एक्सप्लोरर

LPG Cylinder Shortage: पेट्रोल-डीजल की तरह LPG भी स्टोर क्यों नहीं कर पाते हैं हम?

भारत के पास एलपीजी स्टोरेज के लिए दो जगह हैं- विशाखापत्तनम और मंगलुरु. यहां अंडरग्राउंड गुफाएं हैं, जहां एलपीजी को स्टोर किया जाता. फिलहाल यहां 1.4 लाख टन गैस स्टोरेज की ही क्षमता है.

अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग को महज दो हफ्ते ही बीते हैं, लेकिन इसका असर अब हिंदुस्तान के घरों तक भी पहुंच चुका है. शहर-दर-शहर लोग गैस एजेंसियों पर लाइन लगाकर खड़े हैं. कुछ जगहों पर होटल और रेस्तरां बंद हो चुके हैं और कुछ आने वाले दिनों में बंद हो जाएंगे. क्योंकि जिस गैस से हमारे-आपके घरों में खाना बनता है, उसकी सप्लाई ही रुक गई है. और अब लोग पूछने लगे हैं कि हमारी सरकार ने गैस की स्टोरेज क्यों नहीं की. तो चलिए इसका ही जवाब तलाशने की कोशिश करते हैं कि हम पेट्रोल और डीजल की तरह LPG को स्टोर क्यों नहीं कर पाते.

दरअसल कच्चा तेल जिससे पेट्रोल और डीजल बनता है, उसे स्टोर करना आसान है. कच्चे तेल को आप गड्ढे खोदकर भी रख सकते हैं, बड़े ड्रम में भी रख सकते हैं और किसी भी पाइपलाइन में भी स्टोर कर सकते हैं. लेकिन एलपीजी थोड़ी नखरीली गैस है. इसको स्टोर करना बेहद मुश्किल और महंगा सौदा है, क्योंकि इसे प्रेशर के जरिए लिक्विड फॉर्म में ही स्टोर करना होता है. इसके लिए खास तौर के बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है, जिसमें प्रेशराइज्ड सिलेंडर, गोलाकार टैंक, माउंटेड स्टोरेज बुलेट्स और जमीन के नीचे बनी गुफाएं शामिल हैं. इनको बनाना खर्चीला काम है, जिसपर निवेश नहीं हुआ है. हालांकि भारत के पास दो ऐसी जगहें हैं, जहां पर एलपीजी की स्टोरेज की जाती है.

पहली जगह है विशाखापत्तनम और दूसरी जगह है मंगलुरु. इन दोनों ही जगहों पर अंडरग्राउंड गुफाएं हैं, जहां एलपीजी को स्टोर किया जाता है ताकि कोई खतरा आने पर बफर स्टॉक मौजूद रहे. इन गुफाओं को कहते हैं 'रॉक कैवर्न्स'. मंगलुरु में बनी एलपीजी कैवर्न की क्षमता करीब 80,000 टन है. वहीं विशाखापत्तनम में बने एलपीजी कैवर्न की क्षमता करीब 60,000 टन है. यानी कि कुल मिलाकर भारत के पास फिलवक्त बस 1.4 लाख टन गैस स्टोरेज की ही क्षमता है. और अगर इस क्षमता को भारत की हर रोज की खपत के हिसाब से देखा जाए तो फिर ये गैस मुश्किल से दो दिन तक ही भारत को बैकअप दे सकती है. ऐसे में सरकार अभी मंगलुरु में पहले से मौजूद क्षमता के अलावा और अधिक गुफाएं बनाने की तैयारी कर रही है. गुजरात और ओडिशा के तटों पर नई 'कैवर्न्स' बनाने के लिए सर्वे किए जा रहे हैं ताकि आयातित गैस को वहां स्टोर किया जा सके. लेकिन ये अभी भविष्य की प्रक्रिया है, जबकि संकट अभी वर्तमान का है.

बाकी तो पूरे देश में इंडियन ऑयल, एचपी और बीपीसीएल जैसी गैस कंपनियों के 200 से भी ज्यादा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स हैं, जहां वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल टैंक होते हैं. इन्हें बुलेट्स कहा जाता है. भारत का सबसे बड़ा एलपीजी भंडार इन्हीं बुलेट्स में स्टोर होता है. इसके अलावा जिन रिफाइनरियों में एलपीजी गैस बनती है, वहां भी स्टोरेज टैंक होते हैं, जहां एलपीजी स्टोर है. रिफाइनरी से निकलकर बॉटलिंग प्लांट्स तक जो गैस ट्रकों या दूसरे जरिए से भेजी जाती है, कुछ स्टोरेज उनमें भी है और कुछ स्टोरेज एलपीजी की पाइपलाइन्स में भी मौजूद है. इसके अलावा भारत के पास एलपीजी स्टोरेज की कोई दूसरी जगह नहीं है. और ये गलती हर सरकार की रही है. क्योंकि लगातार होती एलपीजी सप्लाई की वजह से किसी भी सरकार ने एलपीजी स्टोरेज बनाने की ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया, नतीजा ये है कि 14 दिनों की जंग में ही असर रसोईघरों तक पहुंच गया है.

