Vande Bharat Sleeper Train Route: न्यू ईयर पर देश को बड़ा तोहफा, इस रूट पर दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानें कितना होगा किराया
Vande Bharat Sleeper Train: नए साल पर सरकार ने देशवासियों को बड़ा तोहफा दिया है. रेल मंत्रालय ने पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट की घोषणा की है. इसे स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है.

नए साल के पहले दिन (1 जनवरी) को केंद्र की मोदी सरकार ने देशवासियों को बड़ा तोहफा दिया है. रेल मंत्रालय ने पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट की घोषणा की है. देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता, हावड़ा से गुवाहाटी और कामाख्या के बीच चलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.
स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने हाल ही में अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया है. यह ट्रायल कोटा-नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 182 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की. यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में हुआ.
कब तक चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगले 6 महीने में 8 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती दिखेंगी और साल के आखिरी तक 12 ट्रेनें चलने लगेंगी. रेल मंत्री ने बताया कि असम से चलने वाली ट्रेन में असमी भोजन मिलेगा और कोलकाता से निकलने वाली ट्रेन में बंगाली खाना परोसा जाएगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 1000 से 1500 किमी के बीच के शहर को जोड़ने के लिए चलाई जाएगी. देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 17 या 18 जनवरी तक शुरू हो जाएगी.
कितना होगा किराया ?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया इस तरह से रखा गया है कि एयरलाइंस से काफी कम होगा. रेल मंत्री ने कहा कि गुवाहाटी से कोलकाता तक का विमान किराया 6 से 8 हजार और 10 हजार रुपए तक भी पहुंच जाता है लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 3AC का किराया हावड़ा से गुवाहाटी तक खाने के साथ मात्र 2300 रूपये होगा जबकि 2AC का किराया 3000 रुपए होगा और फर्स्ट एसी का किराया 3600 रुपये होगा.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के फीचर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है. इसमें यात्रियों के लिए मुलायम सीटें लगाई गई हैं, जिससे लंबा सफर काफी आसान होगा. कोचों के बीच में आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे लगाए गए हैं. ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम मौजूद है, जिससे सुरक्षा और बढ़ जाती है. इसके अलावा लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन दिया गया है. ट्रेन में ऑटोमैटिक बाहरी दरवाजे लगाए गए हैं.
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Source: IOCL





















