NRC के खिलाफ ममता ने निकाली रैली, कहा- बंगाल में एक को भी छुआ तो सबक सिखा देंगे
टीएमसी नेतृत्व ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि इस कदम से वह लोगों को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया. बता दें कि असम में एनआरसी की फाइनल लिस्ट 31 अगस्त को हुआ था. इस लिस्ट में 19 लाख से ज्यादा लोग बाहर रह गए.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असम में एनआरसी के खिलाफ उत्तरी कोलकाता में आज एक रैली निकाली. अपनी पार्टी के सहयोगियों के साथ तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने दोपहर तीन बजे के करीब सिंथी मोड़ से शहर के उत्तरी हिस्से की ओर मार्च किया. रैली यहां से पांच किलोमीटर दूर श्यामा बाजार में खत्म होगी.
ममता बनर्जी ने कहा, ''अगर बीजेपी ने एनआरसी के नाम पर बंगाल में एक भी व्यक्ति को छुआ, तो हम उन्हें सबक सिखा देंगे. उन्होंने कहा, ''धर्म के लिए, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई के लिए मैं एनआरसी से सहमत नहीं हूं. आप अपनी पुलिस का उपयोग करके असम की तरह बंगाल का मुंह को बंद नहीं कर पाएंगे. अचानक, आप हमें धर्म सिखा रहे हैं जैसे कि हम ईद, दुर्गा पूजा, मुहर्रम और छठ पूजा नहीं मनाते हैं.''
एनआरसी की मुखर आलोचक तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने बीजेपी पर इस कदम के जरिए लोगों को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया. पार्टी ने एनआरसी को अपडेट किए जाने के खिलाफ राज्य के अन्य हिस्सों में सात और आठ सितंबर को रैलियां निकाली थी. असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का प्रकाशन 31 अगस्त को हुआ. कुल 3.29 करोड़ से ज्यादा आवेदकों में 19 लाख से ज्यादा लोग इस सूची से बाहर रह गए.
इससे पहले सीएम ममता ने बड़ी संख्या में बंगालियों को एनआरसी की अंतिम सूची से 'बाहर' रखे जाने पर भी चिंता जताई थी. ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा था, ''एनआरसी की विफलता ने उन सभी लोगों को उजागर कर दिया है जो इससे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं. उन्हें देश को बहुत जवाब देने है.'' मुख्यमंत्री ने कहा था, ''ऐसा तब होता है जब कोई कार्य समाज की भलाई और देश के व्यापक हित के बजाय गलत उद्देश्य के लिए किया जाये.'' इसके साथ ही उन्होंने कहा था, ''मेरी हमदर्दी उन सभी, विशेषकर बड़ी संख्या में बांग्ला भाषी भाइयों और बहनों के साथ है, जो इस व्यर्थ की प्रक्रिया के कारण पीड़ित हुए हैं.''
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Source: IOCL

























