16,000 करोड़ रुपये के फेज-2 विस्तार के तहत, दिसंबर 2028 तक इसकी वार्षिक क्षमता 57 लाख TEUs हो जाएगी। इससे 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विझिंजम पोर्ट से शुरू हुए इग्जिम ऑपरेशंस, खुला केरल के वैश्विक व्यापार का नया द्वार
Vizhinjam Port in Keralam: 16,000 करोड़ रुपये के फेज-2 एक्सपैंसन के तहत, सीपोर्ट की सालाना क्षमता को दिसंबर 2028 तक बढ़कर 57 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (TEUs) हो जाएगी.

- फेज-2 विस्तार से क्षमता बढ़ेगी, हजारों रोजगार सृजित होंगे।
भारत के केरलम राज्य में बने देश के पहले गहरे पानी के कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त, 2026) को पूरी तरह से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) ऑपरेशन्स को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है. यह हाई-परफॉर्मिंग ट्रांसशिपमेंट हब अब भारतीय व्यापार और वैश्विक बाजारों के लिए एक प्रमुख गेटवे के रूप से बदल गया है, जिससे अब केरल के लिए वैश्विक व्यापार का नया द्वार खुल गया है.
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रास्तों से महज 10 नॉटिकल मील की दूरी पर स्थित विझिंजम में नैचुरल रूप से 18-20 मीटर गहराई का ड्राफ्ट है और यह अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (ULCVs) को संभालने में सक्षम है. इससे वैश्विक समुद्री व्यापार के तस्वीर पर भारत की स्थिति और मजबूत होती है.
EXIM ऑपरेशन के शुरुआत पर बोले केरलम के CM सतीशन
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट पर EXIM ऑपरेशंस के औपचारिक शुरुआत के मौके पर केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा, ‘यह हमारे लिए गर्व का पल है और विझिंजम अब दुनिया के लिए एक प्रवेश द्वार बन गया है. हमारे सामने चुनौती इस मौके का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की है. इसके लिए विझिंजम को आधार बनाकर मिशन समुद्र को आगे बढ़ाना होगा, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना होगा और प्राइवेट निवेश को बढ़ावा देना होगा. सरकार रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण पर 3,200 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वहीं, प्राइवेट इंवेस्टमेंट लाने के लिए बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है.’
Kerala's new gateway to global trade. Vizhinjam - India's first deep sea transshipment mother port - is commencing full-scale EXIM operations#Vizhinjamport #Keralagovernment #VDSatheesan pic.twitter.com/0AFhPHlvtd
— Kerala Government | കേരള സർക്കാർ (@iprdkerala) August 18, 2026
16 हजार करोड़ रुपये से फेज-2 का किया जा रहा विस्तार
16,000 करोड़ रुपये के फेज-2 एक्सपैंसन के तहत, सीपोर्ट की सालाना क्षमता को दिसंबर 2028 तक बढ़कर 57 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (TEUs) हो जाएगी. इससे 5,000 से अधिक डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार के अवसर पैदा होंगे और केरल में व्यापार, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल गतिविधियों के व्यापक इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा.
EXIM ऑपरेशन की शुरुआत से क्या होगा फायदा?
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट पर EXIM ऑपरेशंस की शुरुआत से भारत के समुद्री व्यापार की दक्षता पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा. इस व्यवस्था से विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम करने, माल की आवाजाही में लगने वाले समय को घटाने और सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार करने में मदद मिलेगी.
इसका महत्व भारत की समुद्री प्रतिस्पर्धात्मकता के लिहाज से भी काफी अधिक है. वर्तमान में भारत के 75 प्रतिशत से अधिक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो का संचालन विदेशी बंदरगाहों के माध्यम से होता है, जिससे लॉजिस्टिक्स पर लगने वाला लागत और ट्रांजिट समय बढ़ जाता है, लेकिन विझिंजम में EXIM ऑपरेशन शुरू होने से इस संरचनात्मक निर्भरता को कम करने और भारत को अपने समुद्री व्यापार से अधिक कीमत देश में बनाए रखने में मदद मिलेगी.
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