'विपक्षी पार्टियों ने गिराई आसन की गरिमा', जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भड़के किरेन रिजिजू
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि एनडीए के पास राज्यसभा में बहुमत है. यह प्रस्ताव जनता के मुद्दों से ध्यान हटाने और संसद की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए पेश किया गया है.

Kiren Rijiju On No Trust Motion: राज्यसभा में उपराष्ट्रपति और सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पेश करने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एनडीए की मजबूती और बहुमत का दावा किया है. उनका कहना है कि एनडीए के पास पर्याप्त समर्थन है और यह प्रस्ताव सफल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सरकार को उपराष्ट्रपति धनखड़ पर बहुत गर्व है. उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के पदेन सभापति बहुत प्रोफेशनल और निष्पक्ष हैं.
विपक्ष का आरोप है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन निष्पक्षता और लोकतांत्रिक आदर्शों के अनुरूप नहीं किया. उनका कहना है कि धनखड़ के काम करने के तरीके सत्ताधारी दल के प्रति झुकाव दिखाती है. विपक्ष इस प्रस्ताव के जरिए धनखड़ की भूमिका पर सवाल उठाकर सरकार की कार्यशैली को भी निशाना बना रहा है.
किरेन रिजिजू का बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एनडीए के पास राज्यसभा में पूर्ण बहुमत है, और विपक्ष का यह कदम केवल राजनीतिक नौटंकी है. रिजिजू ने दावा किया कि यह प्रस्ताव सफल नहीं होगा, क्योंकि यह सत्तारूढ़ गठबंधन को कमजोर करने के उद्देश्य से लाया गया है, लेकिन एनडीए पूरी तरह से एकजुट है. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव जनता के मुद्दों से ध्यान हटाने और संसद की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए पेश किया गया है.
राज्यसभा में एनडीए की स्थिति
राज्यसभा में एनडीए के पास पर्याप्त सीटें हैं, जिससे अविश्वास प्रस्ताव का पारित होना मुश्किल लग रहा है. एनडीए को कई क्षेत्रीय दलों का भी समर्थन प्राप्त है,जिससे इस प्रस्ताव के फेल होने की संभावना और बढ़ गई है.
विपक्ष का पक्ष
हालांकि विपक्ष का कहना है कि यह प्रस्ताव सिर्फ संख्या बल पर आधारित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और संसद के संचालन में निष्पक्षता की मांग के लिए है. विपक्षी दलों ने जगदीप धनखड़ की काम करने के तरीके को "लोकतांत्रिक आदर्शों के खिलाफ" बताते हुए उनके खिलाफ यह कदम उठाने का निर्णय लिया है.
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