ऑपरेशन सिंदूर के 'हीरो' होंगे सम्मानित, वायुसेना के 9 जांबाजों को मिलेगा वीर चक्र
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के कई जांबाज अधिकारियों और कर्मियों ने आतंकवादियों को धूल चटाई, जिन्हें अब भारत के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार वीर चक्र से नवाजा गया है.

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान आतंकी इलाकों में भारत की ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के दौरान कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसमें कई भारतीय लड़ाकू पायलटों सहित 9 भारतीय वायु सेना अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्हें अब भारत के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार वीर चक्र से नवाजा गया है.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के लगभग 6 विमानों को मार गिराया, जिससे युद्ध में बड़ी सफलता मिली और भारत ने पाकिस्तान व पाकिस्तान में छिपकर बैठे आतंकवादियों की कमर तोड़ दी.
वायुसेना के ये अधिकारी होंगे सम्मानित
भारतीय वायुसेना के सम्मानित होने वाले अधिकारियों में ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा (एससी), ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी, ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा, विंग कमांडर जॉय चंद्रा, स्क्वाड्रन लीडर सार्थक कुमार, स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह, स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर शामिल हैं.
इनके अलावा ऑपरेशन सिंदूर में अपना योगदान देने वाले चार वरिष्ठ भारतीय वायुसेना अधिकारियों, वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल नरनादेश्वर तिवारी, पश्चिमी वायु सेना कमांडर एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा और महानिदेशक वायु संचालन एयर मार्शल अवधेश भारती को भी सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया.
वायु सेना के कुल 26 अधिकारी हुए सम्मानित
भारतीय वायु सेना के कुल 26 अधिकारियों और वायुसैनिकों को वीरता से नवाजा गया है, जिसमें वायु रक्षा प्रणालियों का संचालन करने वाले अधिकारी और कर्मी शामिल हैं. इन्होंने पाकिस्तान पर हमले की सटीक रणनीति बनाई और ऑपरेशन को सफलता दिलाई.
साथ ही भारतीय वायु सेना के 13 अन्य अधिकारियों को भी युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय हवाई क्षेत्र की रक्षा और हमलों को अंजाम देने में योगदान दिया. इनमें एयर वाइस मार्शल जोसेफ सुआरेस, एवीएम प्रजुअल सिंह और एयर कमोडोर अशोक राज ठाकुर शामिल हैं.
भारत को दिलाया गौरव
इन भारतीय वायुसेना अधिकारियों और कर्मियों के कौशल, बहादुरी और समर्पण ने सीमा पार खतरे को बेअसर कर दिया और भारत को विश्व में एक ताकतवर देश का गौरव दिलाया. इन जांबाजों को यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और कठिन परिस्थितियों में निर्णायक प्रतिक्रिया देने के लिए भारतीय वायु सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दिखाता है.
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