हिमाचल के कुल्लू मनाली में 23 साल बाद आई भयानक बाढ़, जनजीवन अस्तव्यस्त
कुल्लू प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को घर खाली करने का निर्देश जारी किया है.

नई दिल्ली: हिमाचल के कुल्लू मनाली में रविवार को व्यास नदी में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए. बाढ़ का पानी कई राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी आ गया जिससे आने-जाने वाले पर्यटकों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. साल 1995 के बाद ऐसा मंजर पहली बार देखने को मिला है.
इसके साथ ही कुल्लू प्रशासन ने व्यास नदी के आसपास वाले इलाकों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को घर खाली करने का निर्देश जारी कर दिया है. वहीं चंडीगढ़ में मनाली राष्ट्रीय हाईवे एनएच-3 के करीब हणोगी माता मंदिर के पास सड़क पर व्यास नदी का पानी आ गया है. फिलहाल, इस हाईवे से आवाजाही रोक दी गई है. इससे पहले शनिवार को मौसम विभाग ने आशंका जताई थी कि अगले 24 घंटे में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत मध्यप्रदेश में भारी बारिश हो सकती है.
मध्यप्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी
बताया जा रहा है कि देर रात से हो रही बारिश के चलते व्यास नदी अपने उफान पर है. पिछले दिनों बाढ़ के कारण केरल में भी भारी तबाही हुई थी. इसमें करीब 14 जिले प्रभावित हुए थे और 488 लोगों की मौत हुई थी. इसके कारण पूरा राज्य अस्त व्यस्त हो गया था.
अगस्त में देश भर में सामान्य से कम रहा मानसून: आईएमडी
देश के पूर्वी हिस्से में डे तूफान की वजह से तेज बारिश हुई जिससे ओडिशा के मलकानगिरी जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए. यहां पर कई जगह सड़कों पर खड़े वाहन बाढ़ में डूब गए. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक, लगातार तीसरे महीने कम बारिश हुई. अगस्त में दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 92 फीसदी दर्ज किया गया कि जबकि जून में यह 95 फीसदी और जुलाई में 94 फीसदी था.
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Source: IOCL






















