एक्सप्लोरर

कौन सा था वो सिंहासन, जिसकी ताजमहल से थी दोगुनी कीमत, सुनकर दिमाग चकरा जाएगा

शाहजहां का मयूर सिंहासन (तख़्त-ए-ताउस) मुगल इतिहास का सबसे बेशकीमती खजाना माना जाता है. कोहिनूर जैसे अनमोल रत्नों से जड़ा यह सिंहासन 1739 में नादिर शाह लूटकर ले गया था.

मुगल इतिहास में अगर किसी चीज को सबसे अनमोल कहा जाए तो ताजमहल नहीं, बल्कि शाहजहां का प्रसिद्ध मयूर सिंहासन सबसे ऊपर आता है. यह वह आसंदी थी, जिसे बनाने में जितना सोना और जितने रत्न लगे, उतने किसी और शाही वस्तु में कभी नहीं देखे गए. कहा जाता है कि इसकी चमक देखकर विदेशी यात्री भी दंग रह जाते थे.

शाहजहां ने गद्दी संभालने के तुरंत बाद एक ऐसा सिंहासन बनवाने का फैसला लिया जो उसकी शान के अनुरूप हो. उस्ताद साद-उल-गिलानी के नेतृत्व में इसकी शुरुआत हुई. सोना, हीरे, पन्ने, माणिक और दुनियाभर से मंगाए गए अनमोल मोती इस सिंहासन की शोभा बने. लगभग सात वर्षों की मेहनत के बाद 1635 में शाहजहां पहली बार इस पर बैठा.

दुनिया में अनोखी बनावट

फ्रैंच यात्री ट्रेवर्नियर को शाहजहां के सिंहासन को पास से देखने का मौका मिला था. उनके मुताबिक सिंहासन के ऊपर दो मोर जड़े थे जिनके पंख रंग-बिरंगे रत्नों से चमकते थे. बीच में कल्पवृक्ष का एक सुंदर रूप था, जिसे अलग-अलग कीमती पत्थरों से सजाया गया था. पूरे सिंहासन को संभालने वाले सुनहरे स्तंभ और लटकती मोतियों की लड़ियां इसे और भी अद्भुत बनाते थे. उस समय के कई विदेशी यात्रियों ने इसे खजानों का बादशाह कहा था.

कितनी थी इसकी कीमत?

साल 1635 में मयूर सिंहासन की कीमत 10 करोड़ 70 लाख रुपये आंकी गई थी और आज के हिसाब से यह मूल्य लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक बैठता है. दुनिया में आज तक कोई भी शाही सिंहासन इसकी बराबरी नहीं कर पाया. माना जाता है कि प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी कभी इसी का हिस्सा था. वहीं ADA की रिपोर्ट के मुताबिक ताजमहल को तत्कालीन समय में बनाने पर 3 करोड़ 20 लाख का खर्च आया था.

नादिर शाह की लूट और भारत से विदाई

1739 में ईरान के शासक नादिर शाह दिल्ली जीतने के बाद इस सिंहासन को अपने साथ ले गया. उसी के साथ कोहिनूर और कई अनमोल रत्न भी ईरान पहुंचे. यह घटना मुगल संपदा की सबसे बड़ी लूट में गिनी जाती है.

सिंहासन का गायब हो जाना—एक अनसुलझी पहेली

नादिर शाह की हत्या के बाद ईरान में अराजकता फैल गई. इसी उथल-पुथल में मयूर सिंहासन अचानक गायब हो गया. इतिहासकारों का मानना है कि इसे टुकड़ों में तोड़कर इसके रत्नों को अलग-अलग बेच दिया गया. कुछ हिस्से बाद में ईरानी सन थ्रोन में दिखाई पड़े, लेकिन मूल सिंहासन कभी नहीं मिला.

