Exclusive: क्या यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, राकेश टिकैत ने दिया ये जवाब | रात 8 बजे देखें पूरा इंटरव्यू
एबीपी न्यूज़ पर आज रात आठ बजे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की एक्सक्लूसिव बातचीत का पूरा प्रसारण किया जाएगा. राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर अपनी बात रखी.

नई दिल्ली: देश में इस समय अगर सबसे ज्यादा किसी मुद्दे की चर्चा है तो वो किसानों का आंदोलन है. दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर दो महीने से अधिक समय से किसानों का प्रदर्शन चल रहा है. आंदोलन के पीछे की वजह तीन कृषि कानून हैं जिनका विरोध हो रहा है. इस आंदोलन के दौरान एक नाम भी ऐसा रहा है जिसकी खूब चर्चा हुई है. वो नाम भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की है. एबीपी न्यूज़ ने राकेश टिकैत ने खास बातचीत की है. आज रात आठ बजे इस इंटरव्यू का पूरा प्रसारण किया जाएगा.
26 जनवरी को दिल्ली में किसानों को ट्रैक्टर रैली की अनुमति दी गई थी. इसके लिए कुछ रूट तय किए गए थे लेकिन जब ट्रैक्टर रैली शुरू हुई तो तय रूट की पूरी तरह से अनदेखी हुई और देखते ही देखते दिल्ली में आंदोलनकारी किसानों ने भारी उपद्रव कर दिया. जो किसान नेता शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली की बात कर रहे थे वो हिंसक हो गई. पुलिस के साथ किसानों की झड़प हुई. लाल किले पर भी उपद्रव हुआ. 26 जनवरी को हुई हिंसा और उपद्रव के बाद ऐसा माना जाने लगा कि किसानों के आंदोलन की धार कुंद पड़ जाएगी.
हिंसा के बाद कुछ किसान दिल्ली से वापस भी लौटने लगे थे. वहीं कुछ किसान संगठनों ने हिंसा के बाद आंदोलन से खुद को अलग कर लिया. लेकिन इस दौरान ही कुछ ऐसा हुआ कि जिसने फिर से आंदोलन को मजबूत कर दिया. ये कुछ और नहीं बल्कि राकेश टिकैत के आंखों में आए आंसू थे जिन्होंने एक बार फिर से आंदोलन की धार को तेज कर दिया. धीरे-धीरे दोबारा से किसान आंदोलन से जुड़ने लगे और राकेश टिकैत टिक गए.
एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान उनसे सवाल किया गया कि क्या आप यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं चुनाव नहीं लडूंगा."
राकेश टिकैत ने कहा, "हम राजनेता नहीं किसान नेता हैं. वोट देने का अधिकार सबको है तो चुनाव लड़ने का भी अधिकार है. हमारा चुनाव से कोई मतलब नहीं है. हमने घोषणा कर दिया कि न चुनाव लड़ेंगे और न किसी के चुनाव प्रचार करेंगे. चुनाव बहुत बड़ी बीमारी है इससे तो बगल ही रहना चाहिए." अगला लोकसभा चुनाव लड़ने से भी उन्होंने इंकार कर दिया. बता दें कि राकेश टिकैत विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी के तौर पर टिकैत चुनाव लड़ चुके हैं.
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