Jammu Kashmir: कश्मीर में यौम-ए-कुद्स जुलूस पर हंगामा! आपत्तिजनक नारों पर होगी सख्त कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज किया केस।
Budgam Protest: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में यौम-ए-कुद्स जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया.

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में आयोजित यौम-ए-कुद्स जुलूस के आयोजकों और प्रतिभागियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी की गई जिससे कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका थी. इसके अलावा जुलूस की वजह से कई सड़कों पर यातायात भी प्रभावित रहा जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 189(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
यौम-ए-कुद्स जिसे इंटरनेशनल कुद्स डे के नाम से भी जाना जाता है रमजान के आखिरी शुक्रवार को मनाया जाता है. इस दिन दुनिया भर में फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किए जाते हैं जिनमें इजरायल की नीतियों की आलोचना की जाती है. इसी सिलसिले में एक जुलूस निकाला गया था जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. हालांकि पुलिस का कहना है कि इस दौरान कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले नारे लगाए जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने पर सख्त रुख
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक इस जुलूस की वजह से सड़क अवरुद्ध हो गई जिससे आम लोगों को यातायात संबंधी परेशानियां हुई. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जुलूस में शामिल लोगों को हटाने का प्रयास किया और फिर इस मामले में केस दर्ज किया गया. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की गतिविधि जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील
मामले की जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी ऐसे कृत्य में शामिल न हों जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो.
पहले भी होते रहे हैं ऐसे प्रदर्शन
ये पहली बार नहीं है जब कश्मीर में इस तरह के विरोध प्रदर्शन हुए हैं. इससे पहले भी कई मौकों पर फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन और नारेबाजी देखी गई है. सितंबर 2024 में भी कश्मीर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था जिसमें सैकड़ों लोगों ने लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के खिलाफ सड़कों पर उतरकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की थी. उस दौरान कई राजनीतिक नेताओं ने भी अपना चुनावी अभियान रद्द कर दिया था.
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Source: IOCL






















