सर्जियो गोर ने J&K पर बोला सच तो भड़का पाक, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दुनिया के सामने जम्मू-कश्मीर का सच बताया तो पाकिस्तान भड़क गया, लेकिन अब एक्सपर्ट्स भी पीओके में होने वाले अत्याचारों के बारे में बताकर पाकिस्तान का सच उजागर कर रहे हैं.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बयान के बाद पाकिस्तान भड़क गया है. पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिका की चार्ज डी'अफेयर्स नताली बेकर को तलब किया और सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर यात्रा के दौरान वहां के बारे में की गई टिप्पणियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. लेकिन इस मामले में एक्सपर्ट्स पाकिस्तान के सच को उजागर कर रहे हैं.
पूरे मामले पर रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड कैप्टन अनिल गौर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के दौरे पर आए अमेरिकी राजदूत के बयान के बारे में मेरा मानना है कि यह सच्चाई को दर्शाता है. अब पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार फैलाया जाने वाला प्रोपेगैंडा झूठा है.
Jammu, Jammu & Kashmir: On US Ambassador Sergio Gor's statement that Jammu and Kashmir is an integral part of India, Defence expert Cap. Anil Gour (Retd) says, "Regarding the statement made by the US Ambassador who is currently on a visit to Kashmir, I feel this reflects reality.… pic.twitter.com/lTtfGWM1IV
— IANS (@ians_india) August 19, 2026
उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जो अशांति है और जहां से ऐसी आवाजें उठ रही हैं कि वे पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते और भारत में शामिल होना चाहते हैं- सर्जियो गोर ने इस सच्चाई की पुष्टि की है.
बहुत पहले आ जाना चाहिए था यह बयान
इस संबंध में पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के स्टेटस पर सर्जियो गोर का बयान बहुत अच्छा है और शायद बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था. मुझे उम्मीद है कि यह भारत को प्रेसिडेंट ट्रंप के टुकड़े देने की एक और कोशिश नहीं है, जबकि मुख्य खाना कहीं और परोसा जा रहा है. अगर इस्लामाबाद में अमेरिकन एम्बेसडर इसे दोहराते हैं तो इससे भारत में इस तरह के नज़रिए के लंबे समय तक चलने वाले असर के बारे में और भरोसा बढ़ेगा.
पीओके में गरीबी और जुल्म से परेशान हैं लोग
उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि इससे पाकिस्तान के साथ अपने गठबंधन की वजह से इस इलाके को क्रॉस-टाईज से देखने की अमेरिकन आदत भी खत्म हो जाएगी. शायद पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद साथी ने भी आज पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जो हो रहा है, उसकी असलियत देख ली है, जहां लोग गरीबी और ज़ुल्म से परेशान हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने हमेशा पीओके को एक कॉलोनी की तरह माना है.
अमेरिकी विदेश नीति पर भी दी प्रतिक्रिया
उन्होंने भारत-पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी विदेश नीति पर कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप के अंडर इस इलाके के लिए अमेरिकन पॉलिसी में सबसे जरूरी डेवलपमेंट भारत को हिंद महासागर और वेस्ट एशिया की स्टेबिलिटी और सिक्योरिटी आर्किटेक्चर से अलग करना है. यह तब साफ हुआ जब प्रेसिडेंट ट्रंप ने काफी सोच-समझकर इंडो-पैसिफिक से इंडो शब्द हटा दिया. दिल्ली में अमेरिकी एम्बेसडर ठीक से नहीं बता पाए कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन हम अमेरिकी पॉलिसी में इस बड़े बदलाव का मतलब समझ गए.
अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करेगा अमेरिका
वहीं, अमेरिका जम्मू-कश्मीर की यात्रा को लेकर जारी अपनी एडवाइजरी की दोबारा समीक्षा करेगा. उमर अब्दुल्ला के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में गोर ने कहा कि केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. अमेरिका समय-समय पर अपनी यात्रा संबंधी चेतावनियों की समीक्षा करता है. अभी कोई बड़ी घोषणा नहीं की जा सकती, लेकिन इस एडवाइजरी को कम करने पर विचार किया जाएगा.
अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती का किया जिक्र
गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर खूबसूरत क्षेत्र है और उन्हें लगता है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी यहां की प्राकृतिक सुंदरता और यहां मौजूद अवसरों को देखने आना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और स्थानीय सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को देखते हुए यात्रा चेतावनी में बदलाव की संभावना पर विचार किया जाएगा.
अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान नाराज
इधर, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर सर्जियो गोर के बयान पर बुधवार को अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स नताली बेकर को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित क्षेत्र है और इसका अंतिम फैसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों तथा कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए.
अमेरिका से बयान पर आपत्ति
पाकिस्तान ने कहा कि सर्जियो गोर का बयान अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे रुख के खिलाफ है और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना से भी मेल नहीं खाता. साथ ही, पाकिस्तान ने पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद कश्मीर मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश का जिक्र किया. पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि उसके सार्वजनिक बयान जम्मू-कश्मीर के विवादित दर्जे के अनुरूप होने चाहिए.























