लिम्फेटिक फिलेरियासिस को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्री का प्लान! 17 करोड़ लोगों को दी जाएंगी दवाएं
Lymphatic Filariasis: लिम्फेटिक फिलेरियासिस एक परजीवी रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के माध्यम से फैलता है. यह रोग शारीरिक विकलांगताएं, जैसे अंगों में सूजन और हाइड्रोसील का कारण बन सकता है.

Lymphatic Filariasis: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार (10 फरवरी) को लिम्फेटिक फिलेरियासिस (LF) के उन्मूलन के लिए 13 पहचाने गए LF प्रकोप वाले राज्यों में राष्ट्रीय मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) राउंड की शुरुआत की.
यह पहल इस रोग से लाखों लोगों को बचाने और भारत के LF उन्मूलन अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए है. 10 फरवरी से 111 प्रकोप जिलों में 17.5 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त में दवाएं दी जाएंगी, जेपी नड्डा ने कहा कि इस अभियान के तहत दवाओं का वितरण घर-घर किया जाएगा.
लिम्फेटिक फिलेरियासिस क्या है?
लिम्फेटिक फिलेरियासिस एक परजीवी रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के माध्यम से फैलता है. यह रोग शारीरिक विकलांगताएं, जैसे अंगों में सूजन (लिंफोडीमा) और स्क्रोटल सूजन (हाइड्रोसील) का कारण बन सकता है और इससे प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों पर दीर्घकालिक बोझ पड़ता है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस अभियान के महत्व को समझाते हुए कहा, “लिम्फेटिक फिलेरियासिस मुक्त भारत हमारी प्रतिबद्धता है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है.” उन्होंने जोर दिया कि यह अभियान जन आंदोलन बनकर व्यापक समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सफल होगा. उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से दवाएं 111 प्रकोप जिलों में 17.5 करोड़ लोगों को मुफ्त में दी जाएंगी. यह अभियान हर साल दो बार होता है और इसमें 90 फीसदी से अधिक लोगों को दवाएं दी जानी चाहिए ताकि रोग का प्रसार रोका जा सके.
राज्यों को दिए गए निर्देश
मंत्री जे पी नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे अभियान की निगरानी करें और प्रभावित लोगों का शीघ्र निदान करें. उन्होंने राज्य स्वास्थ्य मंत्रियों से भी इस अभियान में और अन्य नेताओं, जैसे सांसदों और पंचायत प्रतिनिधियों को शामिल करने का अनुरोध किया, जिससे समुदाय में जागरूकता बढ़ाई जा सके और MDA गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके. इसके अलावा उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत हाइड्रोसील सर्जरी की भी व्यवस्था है और 2024 में लगभग 50 फीसदी हाइड्रोसील सर्जरी प्रकोप वाले राज्यों में की गई हैं. इस पहल का उद्देश्य 2027 तक लिम्फेटिक फिलेरियासिस का उन्मूलन करना है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस दिशा में सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया.
MDA अभियान
यह अभियान 13 राज्यों (आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) के 111 प्रकोप जिलों में किया जा रहा है. इस अभियान में Anti-filarial दवाओं का डोर टू डोर वितरण किया जाएगा, जिससे रोग के प्रसार को रोका जा सके.
MDA दवाएं--
- Double Drug Regimen (DA): Diethylcarbamazine Citrate (DEC) और Albendazole
- Triple Drug Regimen (IDA): Ivermectin, Diethylcarbamazine Citrate (DEC) और Albendazole.
इस अभियान के तहत सभी योग्य व्यक्तियों को दवाएं देने का लक्ष्य है, भले ही वे लक्षण दिखा रहे हों या नहीं.
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Source: IOCL























