एक्सप्लोरर

हिंदी फिल्मी गानों में शास्त्रीय रागों के इस्तेमाल के किस्सों पर आधारित किताब 'रागगीरी' का विमोचन हुआ

रागगीरी किताब हिंदी फिल्मी गानों में शास्त्रीय रागों के इस्तेमाल के रोचक किस्सों पर आधारित है, ऐसे ही कई किस्सों में से कुछ किस्से यहां दिए गए हैं.

नई दिल्लीः रागगीरी, पत्रकार शिवेंद्र कुमार सिंह और गिरिजेश कुमार की हाल ही प्रकाशित किताब है. प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित इस किताब को हाल ही में रिलीज किया गया. डॉ. सोनल मानसिंह, पंडित साजन मिश्र और मालिनी अवस्थी ने किताब का विमोचन किया. ये किताब हिंदी फिल्मी गानों में शास्त्रीय रागों के इस्तेमाल के रोचक किस्सों पर आधारित है. ऐसा ही एक किस्सा आपके लिए

1956 में एक फिल्म आई थी चोरी चोरी. इस फिल्म को कई वजहों से याद किया जाता है. फिल्मी दुनिया की सबसे हिट जोड़ियों में से राज कपूर-नरगिस की एकसाथ ये आखिरी फिल्म थी. इस फिल्म का संगीत शंकर जयकिशन ने तैयार किया था. जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. इस फिल्म में एक गाना था- रसिक बलमा. हसरत जयपुरी के लिखे इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया था. इस गाने का एक बेहतरीन किस्सा फिल्म इंडस्ट्री में अब भी लोग सुनाया करते हैं. हुआ यूं कि जाने-माने फिल्म निर्देशक महबूब खां जिन्होंने ‘मदर इंडिया’ जैसी एतिहासिक फिल्म बनाई थी, किसी काम के सिलसिले में लॉस एंजिलिस गए थे. वहां अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ गया. आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. कुछ दिनों बाद महबूब खां की सेहत तो ठीक हो गई लेकिन उन्हें कुछ समय आराम की सलाह दी गई. एक रात उन्होंने लता मंगेशकर को फोन करके गुजारिश की कि वो उन्हें ‘रसिक बलमा’ गाना फोन पर ही गाकर सुना दें. लता जी ने उन्हें वो गाना फोन पर ही सुनाया. कहते हैं कि इसके बाद अगले कई दिनों तक महबूब साहब लता जी की आवाज में फोन पर ही ये गीत सुनते रहे. निश्चित तौर पर उन्हें इस गाने में कुछ ऐसा लगा जो बीमारी में उनके दुख दर्द को दूर करता था. ये गाना नरगिस पर फिल्माया गया था.

हिंदी फिल्मी गानों में शास्त्रीय रागों के इस्तेमाल के किस्सों पर आधारित किताब 'रागगीरी' का विमोचन हुआ

इस गाने से जुड़े एक और किस्से को आपको बताएं उससे पहले ये बता दें कि ये गाना शंकर जयकिशन ने राग शुद्ध कल्याण में तैयार किया था. गाने की शुरूआत में इस्तेमाल की गई सारंगी के सुर की पीड़ा दिल को गहरे से छूती है. इस गाने में सितार भी था. इस फिल्म के संगीत के लिए जब 1957 में शंकर जयकिशन को फिल्मफेयर अवॉर्ड देने का ऐलान हुआ तो जयकिशन ने लता जी से फरमाइश की कि वो अवॉर्ड सेरेमनी में ये गाना गा दें. लता जी ने ऐसा करने से मना कर दिया. लता जी ने सादगी से ये बात कही कि शंकर जयकिशन को इस फिल्म के संगीत के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल रहा है ना कि उनके गाने के लिए ऐसे में बेहतर होगा कि वो मंच से फिल्म की धुन ही बजाएं. इस बात पर दोनों के बीच कुछ समय के लिए मनमुटाव भी हुआ था. लेकिन बाद में जब इस पुरस्कार के आय़ोजकों के पास पहुंची तो उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ. दरअसल तब तक फिल्म संगीतकारों को ही फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया जाता था. प्लेबैक गायक-गायिकाओं के लिए पुरस्कार की कोई कैटेगरी नहीं थी. ऐसे में आयोजकों को अपनी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने अगले साल से प्लैबेक गायक-गायिकाओं के लिए भी फिल्मफेयर अवॉर्ड की शुरूआत की. एक और बेहद दिलचस्प बात ये भी है कि 1958 में जो पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड प्लेबैक गायिका को मिला वो लता मंगेशकर ही थीं. जिन्हें फिल्म मधुमती के गाने ‘आ जा रे परदेसी मैं तो कब से खड़ी इस पार’ के लिए मिला था. इस गाने का संगीत सलिल चौधरी ने तैयार किया था.

