एक्सप्लोरर

इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा- मंगलयान 2 एक ऑर्बिटर अभियान होगा

मंगलयान-1 नवंबर 2013 को भेजा गया था और इसने सितंबर 2014 में मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था. यह छह महीने काम करने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन यह अब भी, सातवें साल में भी सेवा दे रहा है. मंगलयान-1 के ऑर्बिटर ने हजारों की संख्या में तस्वीरें भेजी हैं.

नई दिल्लीः अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के रोवर 'पर्सिवियरन्स' के शुक्रवार तड़के मंगल ग्रह की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुंसधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के सिवन ने देर शाम कहा कि 'लाल ग्रह' के लिए भारत का मंगलयान-2 एक 'ऑर्बिटर' होने की संभावना है. इसरो प्रमुख ने मंगलयान-2 के लिए कोई सटीक समय सीमा नहीं बताई. हालांकि, उन्होंने कहा कि मंगल ग्रह पर भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का अगला अभियान चंद्रयान-3 के बाद भेजा जाएगा. चंद्रयान-3 के जरिए इसरो का लक्ष्य पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा पर एक रोवर उतारने का है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन लागू हो जाने से इसमें देर हो गई है और अब 2022 में इसे भेजे जाने की संभावना है.

सिवन ने कहा कि मंगल ग्रह की सतह पर उतरना कहीं अधिक कठिन है. चंद्रयान-3 इसरो के दूसरे ग्रह पर रोवर उतारने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा. इसरो ने अपने सफल 'मार्स ऑर्बिटर मिशन' (मंगलयान) ने 'मार्स ऑर्बिटर मिशन-2' की अपनी अगली योजना की घोषणा की है. इसके मुताबिक, ''अब उसकी योजना भविष्य के प्रक्षेपण के अवसर तलाशने के लिए मंगल पर एक ऑर्बिटर मिशन भेजने की है.''

मंगलयान-1 अच्छा काम कर रहा है

सिवन ने कहा कि मंगलयान-1 ''अब भी अच्छा काम कर रहा है'' और डेटा भेज रहा है. उन्होंने बताया कि इसरो ने संभावित प्रयोगों के लिए वैज्ञानिक समुदाय से सुझाव देने को कहा है और वह इन्हें प्राप्त करने की प्रक्रिया में है. सिवन ने कहा, ''सुझाव प्राप्त होने के बाद, हम एक परियोजना रिपोर्ट तैयार करेंगे और (एक विशेषज्ञ) समिति में चर्चा करेंगे. फिर हम अंतरिक्ष आयोग जाएंगे.''

गौरतलब है कि अंतरिक्ष आयोग, अंतरिक्ष से जुड़ी गतिविधियों पर नीतिगत निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है. यह पूछे जाने पर कि मंगलयान-2 रोवर होगा या ऑर्बिटर होगा, सिवन ने कहा, ''अभी हम ऑर्बिटर मिशन के बारे में ही सोच रहे हैं.'' उन्होंने कहा, ''मंगलयान-2 सिर्फ ऑर्बिटर मिशन होगा.''

शुक्रग्रह पर भी भेजा जा सकता है यान

इसरो की अन्य बड़ी परियोजनाएं भी कतार में हैं. मंगलयान की सफलता के बाद इसरो ने शुक्र ग्रह पर भी अभियान भेजने का फैसला किया है. बहरहाल, इसरो की तत्काल प्राथमिकता चंद्रयान-3 और गगनयान है. इन दोनों परियोजनाओं में कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के चलते देर हुई है.

चंद्रयान -3 के तहत इसरो एक बार फिर एक रोवर चंद्रमा की सतह पर उतारेगा. अभियान इस साल के अंत में भेजा जाएगा. चंद्रयान-2, भारत की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था. इसरो की योजना 2022 तक गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में तीन अंतरिक्ष यात्रियों को भी भेजने की है.

अंतरिक्ष सहयोग के लिए भारत-फ्रांस संयुक्त दृष्टिपत्र में भी मंगल ग्रह के लिए संभावित सहयोग का उल्लेख किया गया है. नासा ने भी लाल ग्रह पर अभियान में सहयोग के लिए इसरो के साथ एक समझौता किया है. हालांकि, सिवन ने कहा, ''हमें उनसे अभी तक इस बारे में कोई पत्र नहीं मिला है. हमने सभी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों और भारत में अपने वैज्ञानिक समुदाय को पत्र लिखा है.''

25 फरवरी तक केंद्रीय बलों की 125 कंपनियां बंगाल में होंगी तैनात, EC ने चुनाव के मद्देनजर लिया फैसला

दिल्ली के ये 14 इलाके महिलाओं के लिए नहीं हैं सुरक्षित, पुलिस कमिश्नर ने दी जानकरी 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

15 अगस्त पर हमले की फिराक में खालिस्तान समर्थक, एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट
15 अगस्त पर हमले की फिराक में खालिस्तान समर्थक, एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट
पाकिस्तान से जंग हुई तो क्या भारत के खिलाफ उतरेंगे तुर्किए-सऊदी? ‘मुस्लिम NATO’ प्लान जानिए
पाकिस्तान से जंग हुई तो क्या भारत के खिलाफ उतरेंगे तुर्किए-सऊदी? ‘मुस्लिम NATO’ प्लान जानिए
भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन ले जाने वाली पहली ट्रेन
भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन ले जाने वाली पहली ट्रेन
सुप्रीम कोर्ट के नए फॉर्मूले से हल होगा मथुरा विवाद? हिंदू-मुस्लिम प्रतिनिधियों की बैठक
सुप्रीम कोर्ट के नए फॉर्मूले से हल होगा मथुरा विवाद? हिंदू-मुस्लिम प्रतिनिधियों की बैठक

वीडियोज

Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा
Bigg Boss 20 का बड़ा Twist! Salman Khan के ‘Karan Arjun’ Hint से खुला Two Lives का राज
Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
वेस्टइंडीज से दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर पर लगा दो साल का बैन, जानें वजह
वेस्टइंडीज से दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर पर लगा दो साल का बैन, जानें वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
MP ESB Recruitment 2026: 5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
Embed widget