Pahalgam Terror Attack: बॉर्डर पर नई सुरंगें खोद रहा पाकिस्तान! सीमापार कितने आतंकी? इंटेलीजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
भारत की खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की आतंकी रणनीति का पर्दाफाश किया है, जिसमें BAT ऑपरेशन, सुरंगों से घुसपैठ और आतंकी हमलों की योजनाएं शामिल हैं.

Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक हर महीने 120 से अधिक आतंकवादी पाकिस्तान से नियंत्रण रेखा (LoC) पारकर भारत में घुसपैठ करने की फिराक में थे. उनका मकसद तीन तरह के हमले करना था, जिसमें नियमित आतंकी गोलीबारी, BAT ऑपरेशन और IED विस्फोट शामिल था.
पाकिस्तान की तरफ से की गई घुसपैठ का ही नतीजा है, जिसकी वजह से 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ. अटैक में 26 लोगों की मौत हो गई. इसकी जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट संगठन TRF ने ली थी. हालांकि, पाकिस्तान इसको मानने को तैयार नहीं है. भारत ने आतंकियों की घुसपैठ की खुफिया जानकारी दी. इनमें Border Action Team (BAT) बेहद खतरनाक माना जाता है. इसमें आमतौर पर 5-6 पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकियों की टीम होती है. ये रात में भारतीय सैनिकों पर हमला करती है. इन हमलों में सिर काटने जैसे बर्बर तरीकों का इस्तेमाल होता है. हमले के बाद ये टीमें सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों पर लौट जाती हैं, जो आतंकवादी लॉन्च पैड का भी काम करती हैं.
आतंकी घुसपैठ के लिए सुरंगों का इस्तेमाल
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक 22 सुरंगों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी सीमा पार करने के लिए करते रहे हैं. 2018 में पुलवामा के हमलावर उमर फारूक ने सांबा सेक्टर में सुरंग से प्रवेश किया था. 2016 के नगरोटा कैंप हमले में भी सुरंग का इस्तेमाल हुआ था. 2020 में मिली एक सुरंग 500 मीटर लंबी और 30 मीटर गहरी थी, जिसमें ऑक्सीजन पाइप लगे थे ताकि आतंकी लंबे समय तक छिपे रह सकें. इन सुरंगों का मुंह अक्सर भारतीय सीमा के नजदीक खुलता है और पाकिस्तान की ओर से उन्हें घनी घास, ऊंची झाड़ियों और खेतों की आड़ में छिपाया जाता है.
सीमा पर मौजूद आतंकी कौन, कहां और कितने?
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक 80% आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं, जबकि बाकी जैश-ए-मोहम्मद और अल-बद्र से. गुरेज, उरी, केरन, पुंछ, कृष्णा घाटी और सांबा जैसे क्षेत्रों में लगभग 167 से अधिक आतंकवादी दिसंबर 2024 में तैनात थे. इन सभी को घुसपैठ, गोलीबारी और विस्फोट के लिए ट्रेन किया गया था.
क्या खतरा टला नहीं है?
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान नई गहरी सुरंगें खोद चुका हैं, जिनका मुंह भारतीय सीमा में है. पाकिस्तान अपने पूर्व सैनिकों और ISI एजेंटों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहा है. सांबा, उरी, केरन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में घुसपैठ की सक्रिय कोशिशें अभी भी जारी हैं. भारत में 55-60 पाकिस्तानी आतंकवादी फिलहाल छिपे हो सकते हैं. ऐसे में भारत ने अब एंटी-टनल तकनीक, स्मार्ट फेंसिंग, और 24x7 निगरानी जैसे उपायों को तेजी से बढ़ा दिया है. BSF और सेना की तरफ से जमीनी स्तर पर जांच, ड्रोन निगरानी, और सैटेलाइट इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जारी है.
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Source: IOCL






















