एक्सप्लोरर

वायरल सच: क्या अमरनाथ गुफा की खोज एक मुस्लिम ने की थी?

दावा ज्यादा हैरान इसलिए करता है क्योंकि कहा जा रहा था कि आज भी जम्मू कश्मीर के पहलगाम में अमरनाथ गुफा की खोज करने वाले मुस्लिम गड़रिए बूटा मलिक के वंशज रहते हैं.

नई दिल्ली: बेहद चौकस सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है, कल कपाट भी खुल गए. सोशल मीडिया पर तमाम तथ्यों और कहानियों के साथ अमरनाथ गुफा का मुस्लिम कनेक्शन पेश किया जा रहा है. दावे के मुताबिक अगर मुस्लिम गड़रिए बूटा मलिक ने गुफा नहीं खोजी होती तो अमरनाथ गुफा का पता किसी को नहीं चलता. दावा ज्यादा हैरान इसलिए करता है क्योंकि कहा जा रहा था कि आज भी जम्मू कश्मीर के पहलगाम में अमरनाथ गुफा की खोज करने वाले मुस्लिम गड़रिए बूटा मलिक के वंशज रहते हैं.

क्या दावा कर रहा है सोशल मीडिया? दावा कुछ ऐसा है कि अब से 150 साल पहले बूटा मलिक नाम का गड़रिया जो भेड़ चराने के लिए पहाड़ों में घूम रहा था. अचानक मौसम खराब हो गया तो वो एक गुफा में गया. वहां उसे एक साधु मिले. साधु ने मुस्लिम गड़रिए को कोयले से भरी बोरी दी. जब गड़रिया घर लौटा और उसने साधु की दी पोटली खोली तो कोयले की जगह उसमें सोने के सिक्के भरे हुए थे. मुस्लिम गड़रिया भागा भागा वापस गुफा के पास गया ताकि वो साधु से मिल सके. गुफा में साधु तो नहीं थे लेकिन शिव बाबा बर्फानी के स्वरूप में मौजूद थे. दावे के मुताबिक गड़रिया गुफा से बाहर आया और गांव में लोगों को बताया कि गुफा में शिव भगवान हैं.

एबीपी न्यूज़ ने दावे की पड़ताल एबीपी न्यूज़ ने दावे का सच जानने के लिए पड़ताल शुरू की. सोशल मीडिया के दावे के मुताबिक अमरनाथ की गुफा खोजने वाले बूटा मलिक के नाम पर ही एक जगह का नाम बटकोट रखा गया है. बटकोट में ही बूटा मलिक के वंशज रहते हैं. श्रीनगर से 85 किलोमीटर दूर और पहलगाम से 13 किलोमीटर पहले बटकोट है. बूटा मलिक के वंशजों के बारे में पड़ताल के दौरान पता चला कि बटकोट में एक मलिक मोहल्ला है. इस मोहल्ले में 11 परिवार रहते हैं जिनका सीधा संबंध बूटा मलिक से है.

इस मोहल्ले में पहुंचने पर एबीपी न्यूज़ की मुलाकात मलिक अफजल नाम के व्यक्ति से हुई. उन्होंने बताया कि वो बूटा मलिक के परपोते हैं. मलिक अफजल ने बताया, ''साल 1850 में अमरनाथ शिवलिंग की खोज हुई है. भेड़-बकरियां चराने वाले बूटा मलिक ने शिवजी को साक्षात देखा था तब से साल 2000 तक बूटा मलिक का परिवार अमरनाथ गुफा की देखरख करता था. 2002 में मलिक परिवार को वहां से बाहर निकाला गया, मलिक परिवार को कोई जानकारी, हर्जाना या सम्मान नहीं दिया गया.''

