पी चिदंबरम पर BJP का वार, '24 घंटे में दिमागी नक्सल सामने आ गए'
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिमागी नक्सल शब्द का प्रयोग किया था. इसको लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. अब बीजेपी ने पलटवार किया है.

'दिमागी नक्सल' को लेकर सियासी बवाल जारी है. बीजेपी ने पीएम मोदी के बयान के बाद पी चिदंबरम के वार पर पलटवार किया है. बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिमागी नक्सल के विषय को उठाया, लेकिन मात्र 24 घंटे में ही किसके दिमाग में नक्सली दिमाग था वो निकल कर सामने आ गया. पी चिदंबरम कहते है उनको दिमागी नक्सली होने पर गर्व है. BJP नेता ने इसी बयान को आधार बनाकर कांग्रेस से सवाल किया कि नक्सलवाद को लेकर पार्टी की वास्तविक सोच क्या है.
सुधांशु त्रिवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस पुराने बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने सबसे बड़े खतरों में से एक बताया था. त्रिवेदी ने कांग्रेस से सवाल किया कि मनमोहन सिंह की बात सही है या पी चिदंबरम का मौजूदा रुख? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.
नक्सलवाद के पुराने दौर का किया जिक्र
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान देश के कई हिस्सों में नक्सलवाद का प्रभाव काफी बढ़ गया था. उन्होंने रेड कॉरिडोर का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय 180 में जिले नक्सली हिंसा से प्रभावित थे और 5000 लोगों की जान गई.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का दावा
त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों के बाद देश में नक्सलवाद का असर काफी कम हुआ है. उन्होंने 31 मई 2026 को सरकार की ओर से हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि अब नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या शून्य हो गई है. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के कार्यकाल का भी जिक्र किया और कहा कि बस्तर जैसे पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अब बस्तर ओलंपिक जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं.
बस्तर ओलंपिक का भी किया जिक्र
त्रिवेदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यकाल में बस्तर में हुए बदलावों का उदाहरण देते हुए बस्तर ओलंपिक का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी नक्सली हिंसा के लिए जाना जाता था, वहां अब खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से दिए स्वतंत्रता दिवस भाषण में नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि देश में हथियार उठाने वाले नक्सलियों का असर लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन वैचारिक स्तर पर नक्सली सोच को बढ़ावा देने वाले ‘दिमागी नक्सलियों’ से अभी भी सावधान रहने की जरूरत है.
पी चिदंबरम ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.























