अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं! ED ने मुंबई में 10-12 ठिकानों पर छापेमारी, रिलायंस पावर से जुड़े लोगों से पूछताछ
ED Raid on Anil Ambani: ED के हाथ भारत के जाने-माने बिजनेसमैन अनिल अंबानी तक पहुंच गए हैं. ED ने रिलायंस पावर से जुड़े लोगों के घरों पर भी छापेमारी की है. कंपनी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह अनिल अंबानी की रिलायंस पावर और उससे जुड़ी कंपनियों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की है. सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में 10 से 12 जगहों पर ED की 15 टीमों ने एक साथ रेड डाली है. यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई है.
अनिल की कंपनी से जुड़े अधिकारियों के घरों-दफ्तरों पर रेड
ED ने रिलायंस पावर के पूर्व डायरेक्टर्स, सहयोगियों और संबंधित लोगों के घरों-दफ्तरों पर फोकस किया है. यह छापा 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस का हिस्सा है. हाल के महीनों में ED ने अनिल अंबानी को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसमें फरवरी 2026 में 9 घंटे से ज्यादा की पूछताछ हुई थी.
सूत्रों के मुताबिक, आज की कार्रवाई रिलायंस पावर कंपनी से जुड़ी है. इसमें दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूत जब्त किए जा रहे हैं. ED पहले ही अनिल अंबानी के मुंबई स्थित लग्जरी घर 'अबोड' को 3,716 करोड़ रुपये में अटैच कर चुकी है. साथ ही कुल 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी अटैचमेंट हो चुकी हैं. ये कार्रवाई येस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य बैंकों से लिए गए लोन के दुरुपयोग और फंड डायवर्शन के आरोपों पर आधारित है.
इससे पहले अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन (RCOM) पर छापेमार कार्रवाई हो चुकी है.
रिलायंस ने रेड से किया इनकार
रिलायंस पावर लिमिटेड ने मीडिया रिपोर्ट्स पर स्पष्ट किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के किसी भी ऑफिस या परिसर पर कोई छापेमारी नहीं की है. कंपनी ने 6 मार्च 2026 को BSE और NSE को भेजे गए एक लेटर में कहा कि मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, ED ने रिलायंस पावर से जुड़े लोकेशंस पर रेड डाली है, लेकिन कंपनी को अपनी जानकारी के अनुसार ऐसा कोई एक्शन नहीं हुआ है. कंपनी ने लिखा कि 'यह कंपनी की जानकारी के अनुसार है कि कंपनी के किसी भी ऑफिस या परिसर पर कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की गई है.' यह क्लैरिफिकेशन स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी गई है ताकि निवेशकों और मार्केट में कोई गलतफहमी न रहे. रिलायंस पावर ने कहा कि यह जानकारी सिर्फ सूचना और प्रसार के लिए है.

2019 से कई कानूनी मामलों में फंसी हुई RCOM
RCOM पहले से ही दिवालिया प्रक्रिया में है और कंपनी 2019 से कई कानूनी मामलों में फंसी हुई है. अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियां जैसे रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस भी जांच के दायरे में हैं. ED ने पहले 40 से ज्यादा प्रॉपर्टी अटैच की थीं, जिनकी वैल्यू 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा थी. फिलहाल छापेमारी जारी है और कोई आधिकारिक बयान ED की तरफ से नहीं आया है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह जांच तेज हो गई है और आगे और कार्रवाई हो सकती है.
अनिल अंबानी की कंपनियां इन आरोपों से इनकार करती रही हैं और कहती हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं. यह घटना अनिल अंबानी ग्रुप पर चल रही कई एजेंसियों (ED, CBI, SFIO) की जांच का हिस्सा है, जहां कुल फ्रॉड अमाउंट 40,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बताया जा रहा है.
Source: IOCL


