कोहिनूर का लंबा सफर

सिंहासन से अलग होने के बाद कोहिनूर हीरा कई हाथों से होकर पंजाब पहुंचा और 1849 में अंग्रेजों के कब्ज़े के बाद ब्रिटेन ले जाया गया. आज यह ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा है. बाद के काल में मुगल शासकों ने इस सिंहासन की एक नकल बनाने की कोशिश की, लेकिन वह कभी असली जैसी भव्यता नहीं पा सकी. 1857 के विद्रोह में वह प्रतिकृति भी इतिहास में खो गई.

ये भी पढ़ें: Weather Update: ठंड का टॉर्चर! घने कोहरे की चपेट में ये 10 शहर, बारिश की चेतावनी, कहां पड़ेगी बर्फ?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'मां जख्मी, बहन गिरी, लगा सब मर जाएंगे', इटैलियन महिला ने सुनाई टर्बुलेंस की हॉरर स्टोरी
'मां जख्मी, बहन गिरी, लगा सब मर जाएंगे', इटैलियन महिला ने सुनाई टर्बुलेंस की हॉरर स्टोरी
रिहाई के बाद पिता स्टालिन से मिले उदयनिधि, बोले- 'हर मां-बहन को मैं...'
पिता स्टालिन से मिले उदयनिधि, बोले- 'हर मां-बहन को मैं परिवार मानता हूं'
Xप्लेन: जातिगत जनगणना क्या है और इसे लेकर इतना विवाद क्यों है?
Xप्लेन: जातिगत जनगणना क्या है और इसे लेकर इतना विवाद क्यों है?
'आप मर्द हैं तो...' तृषा पर स्टालिन के कमेंट के बाद खुशबू सुंदर का फूटा गुस्सा
'आप मर्द हैं तो...' तृषा पर स्टालिन के कमेंट के बाद खुशबू सुंदर का फूटा गुस्सा

वीडियोज

Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!
Bollywood News: सोहेल को सपोर्ट करने पहुंचे सलमान खान, जेल के दिनों और 16 किलो वेट लॉस पर किया खुलासा (04.08.26)
Bigg Boss 20 में क्या है Salman Khan का Karan Arjun Secret? Promo ने बढ़ाई उत्सुकता
Salman Khan का Emotional खुलासा, Sohail Khan Divorce और Jail Days पर पहली बार करी चर्चा
Lock Upp 2 में Harshad Chopda ने Shivangi Joshi के लिए किया बड़ा Sacrifice, फैंस हुए इमोशनल

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'किसी भी कीमत पर हो डील', ईरान से समझौते के लिए क्यों बेताब हैं ट्रंप?
'किसी भी कीमत पर हो डील', ईरान से समझौते के लिए क्यों बेताब हैं ट्रंप?
राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम का कांग्रेस पर हमला
राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम का कांग्रेस पर हमला
'आप मर्द हैं तो...' तृषा पर स्टालिन के कमेंट के बाद खुशबू सुंदर का फूटा गुस्सा
'आप मर्द हैं तो...' तृषा पर स्टालिन के कमेंट के बाद खुशबू सुंदर का फूटा गुस्सा
मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में क्या अंतर होता है?
मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में क्या अंतर होता है?
'अपना इमोशनल साइड नहीं दिखाना चाहता था', 'लॉक अप 2' से एविक्शन के बाद बोले हर्षद चोपड़ा
'इमोशनल साइड नहीं दिखाना चाहता था', 'लॉक अप 2' से एविक्शन के बाद बोले हर्षद चोपड़ा
दिल्ली में आज भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला, जानें IMD का अपडेट
दिल्ली में आज भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला, जानें IMD का अपडेट
लाल सागर में कैसे डूबा भारतीय जहाज? सभी 13 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, जानें अपडेट
लाल सागर में कैसे डूबा भारतीय जहाज? सभी 13 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, जानें अपडेट
Biryani Cooking Tips: हैदराबादी या मुरादाबादी... कौन सी बिरयानी में दम? घर पर खुद बनाकर देखो
हैदराबादी या मुरादाबादी... कौन सी बिरयानी में दम? घर पर खुद बनाकर देखो
Embed widget