रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ गुरुग्राम जमीन मामले में FIR दर्ज, पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा का नाम भी शामिल
गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में स्काईलाइट कंपनी ने डीएलएफ से लोन लेकर साढ़े सात करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी और जमीन का लैंड यूज बदलने के बाद 58 करोड़ रुपये में बेच दी थी.

नई दिल्लीः गुरुग्राम जमीन घोटाला मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज हुई है. एफआईआर में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हूडा का भी नाम है. गुरुग्राम में जमीन घोटाले के आरोप में वाड्रा के खिलाफ पहली बार केस दर्ज हुआ है. गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में स्काईलाइट कंपनी ने डीएलएफ से लोन लेकर साढ़े सात करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी और जमीन का लैंड यूज बदलने के बाद 58 करोड़ रुपये में बेच दी थी. डील के वक्त स्काईलाइट कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा डायरेक्टर थे.
ये मामला 2007 का है जब रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी और एफआईआर में आरोप है कि उन्होंने हुड्डा सरकार में अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल करते हुए इसको कमर्शियल रूप से डेवलप करने के लिए सेक्टर 83 में एक लाइसेंस लिया. हालांकि 3 साल तक इस जमीन को डेवलप नहीं किया गया और इसके लाइसेंस को रिन्यू कराने के बाद डीएलएफ को ये जमीन 58 करोड़ रुपये यानी भारी मुनाफे में बेच दी गई. इसके अलावा गुड़गांव और वजीराबाद के अलग अलग हिस्सों में में डीएलएफ को 350 एकड़ की और जमीन दी गई जिससे कंपनी को 5000 करोड़ रुपये का और फायदा पहुंचाया गया.
इसके अलावा सवाल ये भी है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी की पूंजी कुल 1 लाख रुपये ही थी और ये कंपनी इतने बड़े सौदे कैसे कर रही थी इसको साफ नहीं किया गया. इस काम में सरकारी ऑफिसर और खुद भूपिंदर सिंह हुड्डा का नाम सामने आ रहा है. ये वही मामला है जिस पर सबसे पहले आईएएस ऑफिसर अशोक खेमका ने भी सवाल उठाए थे लेकिन इस मुद्दे पर हुड्डा सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया और ये साफ तौर पर सोनिया गांधी के दामाद को फायदा पहुंचाने का मामला है.
मामला क्या है ? मामला 2007 का है जब 1 लाख रुपये की मूल पूंजी वाली वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट ने 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टी से 7.5 करोड़ रुपये में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी. 7.5 करोड़ रुपये की जमीन के लिए डीएलएफ कंपनी से लोन लिया और वही जमीन लैंड यूज चेंज होने के बाद 58 करोड रुपये में डीएलएफ को ही बेच दी. वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट ने गुरुग्राम के शिकोहपुर में भी जमीन खरीदी थी और इसे डीएलएफ को बेच दिया.
एबीपी न्यूज़ के पास इस एफआईआर की कॉपी है और इसमें बड़े अफसरों के साथ मिलकर राजनेताओं को फायदा पहुंचाने का मामला बताया गया है. इस एफआईआर में उस समय के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा का भीन नाम शामिल है और बताया गया है कि इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई थी लेकिन इसे भी हुड्डा सरकार ने खारिज कर दिया था और इस जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया.
कौन हैं रॉबर्ट वाड्रा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई हैं रॉबर्ट वाड्रा और इनकी 1997 में सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका से वाड्रा की शादी हुई थी. 1997 में सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका से वाड्रा की शादी हुई थी. रॉबर्ट वाड्रा बाइक्स और कार के शौकीन हैं और बड़े बिजनेसमैन है.
समय समय पर बीजेपी इस मुद्दे को उठाती रही है और अब एफआईआर दर्ज होने के बाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. हालांकि दो दिन पहले ही मुंबई में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और सरकार के पास उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं है लेकिन वो (बीजेपी) वाले बार-बार उन्हें परेशान करने की कोशिश करते हैं. मैं इसी देश में रहता हूं और सरकार के पास मेरी सारी जानकारी है और मुझे किसी बात का डर नहीं है.
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