1957 में ही देव आनंद और नूतन की एक फिल्म आई- पेइंग गेस्ट. इस फिल्म का संगीत एसडी बर्मन का था. राग शुद्ध कल्याण में ही कंपोज किया गया इस फिल्म का गाना था- चांद फिर निकला मगर तुम ना आए. इसके अलावा राग शुद्ध कल्याण में तमाम हिंदी फिल्मी गानों को कंपोज किया गया. जो खूब हिट हुए. इनमें से कुछ गाने जिनका जिक्र जरूरी है. इसमें लो आ गई उनकी याद वो नहीं आए (फिल्म- दो बदन) तेरा जाना दिल के अरमानों का लुट जाना (फिल्म-सीमा), छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा (फिल्म-ममता) और ओ मेरे दिल के चैन, चैन आए मेरे दिल को दुआ कीजिए (फिल्म-मेरे जीवन साथी) बहुत लोकप्रिय हुए. इसके अलावा राग शुद्ध कल्याण में ही कंपोज किया गया ये गाना तो देशभक्ति के तरानों में अब भी सबसे लोकप्रिय है- जहां डाल डाल पे सोने की चिड़िया करती हैं बसेरा (फिल्म-सिकंदर-ए-आजम) इन गीतों को सुनते हुए आप महसूस कर सकते हैं कि शुद्ध कल्याण कितना मधुर राग है. मेंहदी हसन की गाई ग़ज़ल- बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी, भी इसी राग की जमीन पर बनी है. इसके अलावा ग़ुलाम अली की गाई ग़ज़ल रंज की जब गुफ्तगू होने लगी, भी शुद्ध कल्याण पर आधारित है. खास बात ये है कि ये राग जितना सुगम संगीत में इस्तेमाल होता है उतना ही खयाल गायकी में भी खिलता है. पंडित भीमसेन जोशी भी राग शुद्ध कल्याण में गाई बंदिश बाजो रे बाजो मंदलरा बेहद मशहूर है.

आपको राग शुद्ध कल्याण के शास्त्रीय पक्ष के बारे में बताते हैं. राग शुद्ध कल्याण की जाति औढव संपूर्ण वक्र है. इसका थाट कल्याण है. इसीलिए इस राग को शुद्ध कल्याण का नाम दिया गया है. कल्याण थाट में और भी कई रागें हैं. राग शुद्ध कल्याण को भूप कल्याण भी कहा जाता है हालांकि इसका ज्यादा प्रचलित नाम शुद्ध कल्याण ही है. इस राग का आरोह अवरोह भी देखिए

आरोह- सा रे ग प ध सा अवरोह - सा नि ध प, प ग, प रे सा

इस राग का वादी ‘ग’ और संवादी ‘ध’ है. इस राग को गाने बजाने का समय रात का पहला पहर माना जाता है. शुद्ध कल्याण में वादी स्वर यानी सबसे अहम स्वर है गंधार (ग) और संवादी यानी दूसरा सबसे अहम स्वर है धैवत (ध). यानी इन दोनों स्वरों को बार-बार इस्तेमाल करें तो राग की शक्ल खिलकर सामने आती है. 1983 में आई फिल्म अर्थ में कैफी आजमी की लिखी गज़ल ‘तुम इतना जो मुस्करा रहे हो क्या गम है जिसको छुपा रहे हो’ को राग शुद्ध कल्याण में ही कंपोज किया गया था. गजल को लोकप्रियता का अलग मुकाम दिलाने वाले जगजीत सिंह ने इसे बेहद संजीदगी से गाया था. यही वजह है कि आज भी ये गजल अगर कहीं सुनाई दे जाए तो कदम रुक जाते हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Hyderabad Fire Horror: अमीरपेट के तीन मंजिला शोरूम में लगी भीषण आग, धुएं और लपटों से दहला इलाका
अमीरपेट के तीन मंजिला शोरूम में लगी भीषण आग, धुएं और लपटों से दहला इलाका
रिजू दत्ता की ममता को आखिरी वॉर्निंग, अगर अब भी नहीं खोलीं आंख तो सिर्फ लटका रह जाएगा साइन बोर्ड
रिजू दत्ता की ममता को आखिरी वॉर्निंग, अगर अब भी नहीं खोलीं आंख तो सिर्फ लटका रह जाएगा साइन बोर्ड
अन्नामलाई भाजपा से कब देंगे इस्तीफा? सामने आई तारीख, तमिलनाडु के लिए जल्द होंगे रवाना
अन्नामलाई भाजपा से कब देंगे इस्तीफा? सामने आई तारीख, तमिलनाडु के लिए जल्द होंगे रवाना
ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, अमित शाह पर लगाए थे गंभीर आरोप, बांग्लादेश में मची हलचल
ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, अमित शाह पर लगाए थे गंभीर आरोप, बांग्लादेश में मची हलचल

