जानिए देश के उन राज्यों के बारे में जहां किसी दूसरे राज्य से आए भारतीय नागरिक ज़मीन नहीं खरीद सकते
जानिए देश के ऐसे कौन-कौन से राज्य हैं जहां ज़मीन खरीदना मुश्किल है. संविधान ने इस राज्यों को विशेष प्रावधान दे रखा है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने का केंद्र सरकार ने फ़ैसला किया है. इस फ़ैसले के बाद अब भारत के किसी भी राज्य में रहने वाला व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में ज़मीन ख़रीद सकता है. चुकि जम्मू-कश्मीर में तो 370 और 35 ए हटने के बाद अब यहां दूसरे राज्यों के लोगों के लिए जमीन खरीदना आसान हो गया लेकिन देश में ऐसे कई अन्य राज्य हैं जहां उनको संविधान द्वारा विशेष प्रावधान दिया गया है. इन राज्यों में जमीन खरीदना नामुमकिन है. आइए इन राज्यों की सूची देखते हैं और जानते हैं कि आखिर नियम क्या कहते हैं..
आर्टिकल 371 A- नागालैंड
आर्टिकल 371 A के मुताबिक कोई भी व्यक्ति जो नागालैंड का स्थाई निवासी नहीं है वह राज्य में ज़मीन नहीं खरीद सकता है.
आर्टिकल 371 F -सिक्किम
अनुच्छेद 371F को 1975 में संविधान में शामिल किया गया था. इसमें कहा गया है राज्य सरकार के पास सभी जमीनों का मालिकाना अधिकार होगा. अगर निजी व्यक्ति द्वारा भी जमीन खरीदा गया है तो उसका हक़ सरकार के पास ही होगा. अनुच्छेद 371F के अनुसार राज्य में किसी भी तरह के जमीन विवाद में देश के सुप्रीम कोर्ट या संसद को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है.
आर्टिकल 371 G-मिज़ोरम
आर्टिकल 371 G के अनुसार मिज़ोरम में ज़मीन का मालिकाना हक़ सिर्फ वहां बसने वाले ट्राइबल्स को है. हालांकि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास बिल 2016 में यह प्रावधान है कि प्राइवेट कंपनियां वहां सरकार से ज़मीन खरीद सकते हैं.
आर्टिकल 371-हिमाचल प्रदेश
आर्टिकल 371 के मुताबिक कोई भी व्यक्ति जो हिमाचल प्रदेश से बाहर का है वह राज्य में एग्रीकल्चरल लैंड(खेती के लिए जमीन) नहीं खरीद सकते हैं.
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Source: IOCL





















