लाल किले पर समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी? खड़ा हुआ विवाद
स्वतंत्रता दिवस पर हर साल पीएम झंडा फहराते हैं. इस साल लाल किले के समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी नहीं पहुंचे थे. जिसके बाद बीजेपी ने बवाल खड़ा कर दिया है.

देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है. स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी लाल किले पर झंडा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं. लाल किले के समारोह में सरकार और विपक्ष दोनों ही नेता पहुंचते हैं. इस समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी नहीं पहुंचे हैं. जिसके बाद बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है.
लाल किले के इस समारोह में देश के कई बड़े नेता मौजूद थे. इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल थे. इसके अलावा देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव PK मिश्रा व शक्तिकांत दास जैसे बड़े अधिकारी भी उपस्थित थे.
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साधा निशाना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा- ''राहुल गांधी और खरगे को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए. जब प्रधानमंत्री जी भाषण देते हैं तो देश के प्रधानमंत्री होते हैं. कुछ वर्षों से यह इसका बायकॉट कर रहे हैं. राहुल गांधी की अपरिवक्ता के कारण ऐसा हो रहा है. राहुल की उदंडता की वजह से ऐसा हो रहा है. नकली गांधी परिवार के अहंकार की वजह से ऐसा हो रहा है. विपक्ष को आना चाहिए, यह गलत प्रथा को बढ़ा रहे हैं.''
'सोच समाज को बांटने वाली है'
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा कि ''क्या जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई सच्चा देशभक्त नेता ऐसा कर सकता है? भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का इस कार्यक्रम से दूरी बनाना 'वंदे मातरम' के प्रति उनकी नापसंदगी को दिखाता है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता (LoP) के पद के लायक नहीं हैं और उनकी सोच समाज को बांटने वाली विचारधारा जैसी है.''
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