एक्सप्लोरर

Raaj Ki Baat: मोदी कैबिनेट विस्तार का संदेश, विरासत या क़द के आधार पर मंत्रिमंडल में नहीं मिलेगा पद

अरुण जेटली की छत्रछाया में राजनीतिक रूप से आगे बढ़े अनुराग ठाकुर अब नेतृत्व की नजरों में चढ़ गए हैं. ठाकुर को खेल एवं युवा के साथ-साथ सूचना प्रसारण मंत्री बनाकर मोदी ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है.

मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बाद दो चेहरों का जाना सबको चौंका रहा है. कुछ का कद क्यों बढ़ा ये हम आपको पहले बता चुके हैं. मगर कुछ लोगों का मंत्रिमंडल से बाहर जाना तो अप्रत्याशित है ही, लेकिन कुछ का कद घटना भी लोगों के दिमाग में फितूर पैदा कर रहा है. तमाम बातें हैं और तमाम कयास. राज की बात में हम आपको बताएंगे कि मोदी के कैबिनेट फेरबदल में कद घटने-बढ़ने और आने-जाने के मायने क्या हैं कुछ राजनीतिक हैं, कुछ सामाजिक समीकरण से हैं, लेकिन कई लोगों के जाने या कद कम होने के पीछे सिर्फ उनका काम नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति और उनका रवैया भी है.

राज की बात में पहले चर्चा उन दो चेहरों की, जिनकी विदाई से सब स्तबध रह गए. इनमें पहला नाम है कानून और आईटी जैसे भारी-भरकम दो मंत्रालयों का प्रभार देखने वाले रविशंकर प्रसाद का. रविशंकर प्रसाद सरकार के प्रवक्ता भी थे. कोई भी मुद्दा हो, उस पर संसद से लेकर बाहर बात रखने का काम वो करते थे. माना जा रहा है कि ट्विटर विवाद के चलते उनकी विदाई हो गई, लेकिन ये आंशिक सच है. शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि इस मसले को और ज्यादा संजीदा तरीके से संभाला जा सकता था. हालांकि, कानून के जानकार और आईटी मंत्री होने के नाते सब कुछ रविशंकर ही कर रहे थे और उन्होंने ट्विटर की घेराबंदी बहुत जोरदार तरीके से कर दी थी.

राज की बात ये है कि केंद्र सरकार भी ट्विटर पर लगाम लगाने के पक्ष में है. मगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और खासतौर से अमेरिका की मौजूदा जो बाइडेन सरकार जैसे ट्विटर के पक्ष में है, उसको लेकर भारत को भी संजीदा रुख अपनाना है. जो बाइडेन प्रशासन से ऐसे समय में जबकि पाकिस्तान और चीन अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा, कहीं से भी उचित फैसला नहीं हो सकता था. फिर निवेशकों पर भी असर पड़ना था. इसलिए ट्विटर को कानून के घने जंगल में छोड़कर उसे अपने ही जाल में फंसने देगी सरकार, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी की कीमत पर नहीं. रविशंकर प्रसाद इस सच्चाई को शायद समझने में नाकाम रहे.

रविशंकर प्रसाद की तरह ही सूचना प्रसारण और पर्यावरण मंत्रालय देख रहे प्रकाश जावडेकर भी सरकार के खिलाफ बन रहे राजनीतिक विमर्श या माहौल को रोकने में नाकाम रहे. दोनों ही नेता सरकार का चेहरा थे और प्रवक्ता भी. मोदी सरकार फीडबैक के आधार पर काम करने वाली सरकार है. मगर इनके विभाग बदलने के बजाय हटाया क्यों गया. क्योंकि संदेश तो विभाग बदल कर या कम कर भी दिया जा सकता था.

राज की बात ये है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण था कि पूर्व बीजेपी दिग्गज अरुण जेटली जो कि बीजेपी का बौद्धिक चेहरा थे, उनके निधन के बाद दोनों नेताओं ने उस जगह के लिए खुद को खड़ा किया. खासतौर से रविशंकर प्रसाद जो कि जेटली की तरह वकील भी थे, उन्होंने लुटियन दिल्ली का चेहरा बनने की कोशिश की. जावडेकर के लिए भी यही फीडबैक पीएमओ को गया. इसलिए इनकी सरकार से विदाई हुई, लेकिन संगठन में इनका उपयोग किया जाएगा. संसदीय बोर्ड के दो पद खाली हैं, उनमें इनको जगह देकर पार्टी के स्तर पर जिम्मेदारी दी जाएगी.

इसके अलावा डा हर्षवर्धन को स्वास्थ्य और रमेश पोखरियाल निशंक को एचआरडी से हटाकर भी मोदी ने सीधा संदेश दिया कि काम से कोई समझौता नहीं. हर्षवर्धन को वैसे दिल्ली में चेहरा बनाने की भी तैयारी है, लेकिन मुख्य वजह तो प्रदर्शन ही रहा. राज की बात ये कि निशंक से उम्मीद थी कि मोदी की महत्वकांक्षी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सही तरीके से लागू करना. इसके विपरीत निशंक का कार्यकाल विवादों और टालामटोली में ही बीता. कुलपतियों के चयन तक में पीएमओ को हस्तक्षेप कर कुछ फाइलें वापस करनी पड़ीं. इसीलिए, यहां पर धर्मेंद्र प्रधान को लाया गया जो कि अखिल भारती विद्यार्थी परिषद से है और चुपचाप काम करने के लिए जाने जाते हैं. मतलब ये कि राष्ट्रीय विमर्श में असफलता के चलते इन चारों लोगों की विदाई हुई.

