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Xप्लेन: SIR में जितने नाम कटे उतने मतदाता दुनिया के 180 देशों में नहीं, डेटा देखें

ब्राजील में 2022 के आम चुनावों में कुल 11.18 करोड़ (111.8 मिलियन) वोट पड़े थे. यानी जितने नाम भारत में मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उतने वोट ब्राजील जैसे विशाल देश के पूरे चुनाव में भी नहीं पड़े थे.

भारत में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और असम में विशेष पुनरीक्षण (SR) अभियान के तहत देश की मतदाता सूची में एक बड़ा फेरबदल देखा जा रहा है. आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से अब तक देश भर में लगभग 11.83 करोड़ (118.3 मिलियन) मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं. यह आंकड़ा पूर्व-पुनरीक्षण मतदाता सूची का कुल 12.1% है.

इस कटौती के विशाल पैमाने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह संख्या ब्राजील के 2022 के आम चुनावों में पड़े कुल वोटों (11.18 करोड़) से भी अधिक है. वैश्विक संदर्भ में देखा जाए तो भारत और चीन को छोड़कर दुनिया के केवल 14 देशों की कुल आबादी ही 10 करोड़ से ज्यादा है. यानी भारत में जितने नाम सूची से काटे गए हैं, वह जापान, ब्रिटेन, जर्मनी या मिस्र जैसे विशाल देशों की कुल आबादी के लगभग बराबर है.

1. राज्यों में अलग-अलग चरण और नाम हटाने का आंकड़ा

देश भर के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को छोड़कर) में SIR  प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही है.

कुल नाम कटौती: अब तक देश भर में 11.83 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं.

विभिन्न श्रेणियां

-5 राज्य/यूटी (बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी): यहां SIR का ड्राफ्ट जारी होने और आपत्तियों के निस्तारण के बाद चुनाव भी संपन्न कराए जा चुके हैं.

-8 राज्य/यूटी (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, गोवा, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप): यहां SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी चुनाव होना बाकी है.

-17 राज्य/यूटी: इन राज्यों में केवल SIR ड्राफ्ट रोल जारी किया गया है.

-असम: यहां अलग से स्पेशल रिवीजन (SR) प्रक्रिया लागू की गई.

इन देशों की आबादी या वोटर्स की भी इतनी संख्या नहीं

भारत में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के दौरान 11.83 करोड़ (118.3 मिलियन) फर्जी, डुप्लिकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. हटाए गए नामों की यह संख्या दुनिया के 180 से भी अधिक देशों की कुल आबादी या कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या से अधिक है. तुलना के लिए कुछ देशों का उदाहरण देखिए

-ब्राजील: ब्राजील में 2022 के आम चुनावों में कुल 11.18 करोड़ (111.8 मिलियन) वोट पड़े थे. यानी जितने नाम भारत में मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उतने वोट ब्राजील जैसे विशाल देश के पूरे चुनाव में भी नहीं पड़े थे.

-जर्मनी: जर्मनी में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या लगभग 6 करोड़ है. भारत में हटाए गए नामों की संख्या जर्मनी के कुल मतदाताओं से लगभग दोगुनी है.

-ब्रिटेन / यूके : ब्रिटेन में कुल पंजीकृत मतदाता लगभग 4.7 करोड़ हैं.

-फ्रांस: फ्रांस में कुल पंजीकृत मतदाता लगभग 4.9 करोड़ हैं.

-इतालवी / इटली : इटली में कुल मतदाता लगभग 5.1 करोड़ हैं.

-कनाडा : कनाडा में कुल पंजीकृत मतदाता लगभग 2.7 करोड़ हैं.

अब तक, SIR के बाद हुए चुनावों में कुल मतदान घटने के बजाय मतदान प्रतिशत में उछाल 

SIR प्रक्रिया के कारण मताधिकार से वंचित होने की संभावनाओं पर चर्चा करते समय यह सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है. हालांकि SIR प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में गलत तरीके से नाम हटाए जाने और सामाजिक रूप से सक्षम वर्ग पर भी अत्यधिक कागजी बोझ डाले जाने के प्रमाण मौजूद हैं, फिर भी 'व्यापक मताधिकार छीने जाने' के सिद्धांत को साबित करने के लिए SIR से पहले और SIR के बाद के चुनावों के बीच कुल मतदान  में गिरावट दिखनी चाहिए थी. राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर अब तक ऐसा नहीं हुआ है.

SIR के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं वहां मतदान कितना

विवरण बिहार केरल पुडुचेरी तमिलनाडु पश्चिम बंगाल
SIR के बाद मतदान (%) 67.22 79.4 91.11 85.91 93.58
SIR से पहले विधानसभा चुनाव का मतदान (%) 57.22 74.06 81.68 72.82 81.69
SIR के बाद विधानसभा चुनाव में पड़े वैध वोट (मिलियन में) 50.2 21.6 0.9 49.3 63.8
2024 लोकसभा चुनाव में पड़े वैध वोट (मिलियन में) 43.4 20 0.8 43.7 60.5
SIR से पहले विधानसभा चुनाव में पड़े वैध वोट (मिलियन में) 42.1 20.8 0.8 46.2 60.1

(स्रोत: ECI - भारत निर्वाचन आयोग)

संकल्प ठाकुर पिछले 10 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत न्यूज़ 24 से की, इसके बाद न्यूज़ नेशन में कार्य किया. वर्तमान में वह एबीपी हिंदी डिजिटल में डिप्टी प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले सात वर्षों से संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें खेल, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और चुनावी राजनीति से जुड़ी खबरों की गहरी समझ है. इसके अलावा साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता का क्षेत्र है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.

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