एक्सप्लोरर

क्या आनन-फानन में चलाई गई हजारों बसों के चलते भी बढ़ा पलायन?

लॉकडाउन का एलान करते हुए प्रधानमंत्री ने अपील की थी कि लोग अपने घरों में रहे और दूरी बनाए रखें.लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर पलायन करने वाले लोगों की भीड़ दिखी.

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 3 दिनों से जो तस्वीर सामने आ रही हैं वह तस्वीरें सवाल खड़े कर रही हैं कि क्या जिस तरह से हजारों लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हैं उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस मकसद को पराजित कर दिया है जिसके तहत 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की गई थी.

लॉकडाउन का एलान करते हुए प्रधानमंत्री ने अपील की थी कि लोग अपने घरों में रहे और दूरी बनाए रखें. लेकिन सवाल यह है कि आखिर अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर निकल कैसे पड़े लोगों की मानें तो इसके लिए भी सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है आखिर कैसे चलिए अब आपको यह समझाते हैं.

बसों के चलने की जानकारी मिलने के बाद लोग घरों से निकले

सड़कों पर मौजूद हजारों लोगों से जब हमने सवाल पूछा कि आखिर क्या वजह रही जिसकी वजह से वह अचानक घरों से निकल पड़े तो लोगों का कहना था कि उनके पास रोजगार नहीं है खाने पीने का सामान नहीं है ऐसे में यहां रहे तो कैसे रहें.

लेकिन इस सब के बीच कुछ लोग ऐसे भी निकल के सामने आए जिन्होंने बताया कि ऐसे हालातों के बावजूद हम अपने घरों में मौजूद थे लेकिन जैसे ही जानकारी मिली कि सरकार और प्रशासन ने बसों को चलाने का फैसला किया है हम इस उम्मीद के सहारे अपने घरों से निकल लिए की अब अपने गांव और कस्बों तक पहुंच जाएंगे. पलायन कर रहे लोगों का कहना था कि वो इस वजह से अपने घरों से निकल लिए क्यों उनको उम्मीद है कि उनके गांवों और कस्बों में जिंदगी यहां की अपेक्षा कहीं आसान होगी.

क्या बिना तैयारी और योजना के चलाई गई बसों का खामियाजा देश को भुगतना पड़ेगा

लोगों से बातचीत करने के दौरान जो बात निकल कर सामने आई उसके मुताबिक तो जब तक सरकार ने बसों को चलाने का एलान नहीं किया था तब तक बड़ी संख्या में लोग घरों में मौजूद थे.

लेकिन जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि उनके पास बस से अपने गांवों और कस्बों तक जाने का विकल्प खुल गया है हजारों हजार की संख्या में लोग घरों से निकल लिए. सवाल ये उठता है कि सरकार और प्रशासन का यह कदम गलत तरह से उठाया गया कदम था या फिर जिस तरह बस चलाने का फैसला लिया गया वह बिना पूरी तैयारी के किया गया.

क्योंकि अगर बसें नहीं चलती तो शायद आज देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य इलाकों में ऐसे हालात नहीं बनते और इतनी बड़ी संख्या में लोग दिल्ली छोड़ कर देश के अन्य इलाकों में नहीं पहुंचते.

सवाल इस वजह से भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि जो लोग अब दिल्ली से देश के अन्य इलाकों में पहुंचे हैं उनमें से अगर कुछ भी कोरोना से प्रभावित हुए तो अब कोरोना महामारी देश के छोटे-छोटे इलाकों तक पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है. यही वह खतरा है जिससे बचने के लिए किया गया था 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया गया था.

