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चुनाव आयोग ने SC में कहा- नेताओं के अपने कसीदे में लिखे गए लेख को 'पेड न्यूज' माना जाए
चुनाव आयोग ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि किसी नेता द्वारा अपने कसीदे में लिखे गए समाचार लेख जिसमें वो अपने रिकार्ड तथा उपलब्धियों का बखान करते हुए अपने समर्थन में वोटों की अपील करते हैं को ‘पेड न्यूज’माना जाना चाहिए.

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि किसी नेता द्वारा अपने कसीदे में लिखे गए समाचार लेख जिसमें वो अपने रिकार्ड तथा उपलब्धियों का बखान करते हुए अपने समर्थन में वोटों की अपील करते हैं को ‘पेड न्यूज’माना जाना चाहिए. मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पेड न्यूज के आरोप में तीन साल के लिए अयोग्य ठहराने के आयोग के फैसले को निरस्त करने के दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए आयोग ने दावा किया कि हाई कोर्ट ने पेड न्यूज की समस्या पर काबू पाने के लिए कार्रवाई करने की उसकी भूमिका सीमित करके गलती की है.
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आयोग ने अपनी अपील में कहा कि जब ज्यादा प्रसार वाले दैनिक अखबारों में किसी उम्मीदवार द्वारा और उनके नाम से जारी ऐसे बयान नजर आते हैं, जो न केवल उनके रिकार्ड तथा उपलब्धियों की प्रशंसा करने वाले हैं बल्कि उम्मीदवार द्वारा खुद मतदाताओं से सीधी अपील करने वाले हैं तो क्या चुनाव आयोग के लिए ऐसे बयानों को समाचार नहीं मानते हुए ‘पेड न्यूज’ मानना गलत होगा. आयोग ने शीर्ष अदालत से इस मुद्दे पर गौर करने को कहा क्योंकि इस तरह के प्रश्न चुनावों के दौरान अक्सर पूछे जाते हैं. राफेल विवाद में पाकिस्तान की एंट्री, संबित पात्रा ने कहा, 'पाक-कांग्रेस दोनों मोदी को हटाना चाहते हैं' चुनाव आयोग ने पिछले साल 23 जून को तत्कालीन मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव में समाचार माध्यमों पर खर्च का सही विवरण नहीं देने के कारण उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी. मिश्रा को इस साल 18 मई को दिल्ली हाइ कोर्ट से राहत मिल गई थी. इसी फैसले के विरोध में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. ये भी देखेंः और पढ़ें
Source: IOCL



























