एक्सप्लोरर
मोदी सरकार-आरबीआई में बढ़ी तकरार, गडकरी ने कहा- इनके कारण प्रोजेक्ट फंडिंग में होती है दिक्कत
मोदी सरकार और आरबीआई के बीच तनातनी दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है. केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केन्द्रीय बैंक पर आरोप लगाया है कि उनके कारण विभाग को परियोजनाओं की फंडिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और मोदी सरकार के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है. केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बार आरबीआई पर निशाना साधा है. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आरबीआई के कारण विभाग को परियोजनाओं के लिए फंडिंग करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस परेशानी के लिए केन्द्रीय मंत्री ने आरबीआई के सर्कुलरों को जिम्मेदार ठहराया है. मंत्री नितिन गडकरी ने कहा केन्द्रीय बैंक को देश में बनियादी संरचनाओं के निर्माण में योगदान देना चाहिए. गडकरी ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए अनेक परियोजनाओं के नाम गिनाए जिसमें फंडिंग को लेकर समस्याएं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि देश में 150 से अधिक परियोजनाएं ऐसी हैं जिनमें दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होना है और वे इस समय वित्तीय मदद पाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. मंत्री नितिन गडकरी ने इन समस्याओं के लिए आरबीआई को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से कई बार आरबीआई के सर्कुलर अधिक जटिलताएं पैदा करते हैं और यह एक वजह है कि मुझे वित्त को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.’’ गडकरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि जहां तक हमारी विकास दर की बात है तो यह सही समय है जब आरबीआई को देश में बुनियादी संरचना के लिए मदद देनी चाहिए.’’ RBI की निर्णय प्रक्रिया में बड़ी भागीदारी चाहती है मोदी सरकार, बढ़ सकती है तनातनी इससे पहले खबर आई थी कि मोदी सरकार रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्णय लेने की प्रक्रिया में बड़ी भागीदारी चाहती है. सरकार कहती है कि अभी उसे केन्द्रीय बैंक विभिन्न विषयों पर निर्णय लेने के मामले में अलग रखता है. सरकार का निर्णय में भागीदारी के पीछे तर्क है कि लोगों के प्रतिनिधि होने के नाते उसे आरबीआई के महत्वपूर्ण नीति-निर्णयों में शामिल होना चाहिए. यह भी पढ़ें- कैलिफोर्निया: जंगलों में लगी आग से मचा हाहाकार, अभी तक 74 की मौत, 1,000 से अधिक लापता दिल्ली: मुख्य सचिव अंशु प्रकाश का तबादला, सीएम ऑफिस में मारपीट कांड के बाद से सुर्खियों में थे
और पढ़ें























