Parliament Budget Session: 'पहले नेताओं पर कंट्रोल करें, फिर विशाषिकार की करें बात', मुस्लिम आरक्षण पर संसद में बवाल के बाद क्यों बोली BJP
Muslim Reservation: कर्नाटक में धर्म आधारित आरक्षण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. जयराम रमेश ने जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस देकर विवाद बढ़ा दिया है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने सोमवार (24 मार्च) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के मामले पर प्रतिक्रिया दी. भाजपा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर संविधान के अनुरूप कार्य न करने का आरोप लगाया और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए.
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने सदन में कर्नाटक सरकार को लेकर भ्रामक बयान दिए और विपक्ष को गुमराह किया. इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.
बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस के दावे को किया खारिज
भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहा 'ये विशेषाधिकार हनन का मामला नहीं बनता. अगर सदन में कही गई किसी बात को लेकर कोई आपत्ति हो तो वह विशेषाधिकार हनन हो सकता है, लेकिन अगर सदन के बाहर दिए गए बयान को आधार बनाया जा रहा है तो ये गलत है.' उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सलाह दी कि वे पहले अपने नेताओं और उपमुख्यमंत्री पर नियंत्रण रखें.
जेपी नड्डा के बयान का समर्थन
भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि 'जेपी नड्डा ने जो कहा वह पूरी तरह से संविधान और तथ्यों पर आधारित है. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार धर्म के आधार पर आरक्षण देकर संविधान की मंशा के विपरीत काम कर रही है.' उन्होंने कांग्रेस पर संविधान विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को इसे तुरंत रोकना चाहिए.
डीके शिवकुमार के बयान पर मचा राजनीतिक घमासान
बता दें कि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश की ओर से दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कथित बयानों का भी जिक्र किया गया है. भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है. वहीं भाजपा ने साफ कर दिया है कि उनके नेता जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू का बयान पूरी तरह तथ्यों पर आधारित है.
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Source: IOCL






















