राजनाथ सिंह बताएं कि क्या है कश्मीर के स्थाई समाधान का मतलब: कांग्रेस

नई दिल्ली: कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस ने केन्द्र की बीजेपी सरकार और जम्मू-कश्मीर की पीडीपी-बीजेपी सरकार द्वारा अलग अलग राग अलापने का आरोप लगाया. इसके साथ ही कांगेस ने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से सवाल किया कि उन्होंने कश्मीर के स्थायी समाधान के बारे में जो बयान दिया था, उसका क्या मतलब है.
हमने कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान ढूंढ लिया है: राजनाथ सिंह
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह का मीडिया में आज एक विचित्र बयान आया है कि हमने कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान ढूंढ लिया है. तिवारी ने कहा कि हम सरकार से जानना चाहते हैं कि इस स्थायी समाधान का परिप्रेक्ष्य क्या है, इसकी रूपरेखा क्या है और इसे सरकार कैसे क्रियान्वित करने की योजना बना रही है.
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इतिहास के पन्ने पलट कर देखना चाहिए कि इस शब्दावली (स्थायी समाधान) के परिणाम कितने घातक हैं. इतिहास के जानकार ही हमारी इस बात को सही परिप्रेक्ष्य में समझ सकते हैं. गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी का विचारधारा के स्तर पर बेमेल गठबंधन है. कश्मीर की स्थिति बहुत संवेदनशील हो गयी है.’’
बीजेपी गठबंधन और सरकार से अलग क्यों नहीं हो जाती ?
तिवारी ने कहा, ‘‘एक तरफ जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान से, हुर्रियत के साथ बातचीत करने की बात करती है. उन्होंने यहां तक कहा है कि ऐसा करना गठबंधन के एजेंडा का हिस्सा है. दूसरी तरफ केन्द्र सरकार और बीजेपी है, जो दोनों बातों से साफ इंकार करती है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपका जम्मू कश्मीर में तालमेल बिगड़ गया है तो आप राज्य में सरकार क्यों चला रहे हैं. बीजेपी गठबंधन और सरकार से अलग क्यों नहीं हो जाती. अगर मुख्यमंत्री को लग रहा है कि गठबंधन के एजेंडा को कूड़ेदान में फेंक दिया गया है तो वह गठबंधन सरकार में क्यों बनी हुई हैं.’’
पिछले एक साल से कश्मीर की स्थिति में कोई सुधार नहीं
तिवारी ने कहा कि पिछले एक साल से कश्मीर की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है. परिस्थितियां बिगड़ती जा रही हैं. केन्द्र सरकार समय समय पर ऐसी ऐसी शब्दावलियों का इस्तेमाल कर रही है कि शायद उन्हें भी उसका अर्थ नहीं मालूम. पिछले साल गृह मंत्री ने जम्मू कश्मीर दौरे के समय यह बयान दिया था कि कश्मीर मुद्दे का हल कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत के दायरे में किया जाएगा. आज वह स्थायी समाधान की बात करते हैं. जब उनसे पूछा जाता है कि यह स्थायी समाधान क्या है तो उनके पास उसका कोई जवाब नहीं है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि केन्द्र सरकार को यह बात बहुत स्पष्ट रूप से समझ लेनी चाहिए कि जिस प्रकार वह कश्मीर की स्थिति से खिलवाड़ कर रहे हैं, उससे राष्ट्रीय सुरक्षा को बहुत नुकसान होगा.
''हम थलसेना की अध्यक्ष की जो वेदना है, उसे समझते हैं''
थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के बयान के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में तिवारी ने कहा, ‘‘हम थलसेना की अध्यक्ष की जो वेदना है, उसे समझते हैं. सेना एक कठिन परिस्थिति से निपट रही है. यह बात भी सच है कि भारतीय सेना का विद्रोह संबंधी गतिविधियों से निबटने का लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने कहा कि विद्रोह संबंधी गतिविधियों से निबटने के अभियानों जुड़े जो मानक हैं, उनमें एक यह भी है कि लोगों के दिल और दिमाग जीते जाएं.’’
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा अलगाववादियों से बात किये जाने के बारे में कांग्रेस की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर तिवारी ने कहा कि हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवन्त सिन्हा ने भी हुर्रियत नेताओं से बातचीत की थी.
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