मलिक अफजल का कहना है कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड बनने से पहले उन्हें चढ़ावे में से एक तिहाई हिस्सा मिलता था. श्राइन बोर्ड के गठन के बाद उनके परिवार को अमरनाथ यात्रा में किसी भी तरह के संबंध से बेदखल कर दिया गया. मलिक अफजल का कहना है कि उनके पूर्वज ने गुफा की खोज की थी इसलिए आज भी वो इसके हिस्सेदार हैं, उन्हें हिस्सा मिलना चाहिए.

मलिक परिवार को अमरनाथ यात्रा से अलग क्यों कर दिया गया? मलिक अफजल का कहना था कि साल 2000 में एक तिहाई बहुमत से एक बिल पारित हुआ. इस बिल के पास होने के बाद मलिक परिवार से अमरनाथ यात्रा से जुड़े सारे अधिकार छीन लिए गए. हमने इस बिल के बारे में खोजना शुरु किया तो हमें जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से 15 नवंबर 2000 को जारी हुआ आधिकारिक गजेट मिला. इसके मुताबिक साल 2000 में अमरनाथ श्राइन बोर्ड का गठन किया गया. श्राइन बोर्ड के गठन के पीछे अमरनाथ यात्रा के रखरखाव को वजह बताया गया. जिसके बाद अमरनाथ यात्रा सरकार और श्राइन बोर्ड की देखरेख में होने लगी.

क्या अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर भी जानकारी ? वेबसाइट पर अमरनाथ की गुफा के बारे में चार लाइनों की एक कहानी का जिक्र किया गया है. इस वेबसाइट पर भी बूटा मलिक के नाम के साथ वही कहानी लिखी थी जिसका जिक्र सोशल मीडिया पर था. यानि एक चरवाहे की कहानी जिसे एक साधु ने कोयले से भरी बोरी दी और घर जाते ही कोयला सोने के सिक्के में तबदील हो जाता है. चरवाहा साधु से मिलने वापस गुफा में जाता है लेकिन वहां साधु नहीं शिवलिंग मिलता है. वेबसाइट में अमरनाथ गुफा की खोज के पीछे कश्यप ऋषि और भृगु ऋषि का जिक्र भी है.

अमरनाथ गुफा के इतिहास को जानने वाले क्या कहते हैं? इतिहास के जानकार और जम्मू विश्वविद्यालय में पर्यटन अध्ययन विभाग के एचओडी डॉ. परीक्षित सिंह मन्हास ने बताया, ''तकरीबन डेढ़ सौ साल पहले बूटा मलिक नाम के एक चरवाहे थे, वो गर्मियों में ऊंचाई पर बकरियां चरा रहे थे. बूटा मलिक मौसम खराब होने पर एक गुफा में चले गए. गुफा में मिले एक साधु ने कोयले से भरी बोरी दी. घर लौटेने पर बूटा मलिक ने बोरी खोली तो उसमें सोने के सिक्के थे. बूटा मलिक बोरी लौटाने के लिए गुफा की तरफ गए. गुफा में साधु नहीं मिला लेकिन वहां शिवलिंग मिला इसके बाद ही पवित्र अमरनाथ यात्रा यहां शुरु हुई.''

हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इससे पहले भी पुराणों में अमरनाथ गुफा और कश्मीर का जिक्र होता रहा है. डॉ. परीक्षित सिंह मन्हास ने बताया, ''कहा जाता है कि कश्मीर घाटी पूरी तरह से पानी में डूबी हुई थी. कश्यप मुनि ने वहां पर कई नदियों का निर्माण किया. नदियों की वजह से पानी बह गया और कश्मीर घाटी का निर्माण हुआ. प्रवास पर जाते हुए भृगु मुनि ने वहां प्रवास किया. उन्होंने इस गुफा की खोज की, गुफा के बारे में अपने शास्त्रों में लिखा और व्याख्यान किया लेकिन वक्त के साथ ये बात खत्म हो गई. इसके बाद डेढ़ सौ साल पहले मार्डन अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हुई.''

