भारत बना रहा 5th जेनरेशन फाइटर जेट, कब भरेगा पहली उड़ान? अमेरिका और रूस की कैटेगरी में होगा शामिल
भारत के सबसे महत्वाकांक्षी सैन्य विमानन कार्यक्रम को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. DRDO प्रमुख ने बताया कि देश का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट AMCA प्रोजेक्ट तय समय से आगे बढ़ रहा है.

अमेरिका ने हाल ही में एक ऑपरेशन कर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. वॉशिंगटन के इस कदम ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. सुरक्षा के लिहाज से भारत काफी संवेदनशील है. भारत ने अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना शुरू कर दिया है और अब 5th जेनरेशन फाइटर जेट बनाने की दिशा में भी अहम कदम उठा चुका है. इसे लेकर एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है, जिसके तहत पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट्स डेवलप किए जाएंगे.
भारत के सबसे महत्वाकांक्षी सैन्य विमानन कार्यक्रम AMCA को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने पुष्टि की है कि देश का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट AMCA प्रोजेक्ट तय समय से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान का पहला प्रोटोटाइप 2028 के अंत तक रोलआउट किया जाएगा, जबकि इसकी पहली उड़ान 2029 की शुरुआत में होने की योजना है.
अमेरिका, रूस और चीन की कैटेगरी में आ जाएगा भारत
बेंगलुरु में आयोजित तेजस-25 नेशनल सेमिनार के दौरान डॉ. कामत ने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा किया गया था, जो स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस की पहली उड़ान के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ. फाइटर जेट डेवलप होने के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन श्रेणी में आ जाएगा. बता दें कि मौजूदा समय में पांचवीं पीढ़ी के जेट्स में अमेरिकी F-35 और Su-57 टॉप पर हैं.
DRDO प्रमुख के अनुसार, AMCA प्रोग्राम अब केवल डिजाइन और कॉन्सेप्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वास्तविक विकास के चरण में प्रवेश कर चुका है. उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारतीय वायुसेना (IAF) की जरूरतों के अनुसार एक सख्त और समयबद्ध योजना के तहत आगे बढ़ रही है. साल 2028 में प्रोटोटाइप और 2029 में पहली उड़ान के बीच का कम अंतर यह दर्शाता है कि इस परियोजना को लेकर कई मोर्चों पर साथ काम किया जा रहा है.
तेजस परियोजना से सीखा सबक
AMCA को लेकर DRDO का भरोसा काफी हद तक तेजस कार्यक्रम से मिले अनुभव पर आधारित है. शुरुआती सालों में तेजस परियोजना को कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसी प्रक्रिया ने भारत को एक मजबूत घरेलू रक्षा औद्योगिक ढांचा तैयार करने में मदद की. तेजस के जरिए देश में आधुनिक फ्लाइट टेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल इंजीनियरों और तकनीशियनों की टीम और मजबूत सप्लाई चेन विकसित हुई.
मिशन 2047 पर नजर
तेजस-25 सेमिनार में भविष्य की ओर देखते हुए 2047 तक भारत को एक मजबूत और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति बनाने की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई. AMCA को इस विजन का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है. डॉ. समीर कामत के बयान से ये साफ पता चलता है कि भारत अब उन्नत सैन्य विमानन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और AMCA इस दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है.
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Source: IOCL