 

यह भी पढ़ें:-
Hyderabad Ramadan: जंग की आग से जला रमजान का चूल्हा! हैदराबाद के बाजारों में पसरा सन्नाटा, सेहरी बिना लौट रहे रोजेदार

अविनाश राय एबीपी लाइव में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. अविनाश ने पत्रकारिता में आईआईएमसी से डिप्लोमा किया है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रैजुएट हैं. अविनाश फिलहाल एबीपी लाइव में ओरिजिनल वीडियो प्रोड्यूसर हैं. राजनीति में अविनाश की रुचि है और इन मुद्दों पर डिजिटल प्लेटफार्म के लिए वीडियो कंटेंट लिखते और प्रोड्यूस करते रहते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

TMC Crisis: क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब
क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब
'नेशनल हिरोज को देश...', ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर रक्षा मंत्रालय का जवाब
'नेशनल हिरोज को ..', ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर रक्षा मंत्रालय का जवाब
अगर चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, स्वीकार हुआ तो कौन लेगा जगह? राम मंदिर ट्रस्ट में आ सकता CEO सिस्टम
अगर चंपत राय का इस्तीफा हुआ स्वीकार तो कौन लेगा उनकी जगह? ट्रस्ट में आ सकता CEO सिस्टम
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी

वीडियोज

Ram Mandir Donation Theft | Sandeep Chaudhary: 'खतरनाक खेल', दान चोरों को बचाया जा रहा है?
Ram Mandir Theft | Shastrartha: इस्तीफा, घोटाले के आरोप और आस्था का सवाल, देखिए पूरी पड़ताल!
Ram Mandir Theft | Champat Rai | Abp News: चढ़ावे घोटाले में क्यों 'चंपत' हैं असली आका?
Mumbai Crime | Muharram | Poisonous Capsules | Chaar Ki Chaal: मुहर्रम जुलूस में 'मौत' के कैप्सूल!
DR. Aarambhi: Aarambhi का संगीत में साड़ी लुक, पर बेटे Vihan के साथ होने वाली है बड़ी अनहोनी!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी मनीष यादव की बहन ने abp न्यूज़ से किया खुलासा, '1 महीने पहले ही...'
राम मंदिर मामला: आरोपी मनीष यादव की बहन ने abp न्यूज़ से कहा, '1 महीने पहले ही लगी थी नौकरी'
Women T20 World Cup Prize 2026 Money: 2026 टी20 वर्ल्ड कप की प्राइज मनी कितनी है? जानें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से कम है या ज्यादा
2026 टी20 वर्ल्ड कप की प्राइज मनी कितनी है? जानें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से कम है या ज्यादा
K. Bhagyaraj Death: कौन हैं तमिल इंडस्ट्री के दिग्गज शख्स के. भाग्यराज? जिनके निधन पर पहुंचे CM विजय
कौन हैं तमिल इंडस्ट्री के दिग्गज शख्स के. भाग्यराज? जिनके निधन पर पहुंचे CM विजय
Welcome To The Jungle Records: 'वेलकम टू द जंगल' बनी तूफान, धुआंधार कमाई के साथ पहले दिन तोड़े ये 9 बड़े रिकॉर्ड्स
'वेलकम टू द जंगल' बनी तूफान, धुआंधार कमाई के साथ पहले दिन तोड़े ये 9 बड़े रिकॉर्ड्स
TMC Crisis: क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब
क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब
Amarnath Yatra 2026 Guide: अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से होगी शुरू, रजिस्ट्रेशन-रूट से लेकर ट्रैवल परमिट तक... यहां जानें सबकुछ
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से होगी शुरू, रजिस्ट्रेशन-रूट से लेकर ट्रैवल परमिट तक... यहां जानें सबकुछ
NEET में नहीं मिली मेडिकल सीट, हार नहीं मानी; रितुपर्णा को Rolls-Royce से 72 लाख सालाना का पैकेज
NEET में नहीं मिली मेडिकल सीट, हार नहीं मानी; रितुपर्णा को Rolls-Royce से 72 लाख सालाना का पैकेज
Embed widget