एक्सप्लोरर
नार्वे: अधिकारियों ने उठाया बच्चा, मां ने चिट्ठी लिखकर मांगी सुषमा से मदद

नई दिल्ली: नार्वे में एक भारतीय महिला ने ओस्लो में मौजूद भारतीय दूतावास से सम्पर्क करके सरकार से अपने बच्चे को उठाए जाने के मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. महिला के बच्चे को नार्वे के अधिकारी अपने साथ उठा ले गए हैं. इसके बाद विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मामले में आगे के कदम की योजना बनाएगा. बीजेपी नेता विजय जॉली ने कहा कि गुरविंदरजीत कौर ने ‘‘औपचारिक लिखित’’ अनुरोध के साथ भारत सरकार से सम्पर्क किया है. कौर और उनके पति ने आरोप लगाया है कि उस देश के अधिकारी उनके पांच साल के बेटे आर्यन को गलत व्यवहार करने की मामूली शिकायत पर अपने साथ ले गए हैं. कौर का पुत्र और उनके पति दोनों नार्वे के नागरिक हैं. विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की कि कौर ने सरकार से सम्पर्क किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें मामले को नार्वे के अधिकारियों के समक्ष उठाने का अब अधिकार मिल गया है और वे मामले में आगे के कदम की योजना बनाएंगे. भारतीय दम्पत्ति ने अपने बेटे को वापस हासिल करने के लिए पहले जॉली से मदद मांगी थी. उसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखा था जिन्होंने कहा था कि भारत उनकी मदद करेगा. नार्वे के दूतावास ने मामले में संयम बरतने के लिए कहा था और भरोसा दिया था कि इस मामले को पूरी संवेदनशीलता से निपटा जा रहा है. जॉली के अनुसार भारतीय राजदूत ओस्लो में 27 दिसम्बर को उच्च पदस्थ अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं. जॉली ने यह भी कहा कि, “मां के अनुसार बच्चे को प्रतिदिन दलिया और ब्रेड दिया जा रहा है जबकि उसे भारतीय भोजन पसंद है.’’ 2011 के बाद यह ऐसा तीसरा मामला है जब नार्वे के अधिकारी भारतीय मूल के अभिभावकों से उनके बच्चों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप में अपने साथ ले गए हैं. 2011 में एक तीन साल के बच्चे और एक एक साल के बच्चे को उनके अभिभावकों से अलग कर दिया गया था. तब देश की तत्कालीन यूपीए सरकार ने मुद्दे को नार्वे के साथ उठाया था. नार्वे की अदालत ने बाद में बच्चों को उनके अभिभावकों से मिला दिया था. दिसम्बर 2012 में एक भारतीय दम्पति को सात और दो साल के बच्चों के साथ गलत व्यवहार करने के लिए जेल की सजा दी गई थी. बाद में उन बच्चों को हैदराबाद में रहने वाले उनके दादा दादी के पास भेज दिया गया था.
और पढ़ें
Source: IOCL


























