करोड़ों रुपए का हैश ऑयल पकड़ा गया, जानें कहां से आया, क्या है पूरा मामला
हैदराबाद टास्क फोर्स ने 2 बड़े एंटी-ड्रग ऑपरेशन में अंतर-राज्यीय हैश ऑयल रैकेट का भंडाफोड़ किया है. लॉबी नाम का संदिग्ध, जिसे ओडिशा का मुख्य सप्लायर माना जा रहा है, वो अभी फरार है.

हैदराबाद टास्क फोर्स ने 2 बड़े एंटी-ड्रग ऑपरेशन में अंतर-राज्यीय हैश ऑयल रैकेट का भंडाफोड़ किया है. एर्रागड्डा और जुबली हिल्स में 3.12 करोड़ रुपये कीमत का 25 लीटर हैश ऑयल जब्त किया गया और 5 कथित ड्रग पेडलर्स और 2 ग्राहकों को गिरफ़्तार किया गया. ये कार्रवाई ओडिशा से जुड़े सप्लाई नेटवर्क की जांच के दौरान की गई.
पहले ऑपरेशन में, टास्क फोर्स (जुबली हिल्स) और बोराबंदा पुलिस ने एर्रागड्डा में लासांगी याकोबू उर्फ वेंकट और येन्द्रापल्ली सूरी बाबू को गिरफ़्तार किया और 2.96 करोड़ रुपये की कीमत का 23.706 लीटर हैश ऑयल और 2 मोबाइल फोन जब्त किए. पुलिस के अनुसार आंध्र प्रदेश के ऑटो ड्राइवर याकोबू को पहले 2016 में गांजा तस्करी के मामले में गिरफ़्तार किया गया था और वह बोराबंदा पुलिस स्टेशन में दर्ज NDPS मामले में भी फरार था.
अधिकारियों ने बताया कि दोनों ने कथित तौर पर ओडिशा से जुड़े सप्लायर्स से हैश ऑयल लिया था. इसे ट्रेन से हैदराबाद लाए थे और बेंगलुरु जाने वाली बस में बैठकर खेप पहुंचाने का इंतजार कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ा गया. दूसरे ऑपरेशन में, टास्क फोर्स (सिकंदराबाद) और जुबली हिल्स पुलिस ने जुबली हिल्स रोड नंबर 10 पर बी चिन्नय्या पाडल, पी भरत कुमार और मो. शोएब को गिरफ़्तार किया, साथ ही ग्राहकों बी कल्याण तेजा और टी उदय कुमार को हिरासत में लिया.
ओडिशा का मुख्य सप्लायर फरार
पुलिस ने 16 लाख रुपये की कीमत का 1.250 लीटर हैश ऑयल जब्त किया, जिसमें 75 छोटे कंटेनर और एक बाइक शामिल थी. लॉबी नाम का एक संदिग्ध, जिसे ओडिशा का मुख्य सप्लायर माना जा रहा है, वो अभी फरार है.
पुलिस ने क्या कहा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भरत कुमार और शोएब ने कथित तौर पर चिन्नय्या पाडल से हैश ऑयल लिया, उसे छोटे कंटेनरों में दोबारा पैक किया और भारी मुनाफे के लिए हैदराबाद में बेचा. बताया जाता है कि भरत कुमार पहले भी संपत्ति से जुड़े 18 अपराधों में शामिल रहा है, जबकि कल्याण तेजा पर पहले NDPS का मामला दर्ज है.
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