फुकेट-दिल्ली फ्लाइट मामले में सरकार सख्त, एयर इंडिया के इस बड़े अधिकारी को समन
रविवार (9 अगस्त) को जो जानकारी सामने आई, उसके तहत फ्लाइट के दोनों पायलट को रोस्टर से हटा दिया गया है. इस दौरान नियमों के तहत दोनों पायलटों का नशीले प्रदार्थ से जुड़ा स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया.

फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट मामले को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है. एयर इंडिया के निवर्तमान सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर कैंपबेल विल्सन को मंगलवार (11 अगस्त) को समन जारी किया है. इसके अलावा एयर इंडिया टर्बुलेंस मामले को लेकर नागर विमानन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा, DGCA के महानिदेशक वीर विक्रम यादव और AAIB के महानिदेश जीवीजी युगंधर के बीच अहम बैठक चल रही है (खबर लिखे जाने तक). मीटिंग में फ्लाइट की सुरक्षा और हादसे की जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हो रही है.
पायलटों पर हो चुका एक्शन, रोस्टर से हटाया
इधर, रविवार (9 अगस्त) को जो जानकारी सामने आई, उसके तहत फ्लाइट के दोनों पायलट को रोस्टर से हटा दिया गया है. इस दौरान नियमों के तहत दोनों पायलटों का नशीले प्रदार्थ से जुड़ा स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया.
मंत्रालय ने बताया था कि विमान के कमांडर यानी पायलट इन कमांड का रिजल्ट ऐसा था कि उसकी पुष्टी के लिए दोबारा जांच जरूरी थी. इसके लिए सैंपल तय लैब में भेजे गए. अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है. मंत्रालय ने साफ किया है कि यह टेस्ट हर ऐसी घटना के बाद होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. रिपोर्ट आने तक यह नहीं कहा जा सकता कि नतीजा क्या होगा, लेकिन दोनों पायलट फिलहाल उड़ान नहीं भरेंगे. जांच पूरी होने तक डीजीसीए ने दोनों पायलटों को रोस्टर से हटा दिया. यानी वे अब कोई उड़ान नहीं भरेंगे. जांच के रिजल्ट और लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.'
क्या है पूरा मामला?
मामला 4 अगस्त का है. जब एयर इंडिया की थाइलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट में अचानक से भयंकर टर्बुलेंस हुआ था. उड़ान के दौरान विमान अचानक से नीचे आने लगा. हालांकि, इसके बाद फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया. इस टर्बुलेंस की वजह से 12 यात्री और क्रू घायल हो गए. इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया. सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित बाहर निकल गए.















