न्यूक्लियर सेक्टर, AI और आतंकवाद... UAE राष्ट्रपति के 3 घंटे के भारत दौरे में 5 समझौतों पर मुहर, पाकिस्तान को सख्त संदेश!
Mohammed Bin Zayed India Visit: मोहम्मद बिन जायद ने 3 घंटे के भारत दौरे के दौरान आतंकवाद, एआई, रक्षा सहयोग और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा की. खाद्य सुरक्षा और कृषि सहयोग को लेकर भी समझौते हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार (19 जनवरी 2026) को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए. पिछले 10 सालों में मोहम्मद बिन जायद की यह भारत की 5वीं यात्रा थी और UAE के राष्ट्रपति के तौर पर यह उनकी तीसरी आधिकारिक यात्रा थी.
दोनों देशों के बीच प्रमुख परियोजनाओं पर सहमति बनी
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की. वे इस बात पर सहमत हुए कि पिछले एक दशक में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है. दोनों देश के बीच एक प्रमुख परियोजना पर सहमति बनी है, जिसके तहत अबू धाबी में भारतीय कला विरासत और पुरातत्व के संग्रहालय सहित एक सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जाएगा.
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. एक ओर वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की चीन और रूस के साथ तनातनी है, वहीं ईरान में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. इसके अलावा यूएई और सऊदी अरब के बीच तनाव की खबरें भी सामने आ रही हैं. ऐसे माहौल में भारत और यूएई के शीर्ष नेतृत्व की यह मुलाकात खास अहमियत रखती है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100.06 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है. इस उपलब्धि के साथ यूएई, भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में और मजबूती से शामिल हो गया है.
आतंकवाद, एआई, रक्षा सहयोग पर बनी बात
मोहम्मद बिन जायद ने 3 घंटे के भारत दौरे के दौरान आतंकवाद, एआई, रक्षा सहयोग और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा की. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि पीएम मोदी और मोहम्मद बिन जायद के बीच निजी और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं की उपस्थिति में कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ. इस दौरान सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विकास वाले समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के रक्षा सहयोग को मजबूत करना है.
एलएनजी की आपूर्ति करेगा UAE
आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में भारत को प्रति वर्ष 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए एक समझौता किया गया, जिससे यूएई भारत का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बन गया. गुजरात के धोलेरा में स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के विकास में यूएई की भागीदारी के लिए एक अलग दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए.
खाद्य सुरक्षा और कृषि सहयोग को लेकर भी समझौते हुए. खाद्य सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं पर एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे भारतीय किसानों को लाभ होने के साथ-साथ यूएई में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की उम्मीद है. दोनों देश आपसी संप्रभुता के आधार पर 'डेटा एंबेसी' (Data Embassy) स्थापित करने की संभावना पर भी काम करेंगे.
न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर पर बनी सहमति
दोनों देशों ने न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में साझेदारी पर सहमति जताई है और एआई को प्राथमिकता देने वाले क्षेत्रों पर चर्चा की. इसके अंतर्गत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारत में डेटा सेंटर में निवेश करेगा और दोनों देश मिलकर एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापति करेंगे. दोनों देश पश्चिम एशिया और अफ्रीका में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे और द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने को लेकर अबू धाबी में 'हाउस ऑफ इंडिया' स्थापित किया जाएगा.
आतंकवाद पर पाकिस्तान को सख्त संदेश
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया. इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा को कायम रखने पर दोनों देशों ने सहमति जताई. उन्होंने सीमा पार आतंकवाद की निंदा की और इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि आतंकवाद, उसे फंड करने वाले और उसके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए, जो कि पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश है.
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Source: IOCL
























