CBI-फॉरेंसिक टीम पहुंची कोलकाता, पुलिस ने सौंपा रेप-मर्डर केस का आरोपी, एम्स के डॉक्टरों का विरोध जारी
Kolkata Doctor Rape Murder Case: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के निर्देशों के तहत एनएमसी ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए एक नीति विकसित की सलाह जारी की है.

Kolkata Doctor Rape Murder Case: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम कोलकाता पहुंच गई है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया था.
दिल्ली से कोलकाता पहुंची सीबीआई की टीम के साथ डॉक्टर और फॉरेंसिक टीम भी पहुंची है. इस बीच, एम्स दिल्ली, इंदिरा गांधी अस्पताल और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) सहित अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों के संघों के रेजिडेंट डॉक्टरों और चिकित्सकों ने मंगलवार, 13 अगस्त को कहा कि इस जघन्य बलात्कार और हत्या के खिलाफ उनका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि चिकित्सा कर्मियों पर हमलों को रोकने के लिए केंद्रीय कानून लागू नहीं हो जाता.
#WATCH | RG Kar Medical College and Hospital rape-murder case | Visuals of the members of the CBI team from Delhi at CGO Complex in Kolkata, West Bengal.
— ANI (@ANI) August 14, 2024
Following Calcutta High Court order, the CBI has taken over the case and has sent a specialised medical and forensic team… pic.twitter.com/5u72vLqnNL
अस्पातालों में सुरक्षा के तमाम उपाय हो सुनिश्चित: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के निर्देशों के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए एक नीति विकसित करने के लिए एक सलाह जारी की है.
आधिकारिक सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, "हाल के दिनों में मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. सभी मेडिकल कॉलेजों से अनुरोध है कि वे कॉलेज और अस्पताल परिसर के भीतर सभी स्टाफ सदस्यों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए एक नीति विकसित करें."
नोटिस ने कहा गया, "नीति में ओपीडी, वार्ड, कैजुअल्टी, हॉस्टल और परिसर और आवासीय क्वार्टरों में अन्य खुले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए. कर्मचारियों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित रूप से चलने और सभी संवेदनशील होने के लिए शाम के समय गलियारों और परिसर में अच्छी रोशनी होनी चाहिए. निगरानी के लिए क्षेत्रों को सीसीटीवी से कवर किया जाए."
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Source: IOCL
























