”राम सबके साथ हैं- प्रियंका गांधी
इससे पहले मंगलवा को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि राम सबके साथ हैं. उन्होंने कहा था, “सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है. राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं. भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने.”
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