कोरोना वायरस पर हुए रिसर्च में IIT बॉम्बे ने किया खुलासा, पतली तरल सतह पर जीवित रहता है वायरस
देशभर में अभी तक 92 लाख 66 हजार 705 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगातार इस पर रिसर्च जारी है.

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का संक्रमण देशभर में 92 लाख के आंकड़े को पार कर गया है. देशभर में अभी तक 92 लाख 66 हजार 705 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगातार इस पर रिसर्च जारी है.
आईआईटी-बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस पर हुई रिसर्च में इस बात का खुलासा किया है कि कोरोना वायरस के कण पतली फिल्म की सतह पर कई दिनों तक जीवित रह सकते हैं. कोरोना पर हुई कुछ रिसर्च बताती हैं कि कोरोना वायरस के कण एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य तक हवा में मौजूद कणों से फैल सकता है.
कोरोना वायरस पर हुई कुछ रिसर्च बताती हैं कि इसके कण छींक या सांस के रूप में शरीर से बाहर आई हवा की बूंदों से भी फैल सकता है. फिलहाल यह रिसर्च बताती हैं कि कोरोना वायरस के कण इन परिस्थिती में ज्यादा समय तक आक्रामक नहीं होते.
फिलहाल आईआईटी-बॉम्बे में हुई रिसर्त बताती है कि कोरोना वायरस के कण किसी भी पतली फिल्म पर चिपक कर कई दिनों तक जिंदा रह सकते हैं. जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि कैसे लंदन-वैन डेर वाल्स बल के कारण नैनोमीटर की पतली फिल्म की सतह पर कोरोना वायरस के कण घंटों तक जीवित रह सकते हैं.
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