एक्सप्लोरर

Xप्लेन: हमारा देश 'भारत' या 'इंडिया', आजादी के 79 साल बाद भी बहस क्यों?

Independence Day 2026: सवाल ये नहीं कि कौन सा नाम सही है. सवाल है कि क्या हम दोनों नामों को एक साथ कबूल कर सकते हैं. हमारी सबसे बड़ी विरासत एक शब्द नहीं, बल्कि ऐसी सभ्यता है जो कई इतिहासों से बनी है.

9 सितंबर 2023... दुनिया की ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं का G20 समिट दिल्ली में होना था. राष्ट्रपति भवन से मेहमानों को डिनर इन्विटेशन भेजा गया. इस बार इन्विटेशन पर 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' नहीं, बल्कि 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखा था. इस छोटे से बदलाव ने पूरे देश में हलचल मचा दी. विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या सरकार 'इंडिया' नाम को खत्म करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी ने कहा कि 'इंडिया' अंग्रेजों की देन है और 'भारत' हमारी पहचान है. इसी के साथ शुरू हुई बहस आज 2026 में भी जारी है. तो एक्सप्लेनर में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर जानते हैं- हमारा देश 'इंडिया' है या 'भारत'...

भारत के संविधान में क्या लिखा है?

आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी कि हमारे संविधान में देश के दो नाम हैं. संविधान का अनुच्छेद 1(1) साफ-साफ कहता है, 'India, that is Bharat, shall be a Union of States' यानी 'भारत, जो इंडिया है, राज्यों का एक संघ होगा.'


Xप्लेन: हमारा देश 'भारत' या 'इंडिया', आजादी के 79 साल बाद भी बहस क्यों?

ये कोई नई बात नहीं है. 26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ, तब से ये दोनों नाम आधिकारिक हैं. तो फिर बहस क्यों?

'भारत' कितना पुराना, 'इंडिया' कहां से आया?

'भारत' शब्द संस्कृत का है और ये करीब 2,000 साल से भी पुराने प्राचीन ग्रंथों में मिलता है. ये नाम राजा भरत से जुड़ा है, जिन्हें पौराणिक काल का एक महान राजा माना जाता है. प्राचीन ग्रंथों में 'भारतवर्ष' का जिक्र है, जो आज के भारत से भी बड़े क्षेत्र को दर्शाता था. यानी 'भारत' हमारी अपनी धरती का अपना नाम है.

'इंडिया' शब्द की जड़ें भी उतनी ही पुरानी हैं, लेकिन ये बाहर से आया है. ये नाम सिंधु नदी के नाम से बना है. फारसियों ने सिंधु को 'हिंदू' कहा, यूनानियों ने 'इंडोस' और फिर लैटिन में ये 'इंडिया' बन गया.

सबसे दिलचस्प बात है कि यह नाम अंग्रेजों से भी पुराना है. सिकंदर यानी एलेक्जेंडर द ग्रेट जब ईसा से 300 साल पहले आया था, तब भी वो इस धरती को 'इंडिया' ही कहता था. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी आने से पहले भी ये नाम दुनिया में जाना-पहचाना था.

तो फिर 'इंडिया' और 'भारत' नाम पर बहस क्यों छिड़ी?

सितंबर 2023 में G20 समिट के इन्विटेशन ने राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चेतावनी देते हुए कहा, 'भारत को बुलाने में कोई संवैधानिक आपत्ति नहीं है, लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार इतनी बेवकूफ नहीं होगी कि इंडिया को पूरी तरह खत्म कर दे, जिसकी सदियों में बनी ब्रांड वैल्यू अतुल्य है.'

वहीं बीजेपी सांसद हरनाम सिंह ने कहा, 'अंग्रेजों ने इंडिया शब्द को एक गाली के तौर पर इस्तेमाल किया, जबकि भारत हमारी संस्कृति का प्रतीक है.'

इसी दौरान विपक्षी दलों ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस यानी 'INDIA' नाम से गठबंधन बनाया. अब 'इंडिया' नाम सिर्फ देश का नाम नहीं रहा. ये विपक्ष का राजनीतिक ब्रांड भी बन गया. सरकार की तरफ से 'भारत' पर जोर देने को विपक्ष ने अपने गठबंधन को कमजोर करने की साजिश करार दिया.

2026 में इस मुद्दे पर क्या हुआ?

2026 में ये बहस सिर्फ राजनीति से निकलकर शिक्षा और प्रशासन तक पहुंच गई:

  • जून 2026: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कई यूनिवर्सिटियों ने डिग्री, मार्कशीट और सर्टिफिकेट पर 'इंडिया' की जगह 'भारत' छापना शुरू कर दिया. गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी, रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) जैसी संस्थाओं ने ये फैसला लिया.
  • जुलाई 2026: NCERT की हाई-लेवल कमेटी ने स्कूल की सभी किताबों में 'इंडिया' की जगह 'भारत' करने की सिफारिश की. हालांकि, अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है.

2026 के गणतंत्र दिवस के आधिकारिक मेमोरेंडम में भी 'गवर्नमेंट ऑफ इंडिया/ भारत सरकार' एक साथ इस्तेमाल किए गए.