वीडियोज

स्कूल बंक से लेकर एक्सीडेंट तक, Triptii Dimri और Dharna Durga ने सुनाए बचपन के मजेदार 'कांड'
Madhuri Dixit ने बताया अपनी ग्लोइंग स्किन का राज, बोलीं- सिर्फ क्रीम नहीं, लाइफस्टाइल भी है जरूरी
Rukaiya Begum की पहचान से आगे बढ़ना चाहती हैं Lavina Tandon, बोलीं- दूसरे किरदारों को भी मिले प्यार
Sansani | Crime News | Malviya Nagar Fire:होटल नहीं, 'गैस चेंबर' में तड़पकर मरे 21 लोग!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Delhi News | Janhit: मालवीय नगर का खौफनाक सच!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पाकिस्तान की ईरान से गद्दारी, इशाक डार ने दी यूएस को सीक्रेट जानकारी? अब आया शहबाज सरकार का बयान
पाकिस्तान की ईरान से गद्दारी, इशाक डार ने दी यूएस को सीक्रेट जानकारी? अब आया शहबाज सरकार का बयान
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस वार्ता पर बड़ा खुलासा, RJD सांसद मनोज झा ने लिखी थी साफिरिशी चिट्ठी
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस वार्ता पर बड़ा खुलासा, RJD सांसद मनोज झा ने लिखी थी साफिरिशी चिट्ठी
'मैंने पैंट में पेशाब कर दिया...', अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का जिक्र कर क्या बोल गए ललित मोदी?
'मैंने पैंट में पेशाब कर दिया...', अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का जिक्र कर क्या बोल गए ललित मोदी?
22 सिक्स और 22 चौके, इस बल्लेबाज ने तूफानी शतक ठोक रचा इतिहास; सबको पीछे छोड़ा
22 सिक्स और 22 चौके, इस बल्लेबाज ने तूफानी शतक ठोक रचा इतिहास; सबको पीछे छोड़ा
Peddi Box Office: 350 करोड़ के बजट में बनी है 'पेद्दी', जानें- सेफ जोन में आने के लिए राम चरण की फिल्म को कितना कमाना होगा?
350 करोड़ के बजट में बनी है 'पेद्दी', जानें- सेफ जोन में आने के लिए फिल्म को कितना कमाना होगा?
Explained: सोनिया गांधी जेल में मिलने पहुंची, कांग्रेस के 'ट्रबलशूटर' कहलाए! भारत के सबसे अमीर CM बने शिवकुमार के सामने चुनौतियां क्या?
भारत के सबसे अमीर CM बने शिवकुमार के सामने चुनौतियां क्या? कैसे कांग्रेस के 'ट्रबलशूटर' कहलाए
Video: ये हिंदू धर्म नहीं सिखाता! सरस्वती नदी में श्रद्धा के नाम पर कूड़ा फेंकते श्रद्धालु- यूजर्स का खौला खून
ये हिंदू धर्म नहीं सिखाता! सरस्वती नदी में श्रद्धा के नाम पर कूड़ा फेंकते श्रद्धालु- यूजर्स का खौला खून
World Famous Rivers: जिंदगी क्या है एक सफर... इन 7 नदियों के किनारे बसती है दुनिया, सैर करके आ जाएगा मजा
जिंदगी क्या है एक सफर... इन 7 नदियों के किनारे बसती है दुनिया, सैर करके आ जाएगा मजा
Embed widget