मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एक्शन में सरकार, गलत सूचना-अफवाहों पर पीएम मोदी ने दिए ये कड़े निर्देश
बैठक के दौरान सरकार ने ऊर्जा और आवश्यक संसाधनों को लेकर भरोसा दिलाया कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे आने वाले महीनों में बिजली की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी.

Middle East Conflicts: ईरान वॉर के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में आम जनता के लिए जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजूदा वैश्विक संकट का असर आम नागरिकों पर कम से कम पड़े, इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं. साथ ही उन्होंने गलत सूचना और अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जनता तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है. सीसीएस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे.
सीसीएस बैठक में निर्देश
बैठक के दौरान सरकार ने ऊर्जा और आवश्यक संसाधनों को लेकर भरोसा दिलाया कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे आने वाले महीनों में बिजली की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी. इसके अलावा LPG और LNG की आपूर्ति को विविध स्रोतों से सुनिश्चित करने, ईंधन शुल्क में कटौती और बिजली क्षेत्र से जुड़े उपायों की भी समीक्षा की गई.
सरकार ने कृषि, उर्वरक, शिपिंग, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और MSME सेक्टर में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीति पर भी चर्चा की. आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
उभरती चुनौतियों को कम करने के उपाय
इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार समन्वय के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. साथ ही उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए यूरिया उत्पादन जारी रखने और DAP/NPKS के लिए विदेशी सप्लायर्स के साथ तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि देश में किसी तरह की कमी न हो.
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Source: IOCL



