अदालतें भी इससे अछूती नहीं

जून 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका को 'प्रतिनिधित्व' मानते हुए सरकार से कहा था कि वो देश का नाम 'इंडिया' से बदलकर 'भारत' करने पर विचार करे. सरकार की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश का पालन करे और 'इंडिया' की जगह 'भारत' करने की मांग पर विचार करे. कोर्ट ने कहा कि 'इंडिया' नाम 'औपनिवेशिक बोझ' है और इसे बदलने से नागरिकों को 'गुलामी की मानसिकता' से मुक्ति मिलेगी. हालांकि, इसी साल एक अन्य जनहित याचिका (PIL) को याचिकाकर्ता ने खुद वापस ले लिया.

मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने जून 2026 में एक याचिका पर सुनवाई तय की. इसमें सरकार को संविधान में संशोधन कर 'इंडिया' की जगह 'भारत' करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. याचिका में कहा गया कि इससे 'राष्ट्रीय गौरव की भावना' जागेगी.

क्या हमारे देश का नाम बदलना मुमकिन है?

संवैधानिक रूप से देश का नाम बदलना संभव है, लेकिन इतना आसान नहीं जितना लगता है.

संविधान का अनुच्छेद 368 संविधान में संशोधन की प्रक्रिया बताता है. नाम बदलने के लिए संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा से दो-तिहाई बहुमत चाहिए. चूंकि ये संघीय ढांचे से जुड़ा मामला है, इसलिए कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं की भी मंजूरी लेनी पड़ेगी.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि वर्तमान राजनीतिक हालात में इतना बड़ा बहुमत जुटाना नामुमकिन लगता है.

तो आखिर देश के नाम पर बहस क्यों है?

ये बहस सिर्फ नाम की नहीं है. ये पहचान की लड़ाई है. कौन सी पहचान हमारी असली पहचान है?

  • क्या हमें अपनी प्राचीन सभ्यता से जुड़ा 'भारत' कहलाना चाहिए?
  • या आधुनिक, वैश्विक और सेक्युलर पहचान 'इंडिया' को बरकरार रखना चाहिए?

ये बहस इसलिए भी जारी है क्योंकि संविधान ने दोनों नामों को जगह दी है. कोई भी पक्ष दूसरे को पूरी तरह खारिज नहीं कर सकता. राजनीति में 'इंडिया' गठबंधन और 'भारत' की सरकार आमने-सामने हैं, ये बहस और भी गरम होती रहेगी.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Xप्लेन: हमारा देश 'भारत' या 'इंडिया', आजादी के 79 साल बाद भी बहस क्यों?
हमारा देश 'भारत' या 'इंडिया', आजादी के 79 साल बाद भी बहस क्यों?
पूरा वंदेमातरम् गाए जाने पर सोनिया गांधी ने जताया ऐतराज, कांग्रेस मुख्यालय में विवाद
पूरा वंदेमातरम् गाए जाने पर सोनिया गांधी ने जताया ऐतराज, कांग्रेस मुख्यालय में विवाद
'दिमागी नक्सल' पर सियासी संग्राम! PM मोदी के भाषण के बाद क्या बोली कांग्रेस?
'दिमागी नक्सल' पर सियासी संग्राम! PM मोदी के भाषण के बाद क्या बोली कांग्रेस?
लालकिले पर समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी? खड़ा हुआ विवाद
लालकिले पर समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी, BJP बोली- अहंकार है
Advertisement

वीडियोज

51 साल, 51 कहानियां | Sholay | ABP News
Sansani | Crime News: 'मौत वाली पैटीज' से बच्चों को बचाओ !
Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सीएम विजय ने फहराया तिरंगा, पहली पंक्ति में दिखीं तृषा
सीएम विजय ने फहराया तिरंगा, पहली पंक्ति में दिखीं तृषा
'देशद्रोहियों की जान...', 15 अगस्त पर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
'देशद्रोहियों की जान...', 15 अगस्त पर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
'आइए ऐसे भारत का निर्माण करते हैं जो...' कोहली-रोहित ने यूं दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
'आइए ऐसे भारत का निर्माण करते हैं जो...' कोहली-रोहित ने यूं दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
सनी देओल की फिल्म से 300% ज्यादा कलेक्शन तो इस साउथ मूवी ने कर डाला, फ्राइडे को लूटा बॉक्स ऑफिस
सनी देओल की फिल्म से 300% ज्यादा कलेक्शन तो इस साउथ मूवी ने कर डाला, फ्राइडे को लूटा बॉक्स ऑफिस
खरगे ने फहराया तिरंगा, राहुल गांधी बोले- 'हर हाल में लोकतंत्र...'
खरगे ने फहराया तिरंगा, राहुल गांधी बोले- 'हर हाल में लोकतंत्र...'
PM मोदी ने लाल किले पर पहनी 'राजस्थानी पगड़ी, बंधेज का साफा क्यों है खास?
PM मोदी ने लाल किले पर पहनी 'राजस्थानी पगड़ी, बंधेज का साफा क्यों है खास?
Pankaj Bhadouria Chemotherapy Hair Loss: कीमो में बाल झड़ना महिलाओं को इतना क्यों तोड़ देता है? जानें वजह
कीमो में बाल झड़ना महिलाओं को इतना क्यों तोड़ देता है? जानें वजह
Saffron Cultivation: केसर की खेती भारत में कहां-कहां होती है, क्यों है इतनी मुश्किल?
केसर की खेती भारत में कहां-कहां होती है, क्यों है इतनी मुश्किल?
Embed widget