हालांकि, कामकाज के लिहाज से सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले नितिन गडगरी से लघु उद्योग ऐसे समय में छीनकर नारायण राणे को दिया गया है, जबकि गडकरी वहां पर काफी तेजी से काम कर रहे थे. गडकरी से जहाजरानी भी लेकर उनका कद तो थोड़ा कम करने की कोशिश जरुर दिख रही है. वहीं पीयूष गोयल से रेल मंत्रालय लिया गया और जबकि उन्हें वित्त भेजने की चर्चा भी थी, ऐसा नहीं हो सका. जाहिर है कि पीयूष के प्रदर्शन से मोदी संतुष्ट नहीं थे और संघ की नाराजगी भी एक कारण थी. हालांकि, शाह के विश्वस्त गोयल को स्मृति ईरानी से कपड़ा मंत्रालय लेकर जरूर भरपाई की कोशिश की गई. माना जा रहा है कि स्मृति को पश्चिम बंगाल में ममता के सामने जूझने के लिए मंत्रालयों के भार से मुक्त किया जा रहा है.

राज की बात ये है कि कामकाज के साथ जातीय संतुलन बैठाने में मोदी-शाह ने पूरा गणित भिड़ाया है. 43 नए मंत्रियों में 27 ओबीसी, 12 एससी और आठ एसटी मंत्रियों को शामिल कर सवर्णों की पार्टी होने के विपक्ष की तरफ से स्थापित किए जा रहे विमर्श को धराशायी कर दिया है. खासतौर से चुनाव में जाने वाले यूपी में यह गणित ज्यादा ही सटीक रखा गया है. मसलन मोहनलगंज से सांसद कौशल किशोर को मंत्री बनाकर मोदी ने बड़ा संदेश दिया है. कौशल वो सांसद हैं जिन्होंने यूपी के सीएम योगी पर कोरोना के दौरान खुलकर सवाल उठाए थे. जाहिर है कि उन्हें मौका देकर उन सवालों को तो सही साबित ही किया गया, साथ ही ये भी बताया कि सरकार में सबकी सुनी जाती है. सबसे बड़ा संदेश ये कि विरासत या क़द के आधार पर मोदी सरकार में कोई पद नहीं मिलेगा.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी पास हुआ जन विश्वास विधेयक, जानें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने क्या बताया?
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी पास हुआ जन विश्वास विधेयक, जानें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने क्या बताया?
फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर सरकार ने लगाई रोक, जानें क्यों लिया ये फैसला?
फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर सरकार ने लगाई रोक, जानें क्यों लिया ये फैसला?
डिफेंस हब की तरफ बढ़ रहा देश, भारत के हथियारों की डंका, 4 साल में तीन गुणा बढ़ी मांग
डिफेंस हब की तरफ बढ़ रहा देश, भारत के हथियारों की डंका, 4 साल में तीन गुणा बढ़ी मांग
बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर ECI सख्त, SC की फटकार के बाद NIA के हवाले जांच
बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर ECI सख्त, SC की फटकार के बाद NIA के हवाले जांच

वीडियोज

Bharat Ki Baat: ट्रंप का 19 मिनट वाला 'टाइम पास'! | Iran US Israel War | Trump | Netanyahu
Sansani: Trump के पस्त हौसले देख दुनिया हैरान, क्या ईरान से डर गया अमेरिका? | Iran-israel War
Saas Bahu Aur Saazish: Anu-Arya की बढ़ती नजदीकियों से डरा अनु का परिवार, धोखे का साया या सच्चा प्यार? | Tum se Tum Tak
Khabar Filmy Hai: फिल्मी सितारों से जुड़ी चटपटी खबरें | Entertainment News
Bharat Ki Baat: ट्रंप बताएं...आखिर 'वो' चाहते क्या हैं? | Iran US Israel War | Trump | Netanyahu

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान जंग में फंसे डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन,  अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया
ईरान जंग में फंसे डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन,  अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया
राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का पहला पोस्ट, इस इमोजी के साथ डाला वीडियो
राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का पहला पोस्ट, इस इमोजी के साथ डाला वीडियो
होर्मुज पर 60 से ज्यादा देशों की बड़ी बैठक, तनाव पर भारत की खरी-खरी, कहा- कोई हमारा दर्द तो पूछे
होर्मुज पर 60 से ज्यादा देशों की बड़ी बैठक, तनाव पर भारत की खरी-खरी, कहा- कोई हमारा दर्द तो पूछे
SRH से मिली हार के बाद कोलकाता के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड, लेकिन ट्रॉफी भी पक्की?
SRH से मिली हार के बाद कोलकाता के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड, लेकिन ट्रॉफी भी पक्की?
चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, जज ने लगाई फटकार, बोलीं- 'हमें कमजोर मत समझो'
चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, जज ने लगाई फटकार, बोलीं- 'हमें कमजोर मत समझो'
फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर सरकार ने लगाई रोक, जानें क्यों लिया ये फैसला?
फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त देने के फैसले पर सरकार ने लगाई रोक, जानें क्यों लिया ये फैसला?
Beetroot Lip Balm: होंठ होंगे इतने गुलाबी कि तमन्ना भाटिया भी आपके सामने लगेगी फीकी, चुकंदर से ऐसे बनाएं लिप बाम
होंठ होंगे इतने गुलाबी कि तमन्ना भाटिया भी आपके सामने लगेगी फीकी, चुकंदर से ऐसे बनाएं लिप बाम
UPTET vs Super TET: Teacher बनने का सपना है तो पहले समझ लीजिए ये पूरा सिस्टम
Teacher बनने का सपना है तो पहले समझ लीजिए पूरा सिस्टम
Embed widget