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अब ऐप से जानें कितनी दूर है एंबुलेंस, सिविल इंजीनियर ने बनाया ये खास ऐप

हावड़ा के रहने वाले सिविल इंजीनियर सजल कुमार बसु ने आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ऐप बनाया है. समय पर इलाज ना मिलने के कारण अपने पड़ोसी की मौत के बाद उन्होंने ऐप बनाने का सोचा और अब ये ऐप उपलब्ध है.

कोलकाता: पेशे से सिविल इंजीनियर सजल कुमार बसु ने आपातकालीन सेवाओं के लिए ऐप बनाया है. हावड़ा निवासी बसु ने बताया कि, "कुछ साल पहले मेरे साथ एक घटना हुई थी. एंबुलेंस के लेट होने के कारण मेरे पड़ोसी की मौत हो गई थी जिसके बाद मेरे मन में आम लोगों की मदद करने का विचार आया. स्मार्टफोन उस क्षेत्र में सभी एंबुलेंस की सभी सूचनाओं को ट्रैक करने में सक्षम होना चाहिए इसलिए हमने 'लाइफलिंक ऐप' के नाम से ये ऐप बनाया है.”

उन्होंने आगे कहा, “जब आप ऐप में लोकेशन ऑन करते हैं तो आपको उस एरिया के 5 किमी के अंदर मौजूद सभी एंबुलेंस दिखाई देंगी. एक विकल्प होगा जहां हम चुन सकते हैं कि कौन सी एंबुलेंस का चयन करना है. आप चुन सकते हैं कि आप एंबुलेंस को कहां बुलाना चाहते हैं."

कम समय में चिकित्सा सेवाएं प्राप्त की जा सकती है- बसु

पड़ोसी की मौत ने बसु को आहत किया और उन्होंने ये ऐप पेश करने की योजना बनायी जिसके माध्यम से लोग आपातकालीन सेवाओं से जुड़ सकते हैं और कम से कम समय में चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं. इस ऐप के जरिये आप अपने क्षेत्र में मौजूद एंबुलेंस के बारे में पता कर सकते हैं.

सजल कुमार बसु ने कहा, "हम देख सकते हैं कि इस क्षेत्र में 50 से अधिक एंबुलेंस उपलब्ध हैं. एक ड्रॉप-डाउन है जो फ़िल्टर करता है कि आपको किस प्रकार की एंबुलेंस की आवश्यकता है. उदाहरण के लिए बेसिक एंबुलेंस, कार्डिएक एंबुलेंस इत्यादि. प्रत्येक एंबुलेंस के पास उन्हें कॉल करने का विकल्प होता है जिसे आप सीधे कॉल करने और बातचीत करने के लिए कैब का उपयोग करते हैं. ऐप में कोई पेमेंट गेटवे नहीं है जिससे ट्रांजेक्शन केवल एंबुलेंस ऑपरेटर और ग्राहक के बीच होता है.”

गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हुई ऐप

बसु ने बताया, “इसका एक फायदा है क्योंकि अगर आपको लगता है कि एक एंबुलेंस दूसरे की तुलना में अधिक निष्पक्ष है और सेवा भी बेहतर है तो आप उसे बदल सकते हैं. ऐप 'लाइफ लिंक' को गूगल प्ले स्टोर पर पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है और कई एंबुलेंस ऑपरेटरों ने अपना पंजीकरण कराया है. लोगों को अपने मोबाइल फोन पर ऐप डाउनलोड करना होगा और कई विकल्प खोजने होंगे. एक विकल्प होगा जहां एंबुलेंस संक्रामक रोगों के रोगियों को समर्पित होगी.”

यह एक अनूठा ऐप है जहां लोगों को विभिन्न प्रकार की एंबुलेंस, उनके स्थानों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है, इसलिए लोगों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर एंबुलेंस बुक करने के लिए एक मंच प्रदान करता है.

सजल कुमार बसु ने ऐप के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा की "अगर किसी बूढ़े व्यक्ति को कोई समस्या है, अगर कोई फोन पकड़ लेता है तो उन्हें नहीं पता कि किसे कॉल करना है. एसओएस सुविधा आपको इसमें एक नंबर स्टोर करने में मदद करती है और उसे दबाने पर उस व्यक्ति विशेष को ही कॉल किया जाएगा. उदाहरण के लिए, यदि आप अपने पिता को कॉल करना चाहते हैं तो आप अपने पिता का नंबर सहेज सकते हैं. तो यह आपातकाल के समय में एक फायदा है."

पुरे बंगाल की बात करे तो 750 से भी ज्यादा एंबुलेंस आज के दिन में मौजूद हैं- बसु

बसु ने बताया, "लगभग पूरा पश्चिम बंगाल आच्छादित है. पश्चिम बंगाल डेटाबेस में 750 से अधिक एंबुलेंस हैं. अन्य राज्यों के डेटाबेस पर भी काम किया जा रहा है. जहां भी आपको एंबुलेंस की आवश्यकता होती है, हमने इसे आपके स्थान के 5 किमी के भीतर उपलब्ध कराया है." ऐप उपयोगकर्ताओं के लिए निःशुल्क है और पंजीकरण के लिए एक पैसा भी भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है.

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