एबीपी न्यूज़ की पड़ताल का नतीजा एबीपी न्यूज़ की पड़ताल में पता चला कि पुराणों की माने तो भृगु श्रषि पहले ही अमरनाथ गुफा की खोज कर चुके थे. लेकिन वक्त के साथ लोग भूल गए. जिसके बाद बूटा मलिक ने गुफा को खोजा और आज के वक्त की अमरनाथ यात्रा शुरु हुई.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

दिल्ली में दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे पीएम मोदी, 3 लेयर सिक्योरिटी रहेगी तैनात
दिल्ली में दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे पीएम मोदी, 3 लेयर सिक्योरिटी रहेगी तैनात
यमन के सुरक्षा बलों के शिविर पर हूतियों का हमला, 53 लोगों की मौत 200 घायल
यमन के सुरक्षा बलों के शिविर पर हूतियों का हमला, 53 लोगों की मौत 200 घायल
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी विजयादशमी शुभकामनाएं, अमित शाह, राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी विजयादशमी शुभकामनाएं, अमित शाह, राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
बेंगलुरु जा रही Air India Express की फ्लाइट से पक्षी टकराया, विमान में सवार थे 148 यात्री
बेंगलुरु जा रही Air India Express की फ्लाइट से पक्षी टकराया, विमान में सवार थे 148 यात्री

वीडियोज

Tiger Shroff Firing News: बॉलीवुड लॉरेंस के कितने 'दुश्मन' ? | Breaking | Mumbai | ABP News
मुंबई से फरार...ट्रेन में सवार...कोटा में गिरफ्तार | Sansani | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: टाइगर..'किस्मत' से जिंदा है! | Tiger Shroff Firing | Mumbai Police
Tiger Shroff Firing Case Update | क्या बॉलीवुड को बनाया जा रहा निशाना?। Mumbai Police | Crime News
Sandeep Chaudhary: SIR पर मचे हंगामा का सटीक विश्लेषण! | Gyanesh Kumar | Rahul Gandhi | Congress

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
RSS के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- 'आने वाले समय में भी देश...'
RSS के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- 'आने वाले समय में भी देश...'
Dussehra 2026: दिल्ली-NCR में भीड़ से लेकर ट्रैफिक पर नजर, 13 हजार पुलिसकर्मी अलर्ट
दिल्ली-NCR में भीड़ से लेकर ट्रैफिक पर नजर, 13 हजार पुलिसकर्मी अलर्ट
सौरव दास-आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत क्यों बढ़ाई, कोर्ट ने कहा- 'साफ पता चलता है कि...'
सौरव दास-आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत क्यों बढ़ाई, कोर्ट ने कहा- 'साफ पता चलता है कि...'
Box Office Clash: 23 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर महाक्लैश, रिलीज होंगी 'उड़ता तीर' से 'तू है मेरी किरण' तक 8 धांसू फिल्में
23 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर महाक्लैश, रिलीज होंगी 8 धांसू फिल्में
विराट-गंभीर की दोस्ती करवानी है, BCCI ने इस वजह से प्रज्ञान ओझा को बनाया चीफ सेलेक्टर
विराट-गंभीर की दोस्ती करवानी है, BCCI ने इस वजह से प्रज्ञान ओझा को बनाया चीफ सेलेक्टर
आज भारत आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो, जयशंकर से करेंगे मुलाकात, जानें शेड्यूल
आज भारत आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो, जयशंकर से करेंगे मुलाकात, जानें शेड्यूल
रेप पीड़िता को 31वें हफ्ते में गर्भपात की इजाजत, दिल्ली HC की अहम टिप्पणी
रेप पीड़िता को 31वें हफ्ते में गर्भपात की इजाजत, दिल्ली HC की अहम टिप्पणी
NEET UG स्ट्रे वैकेंसी राउंड का रिजल्ट हुआ जारी, ऐसे दर्ज कराएं आपत्ति
NEET UG स्ट्रे वैकेंसी राउंड का रिजल्ट हुआ जारी, ऐसे दर्ज कराएं आपत्ति
Embed widget