Explained: 166 जलाशयों में महज 34.45% पानी, डैम-नदियां सूखीं! 45 डिग्री गर्मी में लगेगा 50 वाला झटका, अगला एक हफ्ता क्यों अहम?
Heatwave Alert: केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी दी है कि गर्मी बढ़ने और मानसून में देरी होने से स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है. खासकर वे राज्य जहां जलाशय पहले ही आधे से नीचे पहुंच चुके हैं.

देश के करोड़ों लोग इस वक्त मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं. एक तरफ आसमान से आग बरस रही है तो दूसरी तरफ जलाशयों और बांधों में पानी तेजी से सूख रहा है. मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक अगला एक हफ्ता बेहद नाजुक है, क्योंकि पारा 45 डिग्री के पार जाने वाला है और हीट इंडेक्स 50 डिग्री जैसी झुलसन दे सकता है. आम बोलचाल में समझें तो थर्मामीटर भले ही 45 कहे, शरीर को 50 डिग्री वाली गर्मी का झटका लगेगा. लेकिन कैसे?
कैसे समझें '45 डिग्री में 50 का झटका' वाली मुसीबत?
दिल्ली-NCR में सोमवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन हवा में नमी मिलने से जो हीट इंडेक्स बना वो 48 डिग्री के पार पहुंच गया. यही वो झटका है जो शरीर को बुरी तरह तोड़ता है. हीट इंडेक्स दरअसल तापमान और नमी का वो दोहरा असर है, जिसे हमारी बॉडी महसूस करती है. जब पारा 43-44 डिग्री के आसपास हो और हवा में नमी ज्यादा हो, तो पसीना सूखता नहीं, शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और इंसान को ऐसा लगता है जैसे 48-50 डिग्री में खड़ा हो. अब मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री और बढ़ने का अनुमान जताया है, यानी पारा 45 डिग्री के पार जाएगा और तब हीट इंडेक्स 50 के करीब या उससे ऊपर पहुंच सकता है.
अगला एक हफ्ता क्यों है इतना अहम?
मौसम विभाग ने 20 से 22 मई तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए लू का यलो अलर्ट जारी किया है और साफ कहा है कि अगले सात दिनों में इन राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार चला जाएगा. उत्तर प्रदेश के बांदा में सोमवार को ही अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा था. राजस्थान के बाड़मेर में पारा 45.4 डिग्री रहा. यानी जो आंकड़े अभी हमें चौंकाने वाले लग रहे हैं, ये तो बस शुरुआत है. विशेषज्ञों का कहना है कि मई के अंत तक प्री-मानसून बारिश अगर पर्याप्त नहीं हुई तो गर्मी और पानी की कमी दोनों एक साथ विकराल रूप ले लेंगी.
बांध और जलाशयों में पानी घट रहा, 13 बड़े जलाशय आधे से भी कम
ये मुश्किल सिर्फ गर्मी की नहीं है. केंद्रीय जल आयोग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि देश के 166 प्रमुख जलाशयों में कुल भंडारण घटकर 34.45 प्रतिशत रह गया है. अप्रैल के आखिर तक ये 38.72 प्रतिशत था, यानी सिर्फ दो हफ्तों में करीब 8 अरब घन मीटर पानी सूख गया. हालात ये है कि 13 बड़े जलाशयों में पानी का स्तर 50 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच चुका है और कुछ बांध तो पूरी तरह सूख चुके हैं.
नदी बेसिनों की बात करें तो गंगा बेसिन का भंडारण 43.34 प्रतिशत, गोदावरी का 36.52 प्रतिशत और नर्मदा का 34.96 प्रतिशत रह गया है. सबसे बुरी हालत कृष्णा बेसिन की है, जहां सिर्फ 19.31 प्रतिशत पानी बचा है. पूर्वोत्तर का बराक बेसिन भी 20 प्रतिशत से नीचे आ चुका है. जल आयोग ने चेतावनी दी है कि मई के अंत तक ये आंकड़े और खतरनाक स्तर पर जा सकते हैं, खासकर उन राज्यों में जहां जलाशय पहले ही आधे से नीचे हैं. वहां पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन पर भारी दबाव बन सकता है.
अल-नीनो और कमजोर मानसून की आशंका ने बढ़ाई चिंता
अल-नीनो की आशंका पूरी तस्वीर को और ज्यादा भयानक बना रही है. मौसम विभाग ने मानसून को लेकर पहले ही संकते दे दिए हैं अल-नीनो से इस बार बारिश पर बड़ा असर पड़ सकता है. अल-नीनो यानी प्रशांत महासागर के गर्म होने की वो स्थिति, जो भारतीय मानसून को कमजोर कर देती है. अगर मानसून समय पर और भरपूर बारिश नहीं लाया तो जलाशयों में पानी और ज्यादा गिरेगा. कई इलाकों में पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाएगा.
लू से बचने को लेकर सरकार ने जारी की एडवाइजरी
बढ़ती गर्मी और लू के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि लोग खूब पानी पिएं, दोपहर के समय सीधी धूप में बिल्कुल न निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें और मांसाहारी भोजन से परहेज करें. ORS या इलेक्ट्रोलाइट लिक्विड जरूर पिएं. बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बाहरी कामगारों और दिल के मरीजों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
दक्षिण और पूर्व में कुछ राहत के आसार, लेकिन उत्तर में सितम जारी
जहां उत्तर भारत इस वक्त भट्टी की तरह तप रहा है, वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है. कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी संभावना है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश के आसार हैं, लेकिन इन राज्यों में भी लू और नमी का मिलाजुला असर लोगों को बेहाल कर सकता है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में मौसम का ये सितम फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा. अगला एक हफ्ता इन इलाकों के लिए शारीरिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से बड़ी चुनौती लेकर आया है.


