ये भी पढ़ें-

स्पाइसजेट पायलट कोरोना वायरस से संक्रमित, चेन्नई से दिल्ली के बीच भरी थी आखिरी उड़ान

कोरोना: EPS पेंशनभोगियों के मंच का प्रधानमंत्री राहत कोष में एक दिन की पेंशन देने का एलान

अंकित गुप्ता abp न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. इनका अनुभव 18 से अधिक सालों का है. abp न्यूज़ से पहले ये न्यूज 24 और सहारा समय जैसे बड़े संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. अंकित लीगल और राजनीतिक बीट कवर करते हैं. इसके अलावा इन्होंने कई अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्टोरीज़ को भी को कवर किया है.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'अगर कोई ट्रस्टी मुसलमान होता तो...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में असदुद्दीन ओवैसी का तंज
'अगर कोई ट्रस्टी मुसलमान होता तो...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में असदुद्दीन ओवैसी का तंज
केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ इंडिया गठबंधन की 23 पार्टियों का एक्शन, CJI सूर्यकांत को भेज दी चिट्ठी
केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ इंडिया गठबंधन की 23 पार्टियों का एक्शन, CJI को भेज दी चिट्ठी
बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती
बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती
'अगर मैं मुस्लिम होता तो...', कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के बयान ने मचाया बवाल
'अगर मैं मुस्लिम होता तो...', कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के बयान ने मचाया बवाल

वीडियोज

Weather Alert: आसमान में बादल हैं, तो फिर बारिश क्यों गायब है? क्या खतरा मंडरा रहा है? ABPLIVE
लॉरेन्स का खूनी प्लान...टारगेट पर सलमान ?
Panna Diamond Mine| Labourer Found Diamond: रातों-रात करोड़पति बना मजदूर!
Climate Change | Global Weather Update | Janhit: मौसम की मार या प्रलय की आहट?
Weather Update | Bharat ki Baat | अलनीनो का आफत काल,मॉनसून का मायाजाल | Latest News | Breaking News

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'अगर मैं मुस्लिम होता तो...', कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के बयान ने मचाया बवाल
'अगर मैं मुस्लिम होता तो...', कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के बयान ने मचाया बवाल
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: CCTV का जिम्मा संभाल रहे अर्जुन देव का ट्रांसफर, 17 साल बाद हटाए गए
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: CCTV का जिम्मा संभाल रहे अर्जुन देव का ट्रांसफर, 17 साल बाद हटाए गए
'अगर कोई ट्रस्टी मुसलमान होता तो...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में असदुद्दीन ओवैसी का तंज
'अगर कोई ट्रस्टी मुसलमान होता तो...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में असदुद्दीन ओवैसी का तंज
भारत की हार पर भड़के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी, गौतम गंभीर पर कहा- 'ड्रेसिंग रूम में बैठा वह शख्स...'
भारत की हार पर भड़के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी, गौतम गंभीर पर कहा- 'ड्रेसिंग रूम में बैठा वह शख्स...'
Deeol Band 2 BO Collection Day 40: 10 करोड़ बजट और 634% प्रॉफिट, 40 दिनों से बॉक्स ऑफिस लूट रही ये मराठी फिल्म, कलेक्शन जान उड़ जाएंगे होश
10 करोड़ का बजट और 634% प्रॉफिट, इस मराठी फिल्म की कमाई जान उड़ जाएंगे होश
अमेरिका में अब कुछ भी करेंगे डोनाल्ड ट्रंप? सुप्रीम कोर्ट ने दी राष्ट्रपति को खुली छूट, जानें क्या सुनाया फैसला?
अमेरिका में अब कुछ भी करेंगे ट्रंप? SC ने दी राष्ट्रपति को खुली छूट, जानें क्या सुनाया फैसला?
Ginger Tea Health Risks: फायदेमंद समझकर ज्यादा अदरक की चाय पीना पड़ न जाए भारी! आज ही जान लें ये जरूरी बातें
फायदेमंद समझकर ज्यादा अदरक की चाय पीना पड़ न जाए भारी! आज ही जान लें ये जरूरी बातें
Video: 13 हजार की नौकरी, खाते में आए सिर्फ 3800 रुपये- कर्मचारी और HR के बीच जमकर हुई बहस
13 हजार की नौकरी, खाते में आए सिर्फ 3800 रुपये- कर्मचारी और HR के बीच जमकर हुई बहस
Embed widget